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हल्द्वानी में हिंसा अचानक नहीं हुई, छह माह से लोगों में रोष था : सांसद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2024 02:45 AM IST
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Violence in Haldwani did not happen suddenly, people were angry for six months: MP
मुरादाबाद। सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि हल्द्वानी में हिंसा अचानक नहीं हुई। उत्तराखंड में छह माह से सरकार के प्रति लोगों में रोष था। इसी कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आपस में बैठकर बातचीत होनी चाहिए।
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पत्रकारों से बातचीत में डॉ. एसटी हसन ने कहा कि दंगा किसी के लिए अच्छा नहीं होता है। हालात को संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ जनता की नहीं होती है। सरकार को भी कोशिश करनी चाहिए। अमन की चाभी इंसाफ के पास होती है। उत्तराखंड सरकार छह माह से पुराने मजार और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। धीरे-धीरे लोगों का गुस्सा बढ़ता गया। पाप का घड़ा जब भर जाता है तो फूट जाता है। बुलडोजर को देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। अंग्रेज 1881 को रेलवे को लेकर आए थे। वहां दरगाह और मजार 200 साल पुरानी हैं। रेलवे ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वहां रेलवे की माफियागिरि है। कुछ लोग वोट हासिल करने के लिए माहौल बिगाड़ते हैं।
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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में 60 हजार की जनसंख्या है। इस मामले में लोगों के बीच बैठ कर बातचीत होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि शांति कायम रहे और कानून के हिसाब से अपनी बात रखी जाए। कानून को भी सभी के साथ इंसाफ करना चाहिए। कानून इंसाफ करेगा तो लोगों को गलत राह पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पता चला है कि वहां सरकार पुलिस चौकी स्थापित करना चाहती है। आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार मुसलमानों का दिल दुखा रही है।
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