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सस्ती कर दी तो मयकदे से महंगी क्यों
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Mon, 04 Apr 2016 03:36 AM IST
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सरकार ने विदेशी शराब के विभिन्न ब्रांड की बोतल से लेकर पव्वे तक के दाम घटा दिए हैं। लेकिन शराब की दुकानों पर अभी भी पुराने रेट से ही शराब की बिक्री की जा रही है। इसे लेकर हल्ला मच रहा है। शराब की दुकानों पर हंगामे हो रहे हैं। मगर न तो प्रशासन का ध्यान जा रहा है और न ही आबकारी विभाग का।
जनपद में अंग्रेजी शराब की दुकानें सौ से भी ज्यादा हैं। बियर शॉप भी पंद्रह हैं। पहली अप्रैल से शासन ने शराब के दाम कम करने का एलान किया था। किसी ब्रांड की बोतल पर सौ रुपये कम हुए तो किसी पर पचास रुपये। लेकिन अभी तक कहीं भी रेट कम नहीं किए गए हैं। अभी तक पुराने रेट पर ही शराब की बिक्री की जा रही है।
हर दिन हो रहे हैं हंगामे। कई जगह विवाद की स्थिति बन रही है। लेकिन न तो प्रशासन की निगाह पड़ रही है और न ही आबकारी विभाग कुछ कर पा रहा है। शासन द्वारा जो रेट लिस्ट जारी की गई है उसका मुरादाबाद में पालन ही नहीं हो पा रहा है।
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जबकि ठेकेदारों का कहना है कि शासन से आदेश जारी होने के साथ ही शराब को सस्ता कर दिया गया था। जो भी रेट लिस्ट आई थी उसी आधार पर शराब की बिक्री की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वह बाहर हैं वापस आकर मामले को दिखवाएंगे।
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जनपद में अंग्रेजी शराब की दुकानें सौ से भी ज्यादा हैं। बियर शॉप भी पंद्रह हैं। पहली अप्रैल से शासन ने शराब के दाम कम करने का एलान किया था। किसी ब्रांड की बोतल पर सौ रुपये कम हुए तो किसी पर पचास रुपये। लेकिन अभी तक कहीं भी रेट कम नहीं किए गए हैं। अभी तक पुराने रेट पर ही शराब की बिक्री की जा रही है।
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हर दिन हो रहे हैं हंगामे। कई जगह विवाद की स्थिति बन रही है। लेकिन न तो प्रशासन की निगाह पड़ रही है और न ही आबकारी विभाग कुछ कर पा रहा है। शासन द्वारा जो रेट लिस्ट जारी की गई है उसका मुरादाबाद में पालन ही नहीं हो पा रहा है।
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जबकि ठेकेदारों का कहना है कि शासन से आदेश जारी होने के साथ ही शराब को सस्ता कर दिया गया था। जो भी रेट लिस्ट आई थी उसी आधार पर शराब की बिक्री की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वह बाहर हैं वापस आकर मामले को दिखवाएंगे।