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जलभराव से सताने लगा डेंगू, चिकनगुनिया और दिमागी बुखार का खतरा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 03:18 AM IST
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viral disease possibility become high after rain
मुरादाबाद। रामगंगा का पानी आबादी वाले इलाकों में भरने से स्थानीय लोगों की दुश्वारियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। जलभराव से मच्छर जनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मलेरिया के केस रिपोर्ट होने लगे हैं। डायरिया और वायरल फीवर ने पहले से ही लोगों को जकड़ा है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना की रोकथाम में लगा है। संक्रामक बीमारियों से निपटने की तैयारियां आधी-अधूरी हैं। ऐसे में लोगों को खुद ही बीमारियों से बचाव के लिए एहतियात बरतनी होगी। बच्चों और बुजुर्गों के लिए बीमारियां अधिक खतरा साबित हो सकती हैं। बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को लॉकडाउन के बाद से टीके नहीं लगे हैं। जबकि बुजुर्गों की इम्युनिटी सामान्य लोगों की तुलना में कमजोर होती है। बीमारियों की चपेट में आने से कोरोना का खतरा भी बढ़ जाएगा।
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उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। कालागढ़ डैम से रामगंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे मुरादाबाद के इस्लामनगर, काफियाबाद, देवापुर, राम गंगा विहार, बरबलान, रसूलपुर और नैनीताल-काशीपुर हाईवे से सटे कई गांवों में पानी भर गया है। रामगंगा के पानी के साथ आबादी वाले इलाकों में मरी हुई मछलियां, लोमड़ी, कुत्ते और दूसरे जानवर भी बहकर आ रहे हैं। जलभराव से लोगों को जितनी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं, पानी उतरने के साथ उतनी ही बढ़ जाएंगी। गंदगी और पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियां पांव पसारेंगी। पिछले सालों में मानसून और रामगंगा के पानी के आबादी इलाकों में घुसने के बाद दिमागी बुखार, चिकनगुनिया और डायरिया से कई मौतें हो चुकी हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डा. प्रवीण शाह बताते हैं, जलभराव वाले इलाकों में चिकनगुनिया, कालाजार, डेंगू और दिमागी बुखार का खतरा बढ़ गया है। लोगों को इनसे बचाव के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। मुरादाबाद में मानसून की बारिश के बाद दूषित पानी की आपूर्ति होने से डायरिया, पीलिया के अलावा वायरल फीवर फैला है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 60 फीसदी मरीज इन्हीं से पीड़ित हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेंद्र कुमार बताते हैं संक्रामक बीमारियों से सबसे अधिक बच्चे प्रभावित होते हैं। जिले में मलेरिया के केस भी रिपोर्ट होने लगे हैं। 1417 लोगों की मलेरिया जांच में तीन पॉजिटिव केस भी मिल चुके हैं।
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- संक्रामक बीमारियों और मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभाग अलर्ट है। जलभराव वाले इलाकों का सर्वे कर लोगों को जागरूक करने के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। सभी सीएचसी और पीएचसी को अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के खून के नमूनों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
ऐसे करें बचाव
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- पानी उबाल कर पीएं और बासी भोजन खाने से परहेज करें
- मच्छरों से बचने के लिए साफ सफाई रखें और पूरे बांह वाले कपड़े पहनें
- घरों की छत पर गमले, बर्तनों में पानी नहीं भरने दें
- घरों के आसपास पानी ठहरने न दें और जमा गंदगी को साफ करें
- कीटनाशक और चूने का छिड़काव करें
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