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Moradabad News: ठाकुरद्वारा मार्ग पर एक मार्च से तेज होगा काम
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मुरादाबाद।
जिला प्रशासन की मदद से मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा बाईपास मार्ग की काफी जमीन कब्जा मुक्त होने पर ठेकेदार ने उस पर मिट्टी बिछाना शुरू कर दिया है। एसएलओ का कहना है कि एक मार्च से रोड का काम गति पकड़ेगा।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा रोड के बीच 38 किमी में 21 किलोमीटर का बाईपास बनेगा। सिर्फ 17 किलोमीटर रोड को डबल लेन से फोरलेन बनाना है। एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि नियमानुसार 90 प्रतिशत कब्जा मिलने पर ठेकेदार काम शुरू देता है। कागजात के हिसाब से 90 प्रतिशत जमीन जिला प्रशासन ने एनएचएआई को स्थानांतरित किया है लेकिन मौके पर अतिक्रमण नहीं हटने से जमीन को मुक्त कराना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने बाईपास की 17 किमी जमीन को साफ करा दिया है। इस बारे में एसएलओ विनय कुमार सिंह का कहना है कि कुछ खेतों की फसलें पकना बाकी है। फसल कटने पर पूरा मार्ग निर्माण के लिए जगह मिल जाएगी। वैसे ठेकेदार ने रोड के लिए मिट्टी बिछाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बाईपास मार्ग का निरीक्षण किया है।
जमीन के लिए 700 करोड़ मुआवजा देना है
एनएचएआई ने रोड के लिए किसानों को अभी 25 करोड़ मुआवजा दिया है, देर होने के कारण एनएचएआई ने रणनीति बदल दी है। अब ऑनलाइन की जगह एसएलओ ऑफ लाइन मुआवजा दे सकते हैं। इसके के लिए एनएचएआई ने 383 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को ट्रांसफर कर दिया है। इस मामले में भी कुछ तकनीकी दिक्कतें आई हैं। जिसका समाधान एनएचएआई के अधिकारियों को करना है।
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जिला प्रशासन की मदद से मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा बाईपास मार्ग की काफी जमीन कब्जा मुक्त होने पर ठेकेदार ने उस पर मिट्टी बिछाना शुरू कर दिया है। एसएलओ का कहना है कि एक मार्च से रोड का काम गति पकड़ेगा।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा रोड के बीच 38 किमी में 21 किलोमीटर का बाईपास बनेगा। सिर्फ 17 किलोमीटर रोड को डबल लेन से फोरलेन बनाना है। एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि नियमानुसार 90 प्रतिशत कब्जा मिलने पर ठेकेदार काम शुरू देता है। कागजात के हिसाब से 90 प्रतिशत जमीन जिला प्रशासन ने एनएचएआई को स्थानांतरित किया है लेकिन मौके पर अतिक्रमण नहीं हटने से जमीन को मुक्त कराना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने बाईपास की 17 किमी जमीन को साफ करा दिया है। इस बारे में एसएलओ विनय कुमार सिंह का कहना है कि कुछ खेतों की फसलें पकना बाकी है। फसल कटने पर पूरा मार्ग निर्माण के लिए जगह मिल जाएगी। वैसे ठेकेदार ने रोड के लिए मिट्टी बिछाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बाईपास मार्ग का निरीक्षण किया है।
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जमीन के लिए 700 करोड़ मुआवजा देना है
एनएचएआई ने रोड के लिए किसानों को अभी 25 करोड़ मुआवजा दिया है, देर होने के कारण एनएचएआई ने रणनीति बदल दी है। अब ऑनलाइन की जगह एसएलओ ऑफ लाइन मुआवजा दे सकते हैं। इसके के लिए एनएचएआई ने 383 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को ट्रांसफर कर दिया है। इस मामले में भी कुछ तकनीकी दिक्कतें आई हैं। जिसका समाधान एनएचएआई के अधिकारियों को करना है।
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