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Moradabad News: डीआरएम की निरीक्षण ट्रेन से ट्रैकमैन कटा, मौके पर मौत
Sat, 17 Aug 2024 06:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 17 Aug 2024 06:07 AM IST
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मुरादाबाद। डीआरएम राजकुमार सिंह की निरीक्षण ट्रेन से कटकर ट्रैकमैन राजेश कुमार (32) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह आठ बजे हकीमपुर स्टेशन यार्ड के पास की है। डीआरएम अपनी निरीक्षण ट्रेन से गजरौला जा रहे थे। ट्रैकमैन हकीमपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर काम कर रहा था।
निरीक्षण ट्रेन की गति तेज थी। ड्राइवर ने हाॅर्न भी बजाया, लेकिन ट्रैकमैन ने हॉर्न नहीं सुना। ड्राइवर जब तक ब्रेक लगाता या ट्रैकमैन संभल पाता, तब तक हादसा हो चुका था। घटना के बाद मौके पर कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। अपने साथी का का क्षत विक्षत शव पटरियों पर देख उनकी आंखें नम हो गईं। फौरन हादसे की जानकारी कंट्रोल को दी गई। डीआरएम ने अगले स्टेशन पर निरीक्षण ट्रेन रुकवाई और घटना पर खेद व्यक्त किया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि ड्राइवर चाहता तो वहीं हादसे के बाद कर्मचारी संगठनों में रोष है। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि ट्रैकमैन की नियुक्ति को सिर्फ चार महीने हुए थे। सीनियर ट्रैकमैन जिनका ग्रेड पे 2400 व 2800 तक है, वे सभी कार्यालयों में काम कर रहे हैं। बिना अनुभव वाले कर्मचारियों को ट्रैक पर लगाया जा रहा है। मुरादाबाद, अमरोहा, बालामऊ में ऐसी अनियमितताएं हैं। उन्होंने ट्रैकमैन के परिवार को मुआवजा व अनुकंपा के आधार पर परिजन को नौकरी देने की मांग की है।
नरमू ने बताया हत्या
नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन ने इस घटना को हत्या बताया है। मंडल मंत्री राजेश चौबे ने कहा कि पीडब्ल्यूई अमरोहा के अधीन कार्यरत ट्रैक मेंटेनर राजेश सिंह 1800 ग्रेड पे में कार्यरत था। जिससे पीडब्ल्यूई अमरोहा द्वारा कीमैन का कार्य कराया जा रहा था। यह केवल रन ओवर की घटना नहीं है, बल्कि प्रशासन द्वारा जानबूझकर की गई हत्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनुभवहीन कर्मचारी से कीमैन का कार्य क्यों लिया जा रहा था। संगठन ने इस घटना पर विरोध जताया। मंडल मंत्री की अपील कर कई स्टेशनों पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
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- क्या डीआरएम की निरीक्षण ट्रेन गुजरने की जानकारी सेक्शन के सुपरवाइजर को नहीं थी
- क्या पटरी पर कोई खामी थी, जिसकी ट्रेन आने से ठीक पहले ट्रैकमैन मरम्मत कर रहा था
- क्या ड्राइवर को दूर से ट्रैक पर काम करता कर्मचारी दिखाई नहीं दिया
- अनुभव के बिना नई नियुक्ति वाले कर्मचारी से की-मैन का कार्य क्यों लिया गया
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि निरीक्षण ट्रेन की गति तेज थी। यार्ड में घुमावदार लाइन थी, कर्मचारी ट्रैक क्लिप ठोकने में व्यस्त था। हाॅर्न बजाने के बाद जब तक ड्राइवर ट्रेन रोक पाता और ट्रैकमैन संभल पाता, तब तक दुर्घटना हो गई थी। नियमानुसार भत्ता व परिजनों को अन्य लाभ दिया जाएगा। इस घटना की एक विभागीय रिपोर्ट बनाई जा रही है।
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निरीक्षण ट्रेन की गति तेज थी। ड्राइवर ने हाॅर्न भी बजाया, लेकिन ट्रैकमैन ने हॉर्न नहीं सुना। ड्राइवर जब तक ब्रेक लगाता या ट्रैकमैन संभल पाता, तब तक हादसा हो चुका था। घटना के बाद मौके पर कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। अपने साथी का का क्षत विक्षत शव पटरियों पर देख उनकी आंखें नम हो गईं। फौरन हादसे की जानकारी कंट्रोल को दी गई। डीआरएम ने अगले स्टेशन पर निरीक्षण ट्रेन रुकवाई और घटना पर खेद व्यक्त किया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि ड्राइवर चाहता तो वहीं हादसे के बाद कर्मचारी संगठनों में रोष है। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि ट्रैकमैन की नियुक्ति को सिर्फ चार महीने हुए थे। सीनियर ट्रैकमैन जिनका ग्रेड पे 2400 व 2800 तक है, वे सभी कार्यालयों में काम कर रहे हैं। बिना अनुभव वाले कर्मचारियों को ट्रैक पर लगाया जा रहा है। मुरादाबाद, अमरोहा, बालामऊ में ऐसी अनियमितताएं हैं। उन्होंने ट्रैकमैन के परिवार को मुआवजा व अनुकंपा के आधार पर परिजन को नौकरी देने की मांग की है।
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नरमू ने बताया हत्या
नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन ने इस घटना को हत्या बताया है। मंडल मंत्री राजेश चौबे ने कहा कि पीडब्ल्यूई अमरोहा के अधीन कार्यरत ट्रैक मेंटेनर राजेश सिंह 1800 ग्रेड पे में कार्यरत था। जिससे पीडब्ल्यूई अमरोहा द्वारा कीमैन का कार्य कराया जा रहा था। यह केवल रन ओवर की घटना नहीं है, बल्कि प्रशासन द्वारा जानबूझकर की गई हत्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनुभवहीन कर्मचारी से कीमैन का कार्य क्यों लिया जा रहा था। संगठन ने इस घटना पर विरोध जताया। मंडल मंत्री की अपील कर कई स्टेशनों पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
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- क्या डीआरएम की निरीक्षण ट्रेन गुजरने की जानकारी सेक्शन के सुपरवाइजर को नहीं थी
- क्या पटरी पर कोई खामी थी, जिसकी ट्रेन आने से ठीक पहले ट्रैकमैन मरम्मत कर रहा था
- क्या ड्राइवर को दूर से ट्रैक पर काम करता कर्मचारी दिखाई नहीं दिया
- अनुभव के बिना नई नियुक्ति वाले कर्मचारी से की-मैन का कार्य क्यों लिया गया
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि निरीक्षण ट्रेन की गति तेज थी। यार्ड में घुमावदार लाइन थी, कर्मचारी ट्रैक क्लिप ठोकने में व्यस्त था। हाॅर्न बजाने के बाद जब तक ड्राइवर ट्रेन रोक पाता और ट्रैकमैन संभल पाता, तब तक दुर्घटना हो गई थी। नियमानुसार भत्ता व परिजनों को अन्य लाभ दिया जाएगा। इस घटना की एक विभागीय रिपोर्ट बनाई जा रही है।