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Moradabad News: खो बैराज से छोड़ा गया पानी
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मुरादाबाद। धान की नर्सरी व रोपाई कार्यों को देखते हुए बिजनौर के शेरकोट खो बैराज से रामगंगा मुख्य कैनाल सहित जिले की सभी 32 नहरों में पानी पहुंच गया है। बैराज से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे मुरादाबाद जिले के 254 गांवों के करीब नौ हजार से अधिक किसानों को इसका लाभ पहुंचेगा। इसके अलावा इस बैराज का पानी बिजनौर और अमरोहा जिले के गांवों को भी मिलता है।
मुरादाबाद जिले में कुल नौ रजवाहा सहित कुल 79 नहरों को उत्तराखंड राज्य के काशीपुर स्थिति तुमड़िया डैम व बिजनौर जिले के शेरकोट खो बैराज से पानी मिलता है। तुमड़िया डैम तो सूख चुका है, जिससे इसकी 47 नहरों से सिंचित क्षेत्र को सिंचाई का पानी नही मिल पाएगा लेकिन शेरकोट खो बैराज से जुड़ी राम गंगा मुख्य कैनाल, महमूदपुर रजवाहा व उमरी कला रजवाहा में पानी पहुंच गया है।
इन रजवाहों से जुड़ी माइनर (उप नहरों) में पानी चलने लगा है। शेरकोट खो बैराज से 22 मई को 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो एक सप्ताह के अंदर सभी उपनहरों में पहुंच जाएगा। इन नहरों से जिले के उमरी कला, कांठ, खिदमतपुर आदि क्षेत्र के 254 गांवों के आठ हजार से अधिक किसानों के खेतों को पानी मिलता है। कांठ क्षेत्र के अवर अभियंता सत्यप्रकाश ने बताया कि इस क्षेत्र के किसानों की खेती नहरी पानी से सिंचाई पर आधारित है। अधिकतर किसान धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। आगामी सप्ताह में धान की रोपाई भी शुरू हो सकती है। जिसे देखते हुए 22 मई से खो बैराज से नहरों में पानी छोड़ दिया गया है।
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मुरादाबाद जिले में कुल नौ रजवाहा सहित कुल 79 नहरों को उत्तराखंड राज्य के काशीपुर स्थिति तुमड़िया डैम व बिजनौर जिले के शेरकोट खो बैराज से पानी मिलता है। तुमड़िया डैम तो सूख चुका है, जिससे इसकी 47 नहरों से सिंचित क्षेत्र को सिंचाई का पानी नही मिल पाएगा लेकिन शेरकोट खो बैराज से जुड़ी राम गंगा मुख्य कैनाल, महमूदपुर रजवाहा व उमरी कला रजवाहा में पानी पहुंच गया है।
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इन रजवाहों से जुड़ी माइनर (उप नहरों) में पानी चलने लगा है। शेरकोट खो बैराज से 22 मई को 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो एक सप्ताह के अंदर सभी उपनहरों में पहुंच जाएगा। इन नहरों से जिले के उमरी कला, कांठ, खिदमतपुर आदि क्षेत्र के 254 गांवों के आठ हजार से अधिक किसानों के खेतों को पानी मिलता है। कांठ क्षेत्र के अवर अभियंता सत्यप्रकाश ने बताया कि इस क्षेत्र के किसानों की खेती नहरी पानी से सिंचाई पर आधारित है। अधिकतर किसान धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। आगामी सप्ताह में धान की रोपाई भी शुरू हो सकती है। जिसे देखते हुए 22 मई से खो बैराज से नहरों में पानी छोड़ दिया गया है।
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