फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Transport Corporation is unable to buy wipers worth Rs 2500

परिवहन निगम नहीं खरीद पा रहा 2500 रुपये के वाइपर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
Transport Corporation is unable to buy wipers worth Rs 2500
मुरादाबाद। हर दिन यात्रियों से 75 लाख रुपये कमाने वाला परिवहन निगम का मुरादाबाद परिक्षेत्र महज 2500 रुपये के वाइपर नहीं खरीद पा रहा है। वाइपर नहीं होने से रात में ड्राइवरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों को बार-बार हाईवे किनारे रोककर उनका शीशा साफ करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए निगम लगातार ऐसी बसों का संचालन कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर पिछले दो साल से परिवहन निगम के अधिकारी कम बजट का ढोल पीट रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल के बावजूद पिछले दो वर्षों में मुरादाबाद परिक्षेत्र की आय में कोई खास गिरावट नहीं आई है। हर यात्री से टिकट में किराये के साथ लगभग दो से तीन रुपये यात्री सुविधा के नाम पर वसूले जा रहे हैं। 10 हजार रुपये प्रतिमाह मुख्यालय द्वारा यात्री सुविधा के लिए दिए जाते हैं। इन सबके बावजूद कई बसों में कोहरे के सीजन के लिए विशेष लाइटें भी नहीं लगाई गई हैं। मुरादाबाद क्षेत्र की 15 से अधिक बसों पर वाइपर नहीं है। वाइपर खरीद के लिए निगम को महज 2500 से तीन हजार रुपये खर्च करने होंगे, लेकिन लापरवाही के कारण यह काम नहीं हो रहा है। दूसरी ओर, बसों की मेंटिनेंस सही ढंग से नहीं होने के कारण लंबे सफर में बसें बीच रास्ते में खराब हो रही हैं।
विज्ञापन

बुधवार को मुरादाबाद परिक्षेत्र के बिजनौर डिपो की एक बस उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक की परीक्षा देने वाले छात्रों को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई। रात में तकरीबन दो बजे जलालाबाद पहुंचने पर बस खराब हो गई। सुबह साढ़े सात बजे छात्रों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचना था। ड्राइवर-कंडक्टर ने पड़ोसी डिपो से सहायता मांगी, तब जाकर दो घंटे बाद बस ठीक हो सकी। चूंकि रात में कोई अन्य बस कानपुर के लिए नहीं थी, ऐसे में छात्रों में परीक्षा छूटने का डर बना रहा। इसी प्रकार रोजाना विभिन्न रूटों पर ऐसी समस्याएं आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले वर्षों में मुख्यालय द्वारा तकरीबन 15 लाख रुपये व्यवस्थाओं व मेंटिनेंस के लिए दिए जाते थे। अब यह धनराशि घटकर आठ लाख रुपये तक रह गई है। ऐसे में बसों के कलपुर्जे व कई छोटे-छोटे सामानों की कमी है। इन समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। बसों के लिए वाइपर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए सेवा प्रबंधक को निर्देश दे दिए गए हैं।
- दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed