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Moradabad News: पीएम आवास योजना के खाली मकानों की फिर होगी लॉटरी
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मुकादाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एमडीए द्वारा बनाए गए आवासों का आवंटन नहीं हो सका। वहीं जो आवास आवंटित किए गए उनमें भी कई लोगों ने पूरे दस्तावेज जमा नहीं किए तो किसी ने किस्त नहीं दीं। इसके कारण एमडीए ऐसे आवंटनों को रद्द करेगा। साथ ही बचे हुए आवासों के आवंटन के लिए फिर से लॉटरी निकाली जाएगी।
पीएम आवास योजना के तहत वर्ष 2018 से 2022 के बीच पांच अलग-अलग योजनाओं के तहत नया मुरादाबाद, लाकड़ी फाजलपुर, ढक्का, सोनकपुर व शाहपुर तिगरी में कुल 1712 आवास बनाए गए। प्रत्येक आवास के निर्माण में औसतन 4.5 लाख रुपये की लागत आई। इसमें से ढाई लाख का अनुदान सरकार के स्तर से मिलना था और दो लाख रुपये लाभार्थी द्वारा जमा किए जाने थे। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एमडीए ने 4000 रुपये की मासिक किश्त और लाभार्थी के हिस्से की 50 प्रतिशत रकम (एक लाख रुपये) की अदायगी पर कब्जा देना भी शुरू कर दिया था।
एमडीए वीसी शैलेष कुमार का कहना है कि वर्तमान में आवंटित भवनों में से मात्र 1138 आवंटियों ने ही कब्जा लिया है। कब्जा लेने के उपरांत किस्तें चुकाने में लापरवाही कर रहे हैं। लगभग 500 आवंटियों ने अपनी शुरुआती किस्तों का भुगतान भी नहीं किया है। 40 आवंटियों ने आवास सरेंडर करते हुए रिफंड ले लिया है। 54 लाभार्थियों ने आवंटन के बाद प्रपत्र जमा नहीं कराए हैं। अब उनका आवंटन निरस्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे योजना का लाभ बचे हुए पात्र लोगों को मिल सके। वीसी ने एमडीए की सचिव अंजुलता व संपत्ति प्रभारी अरुण शर्मा को निर्देश दिए हैं कि वह 15 दिन में पात्रता का सत्यापन कर नए आवंटन की व्यवस्था कराएं।
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पीएम आवास योजना के तहत वर्ष 2018 से 2022 के बीच पांच अलग-अलग योजनाओं के तहत नया मुरादाबाद, लाकड़ी फाजलपुर, ढक्का, सोनकपुर व शाहपुर तिगरी में कुल 1712 आवास बनाए गए। प्रत्येक आवास के निर्माण में औसतन 4.5 लाख रुपये की लागत आई। इसमें से ढाई लाख का अनुदान सरकार के स्तर से मिलना था और दो लाख रुपये लाभार्थी द्वारा जमा किए जाने थे। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एमडीए ने 4000 रुपये की मासिक किश्त और लाभार्थी के हिस्से की 50 प्रतिशत रकम (एक लाख रुपये) की अदायगी पर कब्जा देना भी शुरू कर दिया था।
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एमडीए वीसी शैलेष कुमार का कहना है कि वर्तमान में आवंटित भवनों में से मात्र 1138 आवंटियों ने ही कब्जा लिया है। कब्जा लेने के उपरांत किस्तें चुकाने में लापरवाही कर रहे हैं। लगभग 500 आवंटियों ने अपनी शुरुआती किस्तों का भुगतान भी नहीं किया है। 40 आवंटियों ने आवास सरेंडर करते हुए रिफंड ले लिया है। 54 लाभार्थियों ने आवंटन के बाद प्रपत्र जमा नहीं कराए हैं। अब उनका आवंटन निरस्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे योजना का लाभ बचे हुए पात्र लोगों को मिल सके। वीसी ने एमडीए की सचिव अंजुलता व संपत्ति प्रभारी अरुण शर्मा को निर्देश दिए हैं कि वह 15 दिन में पात्रता का सत्यापन कर नए आवंटन की व्यवस्था कराएं।
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