बेटी से दूध भरा गिलास गिरने पर मां झल्लाई: बोली- आज तू मरेगी या मैं मर जाऊंगी... फिर कमरा बंदकर फंदे पर लटक गई
दूध गिरने पर महिला ने बेटी को दो थप्पड़ मार दिए। बेटी के दूर भागने पर वह मरने की चेतावनी देकर कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी बंद कर दी। बेटी दौड़कर वापस आई तो देखा उसकी मां छत के कुंडे में रस्सी का फंदा डालकर बनाकर लटक गई।
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संभल के धनारी पट्टी बालू शंकर में दस साल की बेटी से एक गिलास दूध बिखरने पर मां झल्ला गई। बेटी को थप्पड़ मारकर बोली, आज तू मरेगी या मैं मर जाऊंगी। इसके बाद महिला कमरा बंद कर फंदे से लटक गई। बेटी गांव में बेलदारी कर रहे पिता को बुलाकर लाई। उससे पहले ही महिला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शव पीएम को भेज दिया है। मायके वालों ने भी कार्रवाई से इनकार किया है।
धनारी क्षेत्र के गांव धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी लालाराम राजमिस्त्री के साथ बेलदारी करता है। गुरुवार को सुबह वह काम पर चला गया और घर पर उसकी पत्नी बिशनवती (35), दस साल की बेटी चंदनिया, दो छोटे बच्चे थे। बड़ा बेटा पौध लगाने के लिए गांव में काम पर गया था। सुबह करीब नौ बजे उसकी बेटी चंदनिया दूध का गिलास लेकर अंदर कमरे में जा रही थी। अचानक हाथ से गिलास गिर गया और दूध बिखर गया। इस बात को लेकर उसकी मां बिशनवती गुस्से में झल्ला उठी।
बेटी को दो थप्पड़ मार दिए। बेटी के दूर भागने पर वह मरने की चेतावनी देकर कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी बंद कर दी। बेटी दौड़कर वापस आई और खिड़की से झांक कर देखा, तो उसकी मां छत के कुंडे में रस्सी का फंदा बनाकर लटक गई। बेटी ने शोर मचाया, पर कोई नहीं आया। इसके बाद बेटी दौड़कर गांव में पिता को बुलाने चली गई। बेटी की बात सुनकर पिता लालाराम व अन्य लोग घर की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने घर जाकर कमरे पर धक्का मारा, तो दरवाजा खुल गया।
आनन-फानन महिला को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। पर तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना गांव में फैल गई और मौके पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। मृतक महिला के पति ने मायके वालों को सूचना दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस भी मौके पर आ गई। थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्कर मेहरा ने बेटी से बात की, तो पूरा घटनाक्रम बता दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया है। परिजन किसी भी तरह की कार्रवाई से इंकार कर रहे हैं।
महिला को आता था अधिक गुस्सा
आसपास के लोगों ने बताया कि मृतक बिशनवती को अधिक गुस्सा आता था। वह अक्कर बच्चों की चीखती रहती थी, बात बात पर नाराज हो जाती थी। पति के कभी कभी शराब पी लेने पर भी वह नाराज हो जाती थी।
सबसे छोटा बेटा है छह माह का बेटा
मृतक महिला के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा 12 साल का, दूसरी बेटी चंदनिया दस साल की, तीसरे नंबर की बेटी दो साल की व सबसे छोटा बेटा छह माह का है। बच्चों के पालन पोषण का भार पिता लालाराम पर आ गया है।