{"_id":"620ff7b3e53b88214d0b0c35","slug":"violence-on-thakurdwara-karanpur-road-for-two-and-a-half-hours-tension-in-the-village-city-news-mbd4192754170","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठाकुरद्वारा-करनपुर मार्ग पर ढाई घंटे तक उपद्रव, गांव में तनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठाकुरद्वारा-करनपुर मार्ग पर ढाई घंटे तक उपद्रव, गांव में तनाव
विज्ञापन
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा- करनपुर मार्ग पर ढाई घंटे तक बवाल चला। पुलिस कर्मियों के समझाने के बाद भी लोग शांत नहीं हो रहे थे। मृतक का परिवार और डंपर चालक के परिवार एक ही गांव के होने के कारण तनाव बढ़ता रहा था। भीड़ ने डंपर और बाइक को फूंक दिया। बीडीसी सदस्य के साथ भी मारपीट की। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। पुलिस कर्मियों के होश उस वक्त उड़ गए, जब भीड़ ने चालक के घर की ओर रुख किया। इस तरह बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह आ गए और उन्होंने लोगों को समझा कर रोक लिया, वरना हालात और भी ज्यादा गंभीर हो सकते थे।
मृतक ऋषिकांत उर्फ नन्हें का परिवार रतूपुरा गांव में रहता है, जबकि डंपर चालक नफीस अहमद का परिवार भी रतूपुरा गांव में रहता है। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे ऋषिकांत उर्फ नन्हें ट्रैक्टर ट्राली लेकर खेत पर जा रहा था। इसी दौरान नफीस ने ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में ऋषिकांत की मौत हो गई थी। हादसे के बाद लोग मौके पर जुटे तो चालक डंपर छोड़कर भाग गया था। कुछ लोगों ने चालक को अपने घर की ओर भागते हुए देख लिया था।
डंपर और बाइक में आग लगाने के बाद भीड़ में किसी ने बता दिया कि चालक अपने घर में छिपा हुआ है। इसके बाद लोग भड़क गए और वो चालक के घर की ओर जाने लगे। इससे पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्होंने लोगों को समझाकर रोका। उन्हें आश्वासन दिया गया कि चालक पर हत्या का केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
हादसे के बाद कुचलने का आरोप
मुरादाबाद। मृतक के चाचा ने तहरीर में बताया कि आरोपी चालक ने ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ऋषिकांत सड़क पर गिर गया था। आरोप है कि इसके बाद चालक ने उसे डंपर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार, गांव में फोर्स तैनात
मुरादाबाद। पुलिस ने लोगों को समझाने के बाद लोगों को शांत किया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार ने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगजनी करने वालों पर एफआईआर
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा करनपुर मार्ग पर डंपर में आग लगाने और जाम लगाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। लोगों ने मार्ग पर शव रखकर ढाई घंटे जाम लगाया था। जिससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार ने बताया कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ जाम लगाने और आगजनी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
किशोर की मौत के बाद डेढ़ वर्ष पहले भी डंपर में लगा दी थी आग
ठाकुरद्वारा। खनन डंपरों से बढ़ते हादसों को लेकर लोगों में आक्रोश तेजी से पनप रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी भीड़ ने हादसे में किशोर की मौत के बाद एक डंपर को आग लगा दी थी।
ग्राम फरीद नगर के जंगल में खनन के दौरान बाइक सवार किशोर डंपर की चपेट में आ गया था। उसकी मौके पर मौत हो गई थी। आक्रोशित भीड़ ने खनन स्थल पर खड़े डंपर को आग लगा दी थी। शुक्रवार को भी हादसे के बाद रोड किनारे खड़े डंपर को लेकर भीड़ का गुस्सा बेकाबू हो गया। भीड़ ने सबसे पहले डंपर को आग लगा गई। लोगों का कहना है कि खनन डंपरों के चालक रोड पर अंधाधुंध चलाते हैं। खनन की धरपकड़ से बचने के लिए अक्सर राहगीरों को कुचल देते हैं। डंपरों को लेकर राहगीरों में दहशत व्याप्त है और मन में आक्रोश पनप रहा है।
परिवार के हालात संभालने से पहले ही मौत ने छीना
