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Moradabad News: दो शिक्षक, पांच कक्षाएं, 80 बच्चे... सरकारी स्कूलों का सच यही है

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 02:45 AM IST
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Two teachers, five classes, 80 children... this is the reality of government schools
मुरादाबाद। बुनियादी शिक्षा ही बच्चों का भविष्य तय करती है लेकिन अगर इसी के साथ खिलवाड़ होने लगे तो इसे क्या कहा जाएगा। सरकारी स्कूलों के हालत यह हैं कि एक-एक शिक्षक को एक ही वक्त पर दो कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की बात तो दूर, कहीं-कहीं बरामदे में ही कक्षाएं लग रही हैं।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्या दांग में दो शिक्षक एक से पांच तक के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। यहां पर एक-एक शिक्षक दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाते हैं। इस स्कूल में कुल 80 से अधिक बच्चे हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि शिक्षकों की कमी है। इसकी वजह से एक शिक्षक को एक साथ दो कक्षाएं पढ़ानी पढ़ रही है।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत इस स्कूल का कायाकल्प किया गया है। यहां पर लगाए गए कैमरे दो महीने से बंद है। प्रधानाचार्य ने बताया कि एक कमरे में पुस्तकालय बना दिया गया है। अब केवल चार कमरे हैं। तीन कमरे में पांच कक्षाएं चलाई जा रही हैं। अभी एक कमरे को ठीक करवाना है। इसी तरह शहर के कई स्कूल हैं, जहां पर एक साथ कई कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है।
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बच्चों को पढ़नी थी नमाज... आधे घंटे पहले कर दी छुट्टी
बेसिक स्कूल कानून गोयान में करीब 2:30 बजे बच्चों की छुट्टी कर दी गई। जबकि स्कूल का समय सुबह 10 बजे से लेकर शाम तीन बचे तक है। इस स्कूल में 112 बच्चे हैं। स्कूल में 2:45 बजे केवल एक शिक्षिका मिलीं। उन्होंने बताया कि यहां पढ़ने के लिए प्रतिदिन करीब 80 बच्चे आते हैं। यहां पर भी एक शिक्षक दो कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाते हैं। स्कूल में तीन शिक्षक हैं। स्कूल में कमरे नहीं हैं। यहां बरामदे में बच्चों की कक्षाएं चलती हैं। स्कूल एक गली में है। शिक्षिका ने बताया कि बच्चों को नमाज पढ़नी होती है। इसलिए छुट्टी कर दी गई है।
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ये कैसा कायाकल्प... दो साल में ही आने लगी सीलन
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कंपोजिट विद्यालय मुगलपुरा की मरम्मत की गई है। स्कूलों की दीवारें प्लास्टर छोड़ने लगी हैं और छत में सीलन आने लगी है। प्रधानाचार्य का कहना है कि स्कूल का कायाकल्प ठीक से नहीं किया गया। इसकी वजह से जगह-जगह प्लास्टर छूट रहा है। उन्होंने बताया कि दीवारों पर केवल पुताई कर दी। इसकी वजह से इस तरह की समस्या बनी हुई है। नालियां बैठ गई हैं। बारिश में छतों से पानी टपकने लगता है। स्कूल में कैमरा नहीं चल रहा है। यहां पर 222 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में कुल नौ शिक्षक हैं।

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शहर के 64 स्कूलों में 10,935 बच्चे करते हैं पढ़ाई
शहर में स्थित बेसिक शिक्षा विभाग के 64 स्कूलों में 10,935 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इन स्कूलों में नियमानुसार 365 शिक्षकों की जरूरत है लेकिन नियमित शिक्षक केवल 203 हैं।
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वर्जन-
इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।- वेगीश सिंह गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर मुरादाबाद
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