UP: गुरु जम्भेश्वर विवि कहलाएगी मुरादाबाद यूनिवर्सिटी, जिले में है 493 साल पुराना मंदिर, यह है इसकी मान्यता
मुरादाबाद में तैयार होने वाली यूर्निवर्सिटी का नाम गुरु जम्भेश्वर के नाम पर रखा जाएगा। लोदीपुर विशनपुर में गुरु जम्भेश्वर का 493 साल पुराना मंदिर है। इस गांव में 90 प्रतिशत आबादी विश्नोई समाज की है। लोगों का कहना है कि 493 साल पहले विक्रमी संवत 1587 में गुरु जम्भेश्वर भगवान लोदीपुर विशनपुर में राजस्थान से आए थे।
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मुरादाबाद में बनने वाले विश्वविद्यालय का नामकरण गुरु जम्भेश्वर के नाम पर होगा। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कही। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद व मिर्जापुर में विश्वविद्यालय के शिलान्यास के साथ ही भाजपा का संकल्पपत्र पूरा हो गया है। इन जनपदों को स्वास्थ्य सेवाओं का भी अच्छा केंद्र बनाया जाएगा। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज के विजन के तहत बिजनौर में महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज बन रहा है। अमरोहा व संभल इस दिशा में अग्रसर हैं। योगी शनिवार दोहपर को मुरादाबाद को राजकीय विश्वविद्यालय समेत 513 करोड़ की 112 परियोजनाओं की सौगात दी।
गुरु जम्भेश्वर का 493 साल पुराना मंदिर
मुरादाबाद के वार्ड 10 लोदीपुर विशनपुर में गुरु जम्भेश्वर का 493 साल पुराना मंदिर है। इस गांव में 90 प्रतिशत आबादी विश्नोई समाज की है। लोगों का कहना है कि 493 साल पहले विक्रमी संवत 1587 में गुरु जम्भेश्वर भगवान लोदीपुर विशनपुर में राजस्थान से आए थे। वह गांव में कई दिन रुके थे।
यहां उन्होंने राजस्थान का खेजड़ी नामक पौधा रौपा, जोकि विशाल वृक्ष के रूप में आज भी है। बाद में विश्नोई समाज के लोगों ने इस स्थान पर गुरु जम्भेश्वर का मंदिर बनवा दिया। आज इस गांव को लोदीपुर धाम व मंदिर को गुरु जम्भेश्वर भगवान मंदिर कहा जाता है।
गुरु जम्भेश्वर लोदीपुर में चैत्र मास की अमावस्या को आए थे। इसलिए मंदिर में हर साल चैत्र मास की अमावस्या पर दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होता है। यह मेला पिछले 493 साल से हर साल लगता आ रहा है। अब इसका जिम्मा विश्नोई मंदिर समिति लोदीपुर धाम के पास है।
विश्नोई समाज गदगद
सीएम योगी जनसभा के मंच से सरकारी यूनिवर्सिटी का नाम गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की घोषणा करके विश्नोई समाज को साध गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह का सुझाव था कि विश्वविद्यालय का नामकरण भी हो जाना चाहिए। आज हम विश्वविद्यालय का नामकरण गुरु जम्भेश्वर के नाम पर करने की घोषणा कर रहे हैं।
इस घोषणा के बाद विश्नोई समाज के लोगों में उत्साह भर गया। फेसबुक, व्हाट्सएप से लेकर हर सोशल मीडिया साइट पर सीएम योगी के वक्तव्य की वीडियो क्लिप चलने लगी। समाज के लोगों ने सीएम योगी को धन्यवाद लिखते हुए एक्स पर पोस्ट भी किए।
ज्ञात हो कि जिले में विश्नोई मतदाताओं की अनुमानित संख्या 66 हजार है। इनमें से 25 हजार वोट अकेले कांठ विधानसभा क्षेत्र में हैं। विश्नोई समाज के मुताबिक 27 हजार से ज्यादा वोट ठाकुरद्वारा विधानसभा में हैं।
विश्नोई मंदिर समिति लोदीपुर धाम के सचिव अजीत कुमार विश्नोई का कहना है कि गुरु जम्भेश्वर के नाम से विश्वविद्यालय का नामकरण होना सिर्फ विश्नोई समाज के लिए नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति व संतों का आदर करने वाले हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
प्रदेश अध्यक्ष बोले, योगी ने पूरी की वर्षों पुरानी मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का ऐसा मंडल है, जहां सरकारी विश्वविद्यालय नहीं था। हम लोगों से कहते थे कि हमारी सरकार आएगी तो यह मांग जरूर पूरी होगी। आज सीएम योगी ने मुरादाबाद की वर्षों की पुरानी मांग पूरी कर दी है। इन जनपद का सपना पूरा कर दिया है।
2017 में भाजपा को प्रदेश में सरकार बनाने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने उसी दिन से कहना शुरू कर दिया कि जमीन देखो, जो औपचारिकताएं हैं उन्हें पूरी करो। उन्होंने मुरादाबाद में सरकारी विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
चौधरी ने कहा कि यह सीएम योगी के 24 घंटे प्रदेश के हित में काम करने का परिणाम है कि यूपी अब बीमारु राज्य से निकलकर बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। सरकार ने बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा पर काम किया है।
कानून व्यवस्था के लिए चुनौती था मुरादाबाद मंडल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुरादाबाद मंडल कानून व्यवस्था की दृष्टि से चुनौती भरा रहा है। 2017 के बाद से आज मुरादाबाद मंडल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में लोग सुरक्षित जीवन यापन कर रहे हैं। महिलाएं सुरक्षित हैं, बच्चियां समय से स्कूल जाती हैं। उत्तर प्रदेश का गन्ना उत्पादन में बड़ा स्थान है।
2017 के बाद से किसानों को गन्ने का बेहतर भुगतान हुआ है। पुरानी सरकारों में शुगर मिल बेच दी जाती थीं। आज सरकार के प्रयास से सभी शुगर मिलें चलती हैं और गन्ने की पेराई के बाद बंद होती हैं। किसानों के लिए मुफ्त बिजली की व्यवस्था सरकार ने की है।