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पच्चीस करोड़ की स्टांप चोरी में फंसा टोल
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:56 AM IST
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टोल प्लाजा
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पच्चीस करोड़ की स्टांप चोरी में टोल प्लाजा फंस गया है। प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। स्टांप चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और हाईवे अथारिटी फिर आमने सामने है। इसे लेकर पिछले करीब पांच महीनों से विवाद चला आ रहा है।
बरेली-मुरादाबाद फोरलेन पर नियामतपुर इकरोटिया में टोल प्लाजा है। इस प्लाजा के अनुबंध पर स्टांप ड्यूटी को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। प्रशासन ने हाईवे अथारिटी से कई दफा एग्रीमेंट की कापी मांगी मगर रिकार्ड उपलब्ध ही नहीं कराया गया था। शासन तक भी मामला पहुंचा था।
जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने बताया कि मुरादाबाद में संचालित टोल प्लाजा बरेली सेक्शन के 148 किलोमीटर से 262 किलोमीटर तक लगभग 114 किलोमीटर के लिए टोल संग्रह करने हुई हाईवे अथारिटी और कंपनी के बीच एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन को स्टांप दिया जाना चाहिए था मगर नहीं दिया गया है।
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डीएम ने बताया कि हाईवे अथारिटी के निर्माण आदि किए जाने के दायित्वों का निर्वहन कंपनी द्वारा स्वयं किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में कुल व्यय 63.35 करोड़ के 20 गुने अर्थात 1267 करोड़ प्रीमियम माना गया है। क्योंकि कंपनी द्वारा एक रुपया वार्षिक किराया भी दिया गया है लिहाजा स्टांप शुल्क भी लिया जाएगा। क्योंकि कुल धनराशि पर स्टांप शुल्क बनता है।
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बरेली-मुरादाबाद फोरलेन पर नियामतपुर इकरोटिया में टोल प्लाजा है। इस प्लाजा के अनुबंध पर स्टांप ड्यूटी को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। प्रशासन ने हाईवे अथारिटी से कई दफा एग्रीमेंट की कापी मांगी मगर रिकार्ड उपलब्ध ही नहीं कराया गया था। शासन तक भी मामला पहुंचा था।
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जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने बताया कि मुरादाबाद में संचालित टोल प्लाजा बरेली सेक्शन के 148 किलोमीटर से 262 किलोमीटर तक लगभग 114 किलोमीटर के लिए टोल संग्रह करने हुई हाईवे अथारिटी और कंपनी के बीच एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन को स्टांप दिया जाना चाहिए था मगर नहीं दिया गया है।
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डीएम ने बताया कि हाईवे अथारिटी के निर्माण आदि किए जाने के दायित्वों का निर्वहन कंपनी द्वारा स्वयं किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में कुल व्यय 63.35 करोड़ के 20 गुने अर्थात 1267 करोड़ प्रीमियम माना गया है। क्योंकि कंपनी द्वारा एक रुपया वार्षिक किराया भी दिया गया है लिहाजा स्टांप शुल्क भी लिया जाएगा। क्योंकि कुल धनराशि पर स्टांप शुल्क बनता है।