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Moradabad News: यह शिक्षिकाएं सिर्फ पढ़ाती नहीं, बल्कि जीवन गढ़ती हैं...

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:33 AM IST
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These teachers do not merely teach; they shape lives...
मुरादाबाद। एक तरफ विद्यालय जहां छात्र नामांकन की समस्या से जूझ रहे हैं तो वहां इन शिक्षिकाओं की उपलब्धि है कि इतने ज्यादा विद्यार्थी दाखिला लेना चाहते हैं कि उनको बैठाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। उनके विद्यालय में विद्यार्थियों का आकर्षण कोई आधुनिक संसाधनों की वजह से नहीं, बल्कि शिक्षा के लिए इन शिक्षिकाओं द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों की वजह से हैं। इन शिक्षिकाओं के लिए स्कूल सिर्फ एक इमारत नहीं है यह उनका दूसरा घर है। नतीजे, संसाधन और सुविधाओं की कमी के बावजूद ये अपनी संवेदना और मेहनत से सीखने की लौ जलाए रखती हैं। आज छात्रों की बढ़ती संख्या गवाह है कि जब शिक्षक दिल से पढ़ाएं, तो विद्यालय की बगिया में सफलता के फूल जरूर खिलते हैं। ये सिर्फ पढ़ा नहीं रहीं, जीवन गढ़ रही हैं।
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एक उधार के कमरे से जिले स्तर की मेरिट में छात्रा के पहुंचाने तक का सफर
राजकीय हाईस्कूल हुसैनपुर छिरावली प्रधानाध्यापिका ब्रजबाला ने बताया कि वर्ष 2016 में पदोन्नति के बाद इस विद्यालय में नियुक्ति हुई थी। उस समय यह स्कूल जूनियर विद्यालय में एक कमरे में संचालित था और छात्रसंख्या 11 थी। यह आंगनबाड़ी का बंद कमरा था, जिसमें उपले भरे थे। कमरे में पेंट, टाइल्स लगवाने के साथ पंखा भी अपने घर का लगाया। एक सहायक अध्यापिका अटैचमेंट पर थीं। एक ही सत्र में छात्रसंख्या बढ़ने पर जब जूनियर विद्यालय से कमरों की मांग की तो उन्होंने इन्कार कर दिया। डीआईओएस के कहने पर पास के प्राइमरी विद्यालय के दो कमरे मिले। वह भी खस्ताहाल थे। बारिश में छत से पानी टपकता था। इसकी भी मरम्मत करवाई और कक्षा नौ में 76 और दसवीं में 46 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ। इसके बाद दाखिला के लिए लाइन लगने लगी। कमरे से बाहर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया। वर्ष 2021 में अपना भवन मिला। आज की स्थिति है कि नौ में 122 और दसवीं में 60 बच्चे हैं। वर्ष 2024 में एक छात्रा तानिया ने जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में प्रथम आई थी। इस बार 2025 में छात्रा उदिति शर्मा ने जनपद में नवां स्थान प्राप्त किया है। करीब 25 वर्ष बाद पहली ऐसी छात्रा है, जिसने जनपद की सूची में स्थान प्राप्त किया। यह किसान परिवार और ग्रामीण क्षेत्र से है। अब सपना प्रदेश की सूची में छात्रों का स्थान बनवाने का है।
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इस बार बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार की है जंगल थीम
कुंदरकी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर बस्तौर की सहायक अध्यापिका तृप्ति शर्मा ने बताया कि कला एवं शिक्षण सामग्री के प्रभावी समावेश द्वारा शिक्षण को अत्यंत रोचक, आकर्षक एवं बाल-केंद्रित बना रही हैं। विभिन्न विषयों को कला से जोड़कर पढ़ाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों की सीखने में रुचि एवं सहभागिता निरंतर बढ़ रही है। हर टॉपिक कर करीब छह सौ टीएलएम बना चुकी हूं। सत्र 2026-27 में शिक्षिका द्वारा कक्षा को जंगल थीम पर सजाया गया है। रंग-बिरंगे शैक्षिक एवं कलात्मक वातावरण से युक्त यह कक्षा नवप्रवेशित बच्चों को विशेष रूप से आकर्षित करती है तथा उन्हें विद्यालय आने और सीखने के लिए उत्साहित करती है। उपस्थिति की निरंतरता के लिए विद्यार्थियों को फुल अटेंडेंस अवॉर्ड, फुल यूनिफॉर्म अवॉर्ड और बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड हर महीने की 30 या 31 तारीख को दिया जाता है। स्कूल में कक्षा एक से पांच तक छात्र नामांकन 178 हो गया है। उन्होंने कहा कि जगह का अभाव है नहीं तो यह नामांकन 200 पार हो जाएगा। स्कूल में तीन कमरे है। दो-दो कक्षाओं का संचालन एक कमरे में होती हैं। एक कमरे में ऑफिस और क्लास दोनों ही चलती हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष स्कूल के विद्यार्थी जनपद स्तर पर विज्ञान प्रतियोगिता और कला प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर विजेता बने थे। स्वयं उन्हें राज्य स्तर पर आईसीटी अवॉर्ड मिला है।
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