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मुरादाबाद में एक साथ छत पर दिखे तीन तेंदुए: जिले में अब तक पकड़े जा चुके 20 खूंखार, चार लाेगों की ले चुके जान

Mon, 28 Sep 2026 05:10 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Vimal Sharma Updated Mon, 28 Sep 2026 05:10 PM IST
सार

ठाकुरद्वारा के शेरपुर पट्टी गांव में वन विभाग के पिंजरे में करीब एक वर्ष का तेंदुआ कैद हुआ है। यह तेंदुआ करीब एक माह से गांव में सक्रिय था और कई कुत्तों के साथ तीन गोवंश का शिकार कर चुका था। वन विभाग के अनुसार ठाकुरद्वारा क्षेत्र में अब तक 15 और पूरे मुरादाबाद जिले में 20 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले तीन तेंदुए एक साथ छत पर बैठे दिखे थे। 

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Three leopards spotted together rooftop in Moradabad; 20 ferocious ones have been captured in district so far
मुरादाबाद में एक साथ दिखे तीन तेंदुए - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ठाकुरद्वारा में वन विभाग की ओर से शेरपुर पट्टी में लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए की आयु लगभग एक वर्ष बताई गई। वन विभाग के मुताबिक अब तक ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 15 समेत पूरे जिले में 20 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। गांव में करीब एक माह से यह तेंदुआ सक्रिय था। गांव में घुसकर कई कुत्तों को उठा कर ले गया था।

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पशुशाला में घुसकर तीन गोवंश का शिकार कर चुका था। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि शेरपुर पट्टी में पकड़ा गया तेंदुआ 15वां है। जबकि पूरे जनपद में अब तक 20 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। बताया कि पकड़े गए तेंदुए की आयु लगभग एक वर्ष है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर दो दिन पूर्व गांव में पिंजरा लगाया गया था।
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इसमें शनिवार शाम बकरी बांधी गई थी। उन्होंने बताया कि तेंदुए को मेडिकल परीक्षण के लिए डियर पार्क मुरादाबाद भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक संवेदनशील गांव बहापुर बलिया में सबसे अधिक तीन तेंदुए पकड़े गए हैं। पूरे तहसील ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 41 पिंजरे लगे हैं। इनमें रोज बकरी आदि रख कर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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शेरपुर पट्टी में तेंदुए को देखने लिए लगी ग्रामीणों की भीड़
शेरपुर पट्टी में पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। करीब एक माह से ग्रामीण तेंदुए से परेशान थे। तेंदुए के डर से जंगल में न जाने से उनकी खेती का काम भी प्रभावित हो रहा था। रात को जागकर अपने पशुओं और अपनी सुरक्षा कर रहे थे। तेंदुआ पकड़े जाने पर उन्होंने राहत की सांस ली। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब वह जंगल में सुरक्षित रहकर अपनी खेती का कार्य कर सकेंगे।

तेंदुओं के हमले में क्षेत्र में तीन महिलाओं समेत चार की हो चुकी है मौत
क्षेत्र में डेढ़ माह में तेंदुए के हमले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। तीन अगस्त को हुई पहली घटना में तेंदुए ने गांव लालापुर पीपलसाना में चारा काट रही महिला को हमला कर मार डाला था। इसके बाद दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत गांव बहापुर बलिया में हो चुकी है। इसी गांव में एक बुजुर्ग को भी हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। इसके अलावा तेंदुए के हमले में गांव मलकपुर सेमली, राईभूड़ आदि में 10 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

भरतपुर में पिंजरे में कैद हुआ दूसरा तेंदुआ
कांठ तहसील क्षेत्र के गांव भरतपुर में तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग को शनिवार तड़के बड़ी सफलता मिली। गांव में पिछले करीब 10 लगे पिंजरे में दूसरा तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुआ पिंजरे में फंसने की जानकारी पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित अपने साथ मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।

15 सितंबर को गांव भरतपुर की रहने वाली निर्वेश देवी खेत में घास काट रही थी। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया था। तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने गांव भरतपुर में तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए थे और टीम ने तीन दिन यहां कैंप किया था।

17 सितंबर को पिंजरे में पहला मादा तेंदुआ तेंदुआ कैद हो गया था। उसे वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई थी। इसी के साथ यहां और भी तेंदुआ होने की आशंका पर दूसरा पिंजरा 17 सितंबर से लगा हुआ था, शनिवार तड़के पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया।
 

 नलकूप की कोठरी पर बैठे दिखे तीन तेंदुए
बारिश से गन्ने के खेतों में पानी भरने से कांठ-ठाकुरद्वारा के गावों में तेंदुओं की सक्रियता आबादी की ओर बढ़ गई है। कांठ के समदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद गांव के पास शुक्रवार रात एक साथ तीन तेंदुए नलकूप की कोठरी पर चढ़कर बैठ गए।  नलकूप आबादी से करीब 500 मीटर दूर है। कार सवार ग्रामीणों ने तेंदुओं का वीडियो बनाया और वन विभाग को भेजा। काफी देर बाद तीनों तेंदुए कोठरी से उतरकर गन्ने के खेतों में चले गए। एक साथ तीन तेंदुए दिखाई देने के बाद कांठ के 20 से ज्यादा गांवों में दहशत बढ़ गई है। 
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