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Moradabad News: जाम...तनाव देने के लिए नाम ही काफी है
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मुरादाबाद। दफ्तर और फैक्टरियों में काम खत्म करके लोग पांच से छह बजे के बीच घर के लिए निकलते हैं। सड़कों पर अचानक ट्रैफिक बढ़ जाता है। रेलवे स्टेशन, इंपीरियल तिराहा और रोडवेज बस अड्डा जाम के सबसे बड़े प्वाइंट बन जाते हैं। दूर दूर तक वाहनों की कतार होती है। क्योंकि इस समय हर किसी को घर पहुंचने की जल्दी होती है और वाहनों के शोर-शराबे के बीच फंसकर मूड खराब हो जाता है। लोगों का कहना है कि इतनी थकान तो दिन भर के काम से नहीं होती जितनी जाम से हो जाती है।
समय : 5:10 बजे । इंपीरियल तिराहा
शाम 5:10 बजे इंपीरियल तिराहे पर वाहनों की कतार लगी थी। चौराहे से निकलने के लिए वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ रहा था। कई वाहन चालक जाम से बचने के लिए उल्टी दिशा में वाहन निकालते नजर आए। यहां से गुजर रहे नितेश वर्मा ने बताया कि इंपीरियल तिराहे पर जाम रोज की समस्या बन गई है। कई बार 20 से 25 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। वहीं बबलू ने बताया कि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि शाम के समय यहां यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है। जाम के कारण आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
समय : 5:20 बजे । रेलवे स्टेशन
शाम 5:20 बजे रेलवे स्टेशन के आसपास भी वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ था। ऑटो, टैक्सी, निजी बस और अन्य वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से परेशानी और बढ़ गई। स्टेशन के पास दुकानदार प्रदीप छाबड़ा ने बताया कि शाम के समय जाम की समस्या सबसे ज्यादा रहती है। ऑटो और टैक्सियों की संख्या बढ़ते ही यातायात प्रभावित होने लगता है। दिन में भी कई बार जाम लगता है, लेकिन स्थायी समाधान होता नजर नहीं आ रहा। वहीं अशोक वर्मा ने बताया कि उनका बुध बाजार की ओर अक्सर आना-जाना होता है। शाम को यहां जाम मिलना आम बात है। बाइक खड़ी करने के लिए भी जगह नहीं मिलती।
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समय : 5:45 बजे । रोडवेज बस अड्डा
शाम 5:45 बजे रोडवेज बस अड्डे के पास भी वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी। गांधी नगर की ओर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण यातायात की रफ्तार धीमी रही। मोटर मैकेनिक रमेश सैनी ने बताया कि बस अड्डे के सामने रोज जाम लगता है। गांधी नगर में सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क की जगह कम हो जाती है और जाम की समस्या बढ़ती है। इसके बावजूद सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। रामपुर दौराहे जा रहे अशोक गुप्ता ने बताया कि शाम के समय यहां सबसे ज्यादा जाम मिलता है। कई लोग जल्दी निकलने के चक्कर में उल्टी दिशा से वाहन निकालते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
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समय : 5:10 बजे । इंपीरियल तिराहा
शाम 5:10 बजे इंपीरियल तिराहे पर वाहनों की कतार लगी थी। चौराहे से निकलने के लिए वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ रहा था। कई वाहन चालक जाम से बचने के लिए उल्टी दिशा में वाहन निकालते नजर आए। यहां से गुजर रहे नितेश वर्मा ने बताया कि इंपीरियल तिराहे पर जाम रोज की समस्या बन गई है। कई बार 20 से 25 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। वहीं बबलू ने बताया कि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि शाम के समय यहां यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है। जाम के कारण आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
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समय : 5:20 बजे । रेलवे स्टेशन
शाम 5:20 बजे रेलवे स्टेशन के आसपास भी वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ था। ऑटो, टैक्सी, निजी बस और अन्य वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से परेशानी और बढ़ गई। स्टेशन के पास दुकानदार प्रदीप छाबड़ा ने बताया कि शाम के समय जाम की समस्या सबसे ज्यादा रहती है। ऑटो और टैक्सियों की संख्या बढ़ते ही यातायात प्रभावित होने लगता है। दिन में भी कई बार जाम लगता है, लेकिन स्थायी समाधान होता नजर नहीं आ रहा। वहीं अशोक वर्मा ने बताया कि उनका बुध बाजार की ओर अक्सर आना-जाना होता है। शाम को यहां जाम मिलना आम बात है। बाइक खड़ी करने के लिए भी जगह नहीं मिलती।
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समय : 5:45 बजे । रोडवेज बस अड्डा
शाम 5:45 बजे रोडवेज बस अड्डे के पास भी वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी। गांधी नगर की ओर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण यातायात की रफ्तार धीमी रही। मोटर मैकेनिक रमेश सैनी ने बताया कि बस अड्डे के सामने रोज जाम लगता है। गांधी नगर में सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क की जगह कम हो जाती है और जाम की समस्या बढ़ती है। इसके बावजूद सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। रामपुर दौराहे जा रहे अशोक गुप्ता ने बताया कि शाम के समय यहां सबसे ज्यादा जाम मिलता है। कई लोग जल्दी निकलने के चक्कर में उल्टी दिशा से वाहन निकालते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।