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Moradabad News: मुराद पूरी, दरियापुर को मिलेगी पक्की सड़क
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मुरादाबाद। दरियापुर गांव के दिन फिरने वाले हैं। शासन ने इस गांव की सड़क और पुल के लिए मंजूरी दे दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने प्रस्ताव दिया था।
आजादी के 76 साल बाद भी दरियापुर को पक्की सड़क न मिलने का सवाल अमर उजाला में उठने पर यह विषय मुद्दा बन गया था। इसके बाद पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सैय्यद जफर इस्लाम ने दरियापुर को गोद लिया था, लेकिन वह भी गांव को पक्का रास्ता नहीं दिला पाए। हालांकि गांव में लाइट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।
कांठ से दरियापुर गांव के लिए जाने पर रामगंगा नदी बीच में पड़ती है। बरसात के दिनों में गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाता है। पक्का रास्ता न होने से गांव में कोई इमरजेंसी हो जाए तो गांव में एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती है।
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लोनिवि ने भेजा था दस करोड़ का प्रस्ताव
तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क और रामगंगा पर पुल निर्माण के लिए लोग निर्माण विभाग ने शासन को करीब 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 12 दिसंबर 22 को शासन के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद रोड और पुल के लिए वित्तीय समिति ने मंजूरी दे दी लेकिन इस प्रस्ताव की फाइल नाबार्ड में अटक गई थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के अलावा शासन के अधिकारियों से करीब एक माह पहले दीपावली के समय बात की थी। अब रोड और पुल के लिए शासन से मंजूरी दी गई है। इस बारे में लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवेद खां का कहना है कि उनको शासन से मौखिक सूचना दी गई है लेकिन अभी शासनादेश नहीं आया है। शीघ्र ही शासनादेश मिल जाएगा।
ग्रामीणों ने कई दिनों तक किया था आंदोलन
दियापुर की समस्या अमर उजाला में अभियान के रूप में छपने पर लोगों की सुस्ती टूटी थी। ग्रामीणों ने रास्ते और पुल के निर्माण की मांग को लेकर कई दिनों तक आंदोलन किया था। चेतावनी दी थी कि यदि रोड नहीं बनी तो वोट नहीं दिया जाएगा।
गांव पहुंचने के वैकल्पिक मार्ग लंबे और जटिल
कांठ तहसील से पायंदापुर होते हुए दरियापुर के लिए रास्ता जाता है। इस मार्ग की लंबाई 15 किमी है लेकिन रास्ते में घना जंगल पड़ता है। दूसरा मार्ग कांठ तहसील से गेंडाजूड, भगवानपुर रैनी होते हुए 25 किलोमीटर दूर दरियापुर गांव जाता है। इस मार्ग के लिए दो बार नौ करोड़ 61 लाख और नौ करोड़ दस लाख का एस्टीमेट भेजा गया था।
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आजादी के 76 साल बाद भी दरियापुर को पक्की सड़क न मिलने का सवाल अमर उजाला में उठने पर यह विषय मुद्दा बन गया था। इसके बाद पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सैय्यद जफर इस्लाम ने दरियापुर को गोद लिया था, लेकिन वह भी गांव को पक्का रास्ता नहीं दिला पाए। हालांकि गांव में लाइट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।
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कांठ से दरियापुर गांव के लिए जाने पर रामगंगा नदी बीच में पड़ती है। बरसात के दिनों में गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाता है। पक्का रास्ता न होने से गांव में कोई इमरजेंसी हो जाए तो गांव में एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती है।
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लोनिवि ने भेजा था दस करोड़ का प्रस्ताव
तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क और रामगंगा पर पुल निर्माण के लिए लोग निर्माण विभाग ने शासन को करीब 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 12 दिसंबर 22 को शासन के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद रोड और पुल के लिए वित्तीय समिति ने मंजूरी दे दी लेकिन इस प्रस्ताव की फाइल नाबार्ड में अटक गई थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के अलावा शासन के अधिकारियों से करीब एक माह पहले दीपावली के समय बात की थी। अब रोड और पुल के लिए शासन से मंजूरी दी गई है। इस बारे में लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवेद खां का कहना है कि उनको शासन से मौखिक सूचना दी गई है लेकिन अभी शासनादेश नहीं आया है। शीघ्र ही शासनादेश मिल जाएगा।
ग्रामीणों ने कई दिनों तक किया था आंदोलन
दियापुर की समस्या अमर उजाला में अभियान के रूप में छपने पर लोगों की सुस्ती टूटी थी। ग्रामीणों ने रास्ते और पुल के निर्माण की मांग को लेकर कई दिनों तक आंदोलन किया था। चेतावनी दी थी कि यदि रोड नहीं बनी तो वोट नहीं दिया जाएगा।
गांव पहुंचने के वैकल्पिक मार्ग लंबे और जटिल
कांठ तहसील से पायंदापुर होते हुए दरियापुर के लिए रास्ता जाता है। इस मार्ग की लंबाई 15 किमी है लेकिन रास्ते में घना जंगल पड़ता है। दूसरा मार्ग कांठ तहसील से गेंडाजूड, भगवानपुर रैनी होते हुए 25 किलोमीटर दूर दरियापुर गांव जाता है। इस मार्ग के लिए दो बार नौ करोड़ 61 लाख और नौ करोड़ दस लाख का एस्टीमेट भेजा गया था।