ठाकुरद्वारा। रतूपुरा निवासी किसान महेंद्र सिंह के दो पुत्र दीपक कुमार और ऋषिकांत थे। दोनों बेटों के साथ खेती किसानी कर परिवार का पालन पोषण चल रहा था। बड़े बेटे की पिछले दिनों पंचायत सहायक के पद पर तैनाती हो गई थी, जबकि ऋषिकांत नौकरी के लिए नगर के कोचिंग सेंटर कोचिंग कर रहा था। परिवार के हालत सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन शुक्रवार को ऋषिकांत की सड़क हादसे में मौत के बाद पिता महेंद्र सिंह, भाई दीपक कुमार समेत परिजन दहाड़ मार मारकर विलाप करने लगे। संवाद
विज्ञापन
मृतक ऋषिकांत उर्फ नन्हें का परिवार रतूपुरा गांव में रहता है, जबकि डंपर चालक नफीस अहमद का परिवार भी रतूपुरा गांव में रहता है। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे ऋषिकांत उर्फ नन्हें ट्रैक्टर ट्राली लेकर खेत पर जा रहा था। इसी दौरान नफीस ने ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में ऋषिकांत की मौत हो गई थी। हादसे के बाद लोग मौके पर जुटे तो चालक डंपर छोड़कर भाग गया था। कुछ लोगों ने चालक को अपने घर की ओर भागते हुए देख लिया था।
विज्ञापन
डंपर और बाइक में आग लगाने के बाद भीड़ में किसी ने बता दिया कि चालक अपने घर में छिपा हुआ है। इसके बाद लोग भड़क गए और वो चालक के घर की ओर जाने लगे। इससे पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्होंने लोगों को समझाकर रोका। उन्हें आश्वासन दिया गया कि चालक पर हत्या का केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
हादसे के बाद कुचलने का आरोप
मुरादाबाद। मृतक के चाचा ने तहरीर में बताया कि आरोपी चालक ने ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ऋषिकांत सड़क पर गिर गया था। आरोप है कि इसके बाद चालक ने उसे डंपर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार, गांव में फोर्स तैनात
मुरादाबाद। पुलिस ने लोगों को समझाने के बाद लोगों को शांत किया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार ने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगजनी करने वालों पर एफआईआर
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा करनपुर मार्ग पर डंपर में आग लगाने और जाम लगाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। लोगों ने मार्ग पर शव रखकर ढाई घंटे जाम लगाया था। जिससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार ने बताया कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ जाम लगाने और आगजनी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
किशोर की मौत के बाद डेढ़ वर्ष पहले भी डंपर में लगा दी थी आग
ठाकुरद्वारा। खनन डंपरों से बढ़ते हादसों को लेकर लोगों में आक्रोश तेजी से पनप रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी भीड़ ने हादसे में किशोर की मौत के बाद एक डंपर को आग लगा दी थी।
ग्राम फरीद नगर के जंगल में खनन के दौरान बाइक सवार किशोर डंपर की चपेट में आ गया था। उसकी मौके पर मौत हो गई थी। आक्रोशित भीड़ ने खनन स्थल पर खड़े डंपर को आग लगा दी थी। शुक्रवार को भी हादसे के बाद रोड किनारे खड़े डंपर को लेकर भीड़ का गुस्सा बेकाबू हो गया। भीड़ ने सबसे पहले डंपर को आग लगा गई। लोगों का कहना है कि खनन डंपरों के चालक रोड पर अंधाधुंध चलाते हैं। खनन की धरपकड़ से बचने के लिए अक्सर राहगीरों को कुचल देते हैं। डंपरों को लेकर राहगीरों में दहशत व्याप्त है और मन में आक्रोश पनप रहा है।
परिवार के हालात संभालने से पहले ही मौत ने छीना
ठाकुरद्वारा। रतूपुरा निवासी किसान महेंद्र सिंह के दो पुत्र दीपक कुमार और ऋषिकांत थे। दोनों बेटों के साथ खेती किसानी कर परिवार का पालन पोषण चल रहा था। बड़े बेटे की पिछले दिनों पंचायत सहायक के पद पर तैनाती हो गई थी, जबकि ऋषिकांत नौकरी के लिए नगर के कोचिंग सेंटर कोचिंग कर रहा था। परिवार के हालत सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन शुक्रवार को ऋषिकांत की सड़क हादसे में मौत के बाद पिता महेंद्र सिंह, भाई दीपक कुमार समेत परिजन दहाड़ मार मारकर विलाप करने लगे। संवाद