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UP Chunav Results 2024: जीत ने बचाई आजम-अखिलेश की प्रतिष्ठा; बर्क और रामपुर के नवाब के बिना सपा ने दिखाया दम
Wed, 05 Jun 2024 05:22 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 05 Jun 2024 05:22 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव में यूपी में सपा को मिली जीत ने आजम खां और अखिलेश की प्रतिष्ठा बचा ली। आजम के प्रस्ताव को ठुकराकर अखिलेश ने मौलाना मोहिब्बुल्लाह को रामपुर का प्रत्याशी बनाया था। नामांकन के बाद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटवा कर आजम ने रुचिवीरा को मुरादाबाद से प्रत्याशी बनवाया था।
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मुरादाबाद मंडल में सपा ने जीती सीट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुरादाबाद मंडल में रामपुर और मुरादाबाद में सपा की जीत ने आजम खां और पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा बचाई ली है। रामपुर में अखिलेश ने आजम के प्रस्ताव को दरकिनार कर अपनी पसंद का उम्मीदवार उतारा था।
वहीं नामांकन के बाद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटवा कर आजम ने रुचिवीरा को मुरादाबाद से प्रत्याशी बनवाया था। ऐसे में आपसी खींचतान में दोनों सीटों पर इन नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई थी। पहले चरण के मतदान से पहले टिकटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव और आजम खां आमने सामने आ गए थे। जिस लेकर पश्चिमी यूपी की रामपुर और मुरादाबाद लोकसभा सीट प्रदेश में सुर्खियों में आ गई थी।
मुरादाबाद मंडल में प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाने से पहले अखिलेश यादव ने आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। आजम खां ने अखिलेश यादव को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही मुरादाबाद सीट से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को प्रत्याशी बनाने की सिफारिश की थी।
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अखिलेश यादव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आजम खां ने रामपुर में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। इस खींचतान के बीच अखिलेश यादव ने आजम की पसंद को दरकिनार कर दिल्ली पार्लियामेंट्री स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को रामपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
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वहीं नामांकन के बाद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटवा कर आजम ने रुचिवीरा को मुरादाबाद से प्रत्याशी बनवाया था। ऐसे में आपसी खींचतान में दोनों सीटों पर इन नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई थी। पहले चरण के मतदान से पहले टिकटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव और आजम खां आमने सामने आ गए थे। जिस लेकर पश्चिमी यूपी की रामपुर और मुरादाबाद लोकसभा सीट प्रदेश में सुर्खियों में आ गई थी।
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मुरादाबाद मंडल में प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाने से पहले अखिलेश यादव ने आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। आजम खां ने अखिलेश यादव को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही मुरादाबाद सीट से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को प्रत्याशी बनाने की सिफारिश की थी।
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अखिलेश यादव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आजम खां ने रामपुर में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। इस खींचतान के बीच अखिलेश यादव ने आजम की पसंद को दरकिनार कर दिल्ली पार्लियामेंट्री स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को रामपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
यहीं नहीं मौजूदा सांसद डॉ. एसटी हसन को मुरादाबाद प्रत्याशी बना दिया था। डॉ. एसटी हसन ने मुरादाबाद सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया था। सियासी तकरार बढ़ने पर नामांकन के चौबीस घंटे बाद अखिलेश यादव ने डॉ. एसटी हसन का टिकट काटकर मुरादाबाद के लिए रुचिवीरा को सिंबल थमा दिया और आजम खां को बैलेंस करने की कोशिश की थी। लेकिन रामपुर सीट से प्रत्याशी में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
ऐसी परिस्थितियों में इन प्रत्याशियों की हार-जीत अखिलेश और आजम की प्रतिष्ठा से जुड़ गई थी। लेकिन मंगलवार को दोनों सीटों पर सपा उम्मीदवारों की जीत ने दोनों नेताओं की साख पर बट्टा लगाने से बचा ली।
आजम-बर्क के बिना सपा ने दिखाया दम
राजनीति के दिग्गज आजम खां व डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बिना समाजवादी पार्टी ने मुरादाबाद मंडल में दम दिखाया है। मुरादाबाद, रामपुर व संभल में 2019 में सपा के प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे। इस बार भी चेहरे बदलने के बावजूद इन सीटों पर सपा ने अच्छे अंतर से जीत दर्ज की है। पिछली बार सपा-बसपा गठबंधन ने मंडल की सभी छह सीटें जीती थीं।
राजनीति के दिग्गज आजम खां व डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बिना समाजवादी पार्टी ने मुरादाबाद मंडल में दम दिखाया है। मुरादाबाद, रामपुर व संभल में 2019 में सपा के प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे। इस बार भी चेहरे बदलने के बावजूद इन सीटों पर सपा ने अच्छे अंतर से जीत दर्ज की है। पिछली बार सपा-बसपा गठबंधन ने मंडल की सभी छह सीटें जीती थीं।
इस बार सपा-कांग्रेस गठबंधन ने चार सीटों पर कब्जा किया है। बिजनौर की सीट भाजपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी चंदन चौहान के खाते में गई है। जबकि नगीना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया चंद्रशेखर ने खुद को साबित किया है।
उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी ओम कुमार को 151473 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। संभल में सपा प्रत्याशी जियाउर्रहमान बर्क व मुरादाबाद में रुचिवीरा की जीत का अंतर भी एक लाख से ज्यादा है। सबसे कम अंतर अमरोहा में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर दानिश अली व भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर के बीच रहा। कंवर सिंह तंवर करीब 30 हजार वोटों से विजेता रहे।