UP: मुरादाबाद, अमरोहा और नगीना को नहीं मिल सकी महिला सांसद, फिर भी आधी आबादी है भाग्य विधाता
लोकसभा चुनाव का उत्सव जोरशोर से चल रहा है। सभी पार्टियां लगातार अपने उम्मीदवार मैदान में उतार रही हैं। अब तक हुए चुनावों में मुरादाबाद, अमरोहा और नगीना सीट से किसी भी महिला को प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल पाया है। जबकि यहां रहने वाली आधी आबादी ही निर्णायक है।
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लोकतंत्र के उत्सव में महिला मतदाताओं पर सबकी नजर रहती है। उनके वोट के लिए राजनीतिक दलों की ओर से कई वादे किए जाते हैं। लेकिन जब उनको राजनीति में हिस्सेदारी की बात आती है तो सभी पीछे हट जाते हैं। यही वजह है कि अब तक के लोकसभा चुनावों में मंडल की छह सीटों से सिर्फ छह महिलाएं ही संसद में पहुंचीं हैं। मुरादाबाद, अमरोहा और नगीना सीट से आज तक कोई महिला सांसद नहीं चुनीं गईं।
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी तक प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से जो प्रत्याशी घोषित किए गए हैं उनमें एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। मुरादाबाद लोकसभा सीट पर पहला चुनाव वर्ष 1952 में हुआ था। इस सीट पर अब तक हुए 17 चुनावों में बसपा को छोड़कर करीब-करीब सभी प्रमुख दलों को जीत मिली है। इसमें कांग्रेस, जनसंघ, जनता पार्टी, जनता दल, सपा, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस, भाजपा के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं।
इस सीट पर सबसे अधिक चार बार हाजी गुलाम मोहम्मद ने जीत दर्ज की है। उन्होंने दो बार जनता पार्टी और दो बार जनता दल के टिकट पर जीत हासिल की थी। जबकि सपा के टिकट पर तीन बार डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा रामसरन ने दो बार और हाफिज मोहम्मद सिद्दीक ने एक बार जीत हासिल की थी।
इस सीट पर अभी तक महिला उम्मीदवारों को जीत नहीं मिली है। ऐसे ही अमरोहा लोकसभा सीट पर भी 17 चुनाव हो चुके हैं। लेकिन यहां महिला उम्मीदवारों को अभी जीत का इंतजार है। हालांकि इस सीट पर सभी प्रमुख दलों को जीत मिली है। यहां से सबसे अधिक तीन बार हिफ्जुर्रहमान सियोहरवी सांसद चुने गए। इशाक संभली, चंद्रपाल सिंह और चेतन चौहान दो-दो बार सांसद बने।
बेगम नूरबानो, शांति देवी और जयाप्रदा दो दो बार बनीं सांसद
मंडल में बिजनौर के अलावा रामपुर और संभल लोकसभा सीट से तीन महिलाएं दो-दो बार संसद तक पहुंचीं हैं। रामपुर लोकसभा सीट से बेगम नूरबानो 1996 और वर्ष 1999 में विजयी रहीं। इस सीट पर फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने 2004 और 2009 में जीत दर्ज की। संभल लोकसभा सीट पर शांति देवी ने वर्ष 1977 और 1984 में जीत दर्ज की थी। वह एक बार जनता पार्टी तो दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुईं थीं।
बिजनौर का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं मीरा कुमार और मायावती
मुरादाबाद मंडल की बिजनौर लोकसभा सीट पर सबसे अधिक तीन बार महिलाएं सांसद चुनीं गई हैं। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और ओमवती शामिल हैं। 1985 में कांग्रेस के टिकट पर मीरा कुमार, 1989 में बसपा के टिकट पर मायावती और वर्ष 1998 में सपा के टिकट पर ओमवती ने जीत दर्ज की थी।
नगीना सीट पर हुए तीन चुनावों में भी पुरुष रहे काबिज
नगीना लोकसभा सीट पर अब तक तीन चुनाव हो चुके हैं। यह सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा के यशवीर सिंह, 2014 में भाजपा के यशवंत सिंह और 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के गिरीश चंद्र ने इस सीट पर कब्जा किया था।
मुरादाबाद 20.56 लाख 10.91 लाख 9.64 लाख
रामपुर 17.25 लाख 9.13 लाख 8.13 लाख
अमरोहा 17.13 लाख 9.67 लाख 8.06 लाख
संभल 16.11 लाख 8.62 लाख 7.49 लाख
बिजनौर 17.33 लाख 9.21 लाख 8.12 लाख
नगीना 16.38 लाख 8.69 लाख 7.68 लाख