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हथियार लेकर कुत्तों को तलाश रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Tue, 25 Oct 2016 02:19 AM IST
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कुंदरकी में हथियार लेकर कुत्तों की तलाश करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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कुंदरकी का एक दो गांव नहीं, बल्कि पूरा इलाका खूंखार कुत्तों की दहशत में है। कुत्ते पिछले तीन दिन में दो मासूमों को मौत नींद सुला चुके हैं। जबकि तीसरा बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। कई लोगों ने अपने परिवार की जिंदगी बचाने के लिए हथियार उठा लिए हैं।
डंडे, हाकी, तबल और बंदूक उठा ली है। ग्रामीण टोलियां बनाकर जंगल में खूंखार कुत्तों की तलाश में जुटे हैं। जबकि मासूम बच्चे अब जंगल जाने के नाम से भी कांपने लगते हैं। शनिवार को शेखूपुर गांव में कुत्तों ने एक छात्रा पर हमला कर दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
जबकि अगले दिन काजीपुरा की एक छात्रा को मौत के घाट उतार दिया गया। अब सीलपुर में एक छात्र को नोंच डाला। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार सुबह ही लोगों ने हथियार उठा लिए। दिन भर वह कुत्तों की तलाश में जंगल में घूमते रहे।
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सीलपुर निवासी सरफराज, आसिफ, मुदस्सिर, नसमुद्ीन, सादिक, आदिल, शुएब, आफताब समेत तमाम लोगों ने जंगल में कुत्तों की खाक छानी। इसके अलावा युवक टोलियां बनाकर जंगल में घूम रहे हैं।
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डंडे, हाकी, तबल और बंदूक उठा ली है। ग्रामीण टोलियां बनाकर जंगल में खूंखार कुत्तों की तलाश में जुटे हैं। जबकि मासूम बच्चे अब जंगल जाने के नाम से भी कांपने लगते हैं। शनिवार को शेखूपुर गांव में कुत्तों ने एक छात्रा पर हमला कर दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
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जबकि अगले दिन काजीपुरा की एक छात्रा को मौत के घाट उतार दिया गया। अब सीलपुर में एक छात्र को नोंच डाला। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार सुबह ही लोगों ने हथियार उठा लिए। दिन भर वह कुत्तों की तलाश में जंगल में घूमते रहे।
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सीलपुर निवासी सरफराज, आसिफ, मुदस्सिर, नसमुद्ीन, सादिक, आदिल, शुएब, आफताब समेत तमाम लोगों ने जंगल में कुत्तों की खाक छानी। इसके अलावा युवक टोलियां बनाकर जंगल में घूम रहे हैं।