{"_id":"b642e1240983dafbc9cdb58a7b031440","slug":"up-board-exam-begin-between-missmanagment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन परीक्षा में हावी रहीं अव्यवस्थाएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन परीक्षा में हावी रहीं अव्यवस्थाएं
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Fri, 19 Feb 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड परीक्षा का पहला दिन अव्यवस्थाओं से भरा रहा। सबसे अधिक शिकायतें शिक्षकों की कमी की रहीं। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुरू की गई क्यूआरसी एप भी पहले ही दिन धोखा दे गई। जिसके चलते पुराने ढर्रे पर ही काम चलाया गया। कुल मिलाकर पहला दिन प्रशासन के लिए चुनौती साबित हुआ। कहीं प्रश्न पत्र कम पड़े गए।
गुरुवार से शुरू हुई परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग बुधवार को देर रात तक जुटा रहा। इसके बावजूद कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई। गुरुवार को भी कक्ष निरीक्षकों के लिए पहचान पत्र जारी हुए। नतीजा ये रहा कि पहले ही दिन अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी पड़ गई। जिसके चलते केंद्र व्यवस्थापकों ने आनन फानन में शिक्षकों की व्यवस्था की। हालात ये रही कि दो के बजाय एक ही कक्ष निरीक्षक तैनात करना पड़ा। जबकि बोर्ड परीक्षा के नियमानुसार प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात होने चाहिए। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुरू किया क्यूआरसी एप धोखा दे गया। मुरादाबाद सहित प्रदेश के कई जिलों में एप ने काम नहीं किया। जिसमें केंद्र व्यवस्थापक को उपस्थित और अनुपस्थित छात्रों की सूची मोबाइल से स्कैन करने के बाद वेबसाइट पर अपलोड करनी थी। एप के काम नहीं करने पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो काल ही रिसीव नहीं की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को जानकारी दी तो उन्होंने पुराने तरीके से ही सूचना भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा कई जगह फर्नीचर का भी उपयुक्त इंतजाम नहीं था। एक स्कूल में प्ले स्कूल का फर्नीचर ही लगा दिया गया। इसके अलावा विद्यालयाें की ओर से विषयवार छात्रों की सही संख्या उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रश्न पत्र कम पड़ गए। जिसके लिए आस पास के विद्यालयों से प्रश्न पत्र मांग कर काम चलाना पड़ा।
विज्ञापन
गुरुवार से शुरू हुई परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग बुधवार को देर रात तक जुटा रहा। इसके बावजूद कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई। गुरुवार को भी कक्ष निरीक्षकों के लिए पहचान पत्र जारी हुए। नतीजा ये रहा कि पहले ही दिन अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी पड़ गई। जिसके चलते केंद्र व्यवस्थापकों ने आनन फानन में शिक्षकों की व्यवस्था की। हालात ये रही कि दो के बजाय एक ही कक्ष निरीक्षक तैनात करना पड़ा। जबकि बोर्ड परीक्षा के नियमानुसार प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात होने चाहिए। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुरू किया क्यूआरसी एप धोखा दे गया। मुरादाबाद सहित प्रदेश के कई जिलों में एप ने काम नहीं किया। जिसमें केंद्र व्यवस्थापक को उपस्थित और अनुपस्थित छात्रों की सूची मोबाइल से स्कैन करने के बाद वेबसाइट पर अपलोड करनी थी। एप के काम नहीं करने पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो काल ही रिसीव नहीं की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को जानकारी दी तो उन्होंने पुराने तरीके से ही सूचना भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा कई जगह फर्नीचर का भी उपयुक्त इंतजाम नहीं था। एक स्कूल में प्ले स्कूल का फर्नीचर ही लगा दिया गया। इसके अलावा विद्यालयाें की ओर से विषयवार छात्रों की सही संख्या उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रश्न पत्र कम पड़ गए। जिसके लिए आस पास के विद्यालयों से प्रश्न पत्र मांग कर काम चलाना पड़ा।
विज्ञापन