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तीन तलाक की शिकार को इंसाफ के लिए चार साल से पहचान की दरकार
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फहीम जहां।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। एक और तो राज्य सरकार महिलाओं को इंसाफ दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए राज्यभर में मिशन श्क्ति जैसे अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को ही 1535 थानों में महिला डेस्क का शुभारंभ किया तथा सीक्रेट रूम स्थापित करने की घोषणा की लेकिन इस पूरी कवायद के बीच चार साल से एक तलाकशुदा महिला इंसाफ पाने के लिए भटक रही है। पति के इस महिला को केवल लिए तीन तलाक दे दिया था क्योंकि महिला के बच्चे नहीं हुए। दूसरी महिला से निकाह कर पति ने इस महिला के वे सारे दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि भी छीन लिए जिनसे वह अपनी पहचान दर्शा सकती। सप्ताह भर से महिलाआों केे अधिकारों की रक्षा की दुहाई दे रहे अधिकारियों ने दर-दर भटक रही इस महिला को इंसाफ दिलाने को कोई पहल नहीं की।
यह मामला मैनाठेर थानाक्षेत्र के महमूदपुर माफी गांव की रहने वाली फहीम जहां का है। महिला ने बताया कि वर्ष 2003 में उसकी शादी मझोला के मंगूपुरा नया गांव निवासी बिजली मैकेनिक अहसान के साथ हुई थी। शादी के कई साल बाद भी उनके यहां कोई संतान नहीं हुई। इस कारण पति और ससुरालवालों का रवैया उसके प्रति बदलने लगा। आरोप है कि 26 जुलाई 2016 को पति ने बच्चा पैदा न होने पर उसके साथ मारपीट की और जिला अस्पताल में लावारिसों की तरह छोड़ दिया था। इस मामले में महिला के भाई की ओर से आरोपी पति और अन्य ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। महिला ने पति के खिलाफ परिवार न्यायालय में वाद दायर कराकर खर्चा देने की मांग की थी। महिला का कहना है कि दस नवंबर 2016 को कचहरी में पति ने केस वापस के लिए उस पर दबाव बनाया। महिला ने इंकार किया तो आरेापी पति ने उसे तीन तलाक दे दिया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मैनाठेर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। 17 दिसंबर 2019 को आरोपी अहसान को अदालत से जमानत मिल गई। आरोपी तो जेल से छूट गया लेकिन पीड़िता को आज भी इंसाफ की दरकार है।
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पति ने कर लिया दूसरी महिला से निकाह
मुरादाबाद। महिला के भाई हाजी मोहम्मद आकिल ने बताया कि अहसान ने 21 अक्तूबर 2018 में दूसरी महिला से निकाह कर लिया था। उस वक्त फहीमजहां अपने मायके में थी। इसकी जानकारी फहीम को भी नहीं दी गई। दूसरे लोगों से पता चला कि अहसान ने दूसरी महिला से निकाह कर लिया है।
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बैंक खाता न होने से खराब हो गया 26 हजार का ड्राफ्ट
मुरादाबाद। फहीम जहां ने बताया कि पुलिस ने 22 नवंबर 2019 को आरोपी अहसान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब अदालत ने फहीम जहां को खर्चा देने की शर्त पर जमानत दी थी। जिसमें आरोपी की ओर से महिला को 26 हजार रुपये के दो ड्राफ्ट दिए गए थे लेकिन महिला का कोई बैंक खाता नहीं है। खाता खुलने के लिए आधार कार्ड की जरुरत है। जरुरी दस्तावेज न होने के कारण बैंक खाता नहीं खुल पाया और उसकेा 26 हजार रुपये के ड्राफ्ट भी खराब हो गए। सवाल उठाता है कि आखिर सरकार की मिशन शक्ति जैसे अभियानों के बाद भी फ़हीम जहां जैसी महिलाओं को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है तो इन अभियातों की सार्थकता क्या है। किसी अधिकारी ने उसके जरुरी दस्तावेज तक नहीं दिलवाए।
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इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर तलाकशुदा महिला के दस्तावेज पति ने अपने कब्जे में रख लिए हैं तो वो महिला हेल्प डेस्क पर अपना प्रार्थना पत्र दे। महिला की पूरी मदद की जाएगी। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मुरादाबाद
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यह मामला मैनाठेर थानाक्षेत्र के महमूदपुर माफी गांव की रहने वाली फहीम जहां का है। महिला ने बताया कि वर्ष 2003 में उसकी शादी मझोला के मंगूपुरा नया गांव निवासी बिजली मैकेनिक अहसान के साथ हुई थी। शादी के कई साल बाद भी उनके यहां कोई संतान नहीं हुई। इस कारण पति और ससुरालवालों का रवैया उसके प्रति बदलने लगा। आरोप है कि 26 जुलाई 2016 को पति ने बच्चा पैदा न होने पर उसके साथ मारपीट की और जिला अस्पताल में लावारिसों की तरह छोड़ दिया था। इस मामले में महिला के भाई की ओर से आरोपी पति और अन्य ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। महिला ने पति के खिलाफ परिवार न्यायालय में वाद दायर कराकर खर्चा देने की मांग की थी। महिला का कहना है कि दस नवंबर 2016 को कचहरी में पति ने केस वापस के लिए उस पर दबाव बनाया। महिला ने इंकार किया तो आरेापी पति ने उसे तीन तलाक दे दिया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मैनाठेर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। 17 दिसंबर 2019 को आरोपी अहसान को अदालत से जमानत मिल गई। आरोपी तो जेल से छूट गया लेकिन पीड़िता को आज भी इंसाफ की दरकार है।
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पति ने कर लिया दूसरी महिला से निकाह
मुरादाबाद। महिला के भाई हाजी मोहम्मद आकिल ने बताया कि अहसान ने 21 अक्तूबर 2018 में दूसरी महिला से निकाह कर लिया था। उस वक्त फहीमजहां अपने मायके में थी। इसकी जानकारी फहीम को भी नहीं दी गई। दूसरे लोगों से पता चला कि अहसान ने दूसरी महिला से निकाह कर लिया है।
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बैंक खाता न होने से खराब हो गया 26 हजार का ड्राफ्ट
मुरादाबाद। फहीम जहां ने बताया कि पुलिस ने 22 नवंबर 2019 को आरोपी अहसान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब अदालत ने फहीम जहां को खर्चा देने की शर्त पर जमानत दी थी। जिसमें आरोपी की ओर से महिला को 26 हजार रुपये के दो ड्राफ्ट दिए गए थे लेकिन महिला का कोई बैंक खाता नहीं है। खाता खुलने के लिए आधार कार्ड की जरुरत है। जरुरी दस्तावेज न होने के कारण बैंक खाता नहीं खुल पाया और उसकेा 26 हजार रुपये के ड्राफ्ट भी खराब हो गए। सवाल उठाता है कि आखिर सरकार की मिशन शक्ति जैसे अभियानों के बाद भी फ़हीम जहां जैसी महिलाओं को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है तो इन अभियातों की सार्थकता क्या है। किसी अधिकारी ने उसके जरुरी दस्तावेज तक नहीं दिलवाए।
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इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर तलाकशुदा महिला के दस्तावेज पति ने अपने कब्जे में रख लिए हैं तो वो महिला हेल्प डेस्क पर अपना प्रार्थना पत्र दे। महिला की पूरी मदद की जाएगी। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मुरादाबाद