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अब कागजों में मार दिए दो मरीज, 65 नए पॉजिटिव दैनिक रिपोर्ट से गायब, कुल संख्या में जुड़े
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण का फैलाव और मृत्यु दर के उतार चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों की बाजीगरी करने लगा है। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला में आंकड़ों के खेल की खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने कागजों में ही दो मरीज मार दिए। दैनिक रिपोर्ट में मौत का आंकड़ा शून्य दर्शाने के साथ अब तक मृतकों की संख्या 144 से बढ़ाकर 146 कर दी। नए मरीजों के आंकड़ों में भी गोलमाल है। रोजाना में मात्र 33 नए पॉजिटिव दर्शाए गए हैं, जबकि कुल मरीजों की संख्या में 98 नए मरीज जोड़े गए हैं।
कोरोना संक्रमण के लिहाज से मुरादाबाद प्रदेश के टॉपटेन जिलों में शामिल हैं। शासन स्तर से संक्रमण के फैलाव और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं। नोडल अधिकारी नामित कर समीक्षा की जा रही है। जुलाई-अगस्त की तुलना में सितंबर में संक्रमण और मृत्यु दर कम जरूर हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों की बाजीगरी दिखाकर उसे और कम करने में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। जिले में 30 सितंबर तक मृतकों की संख्या 147 थी। एक अक्टूबर को एक संक्रमित की मौत के साथ संख्या 148 पहुंच गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़ा जोड़ने के बाद सीधे तीन कम कर दिए।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित की। इसके बाद शुक्रवार को ही कागजों में दो मृतकों की संख्या बढ़ाकर अब कुल 147 कर दी गई। जबकि विभागीय डेली रिपोर्ट में शुक्रवार को मौत शून्य दर्शायी गई है। नए मरीजों के आंकड़ों में गोलमाल हो रहा है। रैपिड एंटीजन ही नहीं आरटीपीसीआर के सैंपल रिपोर्ट में आंकड़ेबाजी हो रही है। शुक्रवार को विभागीय डेली रिपोर्ट में कुल पॉजिटिव की संख्या 33 दर्ज है। जबकि कुल मरीजों की संख्या में 98 नए मरीज जोड़े गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के सोशल मीडिया ग्रुप बंद
मुरादाबाद। कोरोना की शुरुआत में 22 मार्च को स्वास्थ्य विभाग ने व्हाट्स एप पर हेल्थ न्यूज मुरादाबाद ग्रुप बनाया। इसमें मीडिया कर्मियों को जोड़ा गया, ताकि कोरोना से जुड़े अपडेट शेयर की जा सके। गुड मार्निंग और नाइट के मैसेज शेयरिंग के साथ महीनों से ग्रुप बंद पड़ा है।
- मुरादाबाद के अस्पतालों में चार बाहरी लोगों की मौत हुई थी। इनमें दो मौत उत्तराखंड और दो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के मरीजों की थी। चारों मौतों का आंकड़ों मुरादाबाद जिले के पोर्टल पर दर्ज था। बाहरी मौतों को पोर्टल से हटाने का प्रदेश कंट्रोल रूम से आग्रह किया था। इसके चलते आंकड़े कम हुए। मुरादाबाद के व्यक्ति की बाहरी जिले एवं राज्य में मौत हुई होगी तो उनकी संख्या स्टेट ने मुरादाबाद जिले के पोर्टल पर जोड़ी होगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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कोरोना संक्रमण के लिहाज से मुरादाबाद प्रदेश के टॉपटेन जिलों में शामिल हैं। शासन स्तर से संक्रमण के फैलाव और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं। नोडल अधिकारी नामित कर समीक्षा की जा रही है। जुलाई-अगस्त की तुलना में सितंबर में संक्रमण और मृत्यु दर कम जरूर हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों की बाजीगरी दिखाकर उसे और कम करने में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। जिले में 30 सितंबर तक मृतकों की संख्या 147 थी। एक अक्टूबर को एक संक्रमित की मौत के साथ संख्या 148 पहुंच गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़ा जोड़ने के बाद सीधे तीन कम कर दिए।
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अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित की। इसके बाद शुक्रवार को ही कागजों में दो मृतकों की संख्या बढ़ाकर अब कुल 147 कर दी गई। जबकि विभागीय डेली रिपोर्ट में शुक्रवार को मौत शून्य दर्शायी गई है। नए मरीजों के आंकड़ों में गोलमाल हो रहा है। रैपिड एंटीजन ही नहीं आरटीपीसीआर के सैंपल रिपोर्ट में आंकड़ेबाजी हो रही है। शुक्रवार को विभागीय डेली रिपोर्ट में कुल पॉजिटिव की संख्या 33 दर्ज है। जबकि कुल मरीजों की संख्या में 98 नए मरीज जोड़े गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के सोशल मीडिया ग्रुप बंद
मुरादाबाद। कोरोना की शुरुआत में 22 मार्च को स्वास्थ्य विभाग ने व्हाट्स एप पर हेल्थ न्यूज मुरादाबाद ग्रुप बनाया। इसमें मीडिया कर्मियों को जोड़ा गया, ताकि कोरोना से जुड़े अपडेट शेयर की जा सके। गुड मार्निंग और नाइट के मैसेज शेयरिंग के साथ महीनों से ग्रुप बंद पड़ा है।
- मुरादाबाद के अस्पतालों में चार बाहरी लोगों की मौत हुई थी। इनमें दो मौत उत्तराखंड और दो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के मरीजों की थी। चारों मौतों का आंकड़ों मुरादाबाद जिले के पोर्टल पर दर्ज था। बाहरी मौतों को पोर्टल से हटाने का प्रदेश कंट्रोल रूम से आग्रह किया था। इसके चलते आंकड़े कम हुए। मुरादाबाद के व्यक्ति की बाहरी जिले एवं राज्य में मौत हुई होगी तो उनकी संख्या स्टेट ने मुरादाबाद जिले के पोर्टल पर जोड़ी होगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।