UP Budget 2024: मुरादाबाद से जल्द शुरू होगी हवाई सेवा, विश्वविद्यालय के लिए बजट को मंजूरी.. लोगों में खुशी
योगी सरकार ने आम बजट विधानसभा में पेश किया। इसमें मुरादाबाद को दो बड़ी योजनाओं का तोहफा मिला। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुरादाबाद से जल्द हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के लिए बजट को मंजूरी दी गई है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि मुरादाबाद से हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुरादाबाद में बनने वाले नए विश्वविद्यालय के लिए बजट को मंजूरी दे दी गई है।
मुरादाबाद में हवाई पट्टी से हवाई अड्डा बनने तक का सफर 10 साल में पूरा हुआ। इसके बाद लाइसेंस पाने के लिए तीन साल का समय लगा। डीजीसीए की ओर से बताई गईं तमाम खामियों को दूर करने के बाद नवंबर 2023 में हवाई अड्डे को उड़ान के लिए लाइसेंस मिला।
बजट में मुरादाबाद से हवाई सेवा जल्द शुरू होने की घोषणा के बाद उम्मीद है कि जल्द ही लोकार्पण की तारीख भी घोषित हो जाएगी। मुरादाबाद से 19 सीटर विमान में लोग लखनऊ व कानपुर की यात्रा कर सकेंगे। उससे भी सुविधाजनक यह रहेगा की हवाई सफर ट्रेन जितने किराये में हो सकेगा।
एक दशक पहले मुरादाबाद से दिल्ली के लिए उड़ान की मांग की जा रही थी। इसका कारण सड़क मार्ग अच्छा न होने के कारण विदेशी ग्राहक पीतलनगरी की फैक्टरियों में आकर उत्पाद नहीं देख पाते थे। यहां के निर्यातकों को दिल्ली या मुंबई जाकर अपने उत्पाद दिखाने पड़ते थे। अब हाईवे सिक्स लेन हो गया है।
मुरादाबाद से दिल्ली तक का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा हो जाता है। इसलिए दिल्ली के बजाय लखनऊ व कानपुर को वायु मार्ग से जोड़ा गया है। अब तक बस से लखनऊ जाने में सात घंटे व ट्रेन से सफर करने में साढ़े पांच घंटे लगते हैं। हवाई जहाज से यह सफर एक घंटे में पूरा हो जाएगा। इसी तरह कानपुर के लिए भी एक से सवा घंटा लगेगा।
प्रोजेक्ट पर एक नजर
- 2008 में बनी थी मूंढापांडे हवाई पट्टी
- 2014 में हवाई अड्डा बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एएआई से किया समझौता
- 52 हेक्टेयर जमीन पर लगभग 21 करोड़ की लागत से शुरू हुआ काम
- 2019 में 80 प्रतिशत निर्माण हुआ पूरा
- 2019 में भराव की मिट्टी में गड़बड़ करने वाले तीन इंजीनियर हुए निलंबित
- जनवरी 2020 में डीजीसीए ने किया था भौतिक निरीक्षण
- फरवरी 2020 में डीजीसीए के बताए बिंदुओं पर शुरू हुआ काम
- मार्च 2020 में कोरोना के कारण रुक गया निर्माण
- 2021 में 12 करोड़ रुपये बजट में बढ़ाए गए
- 2022 में डीजीसीए ने फिर बताईं आपत्तियां
- प्रदेश सरकार ने सुधार के लिए करीब 70 करोड़ रुपये और किए जारी
- अगस्त 2023 में डीजीसीए की टीम ने किया निरीक्षण
- नवंबर 2023 में मिल गया उड़ान के लिए लाइसेंस
अगले सत्र से शुरू हो सकता है सरकारी विश्वविद्यालय
योगी सरकार ने मुरदाबाद में सरकारी विश्वविद्यालय के लिए बजट को मंजूरी दे दी है। लोकसभा चुनाव से पहले विश्वविद्यालय को अस्तित्व में लाने के लिए शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से भी मुरादाबाद में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जरूरी सूचनाएं मांगी जा रही है।
उम्मीद है कि नए वर्ष में कुलपति या कुलसचिव की नियुक्ति हो जाएगी। मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद के अलावा रामपुर, अमरोहा, संभल और बिजनौर जनपद के 349 महाविद्यालयों में लगभग ढाई लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय न होने की वजह से सभी राजकीय, अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की संबद्धता एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से है। मुरादाबाद विश्वविद्यालय बनते ही महात्मा ज्योतिबाफुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 587 कॉलेजों में से 349 कॉलेज कम हो जाएंगे।