फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   There was panic when the loudspeaker was removed from the temple

मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने पर दहल उठा था कांठ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
There was panic when the loudspeaker was removed from the temple
सात वर्ष पहले एक मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर हुए बवाल से कांठ दहल उठाया था। इस घटना के बाद कांठ में बीस दिन तक कर्फ्यू जैसे हालत बने रहे थे। सब कुछ सामान्य होने के बाद ही कांठ का बाजार खोला गया था।
विज्ञापन

जून 2014 में कांठ थाना क्षेत्र के नया गांव अकबरपुर चैंदरी स्थित एक मंदिर पर लाउडस्पीकर को लेकर विवाद हो गया था। 26 जून को पुलिस और प्रशासन ने दूसरे पक्ष की शिकायत और आपत्ति पर मंदिर से लाउडस्पीकर उतार लिया था। जिससे मंदिर पक्ष के साथ ही हिंदू संगठनों और भाजपाइयों में रोष व्याप्त हो गया था। 27 जून को इसे मामले को लेकर कांठ नगर में पेट्रोल पंप तिराहे पर धरना प्रदर्शन और रोड जाम किया गया था। इसमें भाजपा, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल सहित कई संगठनों के बड़े नेताओं ने भी भाग लिया था। इस दौरान पुलिस-प्रशासन और पब्लिक में टकराव हो गया था। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने रबड़ बुलेट और आंसू गैस के गोले दागे थे। करीब तीन घंटे तक पुलिस और पब्लिक में जबरदस्त टकराव चला था। बाद में पुलिस ने कुछ लोगों और भाजपाइयों को मौके से हिरासत में ले लिया था।
विज्ञापन

पुलिसिया कार्रवाई के चलते कुछ लोगों को घरों से निकालकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने चार जुलाई 2014 को कांठ में महापंचायत का एलान कर दिया था। इस दिन एकत्र हुई भीड़ ने रेलवे ट्रैक को भी कई घंटे जाम रखा था। इस दौरान यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों में फिर एक बार जबरदस्त संघर्ष हो गया था। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे तो वहीं जमकर पथराव भी हुआ था। इसमें उस समय मुरादाबाद जिलाधिकारी रहे चंद्रकांत की आंख जख्मी हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, पुलिस की ओर से दो मामले दर्ज किए गए थे, तो रेलवे प्रशासन ने भी केस दर्ज कराया था। इस पूरे प्रकरण में वर्तमान में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, मुरादाबाद नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाइयों पर कार्रवाई हुई थी। पुलिस-पब्लिक संघर्ष के बाद करीब बीस दिन तक कांठ का बाजार बंद रहा था। नगर में कर्फ्यू जैसे हालत थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी, आरआरएफ और आरएएफ तैनात थी। लोग इस बवाल से इतना भयभीत हो गए थे कि तमाम अपने-अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों और दूसरे स्थानों पर चले गए थे। जो मामला शांत होने के बाद ही अपने घरों को लौटे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांठ के लाउडस्पीकर बवाल में मंगलवार को दोष मुक्त हुए कांठ तहसील क्षेत्र के गांव पचोकरा निवासी कुलदीप शर्मा, पारितोष भारती, निरूपन विश्नोई, मनोज कुमार, महेश उर्फ गब्बर, नितिन गुर्जर, अशोक कुमार विश्नोई, गुमान सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेश चौहान, अमित प्रधान आदि ने कहा कि न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है उसका वह सम्मान करते हैं। क्योंकि इस मामले में उन्हें गलत और झूठा फंसाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed