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Moradabad News: लाइनपार की 25 से अधिक कॉलोनियों में कोई पार्क नहीं
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मुरादाबाद। मानसरोवर कॉलोनी को छोड़कर पूरे लाइनपार क्षेत्र में पार्क नहीं हैं। करीब आठ वार्डो की 25 से अधिक कॉलोनियों में सिर्फ एक पार्क कुंदनपुर में पानी की टंकी के पास है लेकिन वह किसी के उपयोग में नहीं आता। उस पार्क के मुख्य गेट पर पूरे रास्ते में ही वर्षो से जलभराव होने के कारण कीचड़ और उगी घास से रास्ता बंद हो गया है। दूसरा नेता जी सुभाषचंद्र बोस पार्क मुख्य मार्ग पर बना था लेकिन अब उसे नगर निगम ने ही आरसीसी लैब बनाकर लोगों के लिए बंद कर दिया है। कुल मिलाकर लाइनपार क्षेत्र के बच्चों के लिए न तो खेलने का स्थान है और न ही महिलाओं और बुजुर्गो के टहलने का।
नगर निगम क्षेत्र में लाइनपार अब एक बड़ी आबादी है। यहां मानसरोवर कॉलोनी में ही करीब छह बड़े और आठ छोटे छोटे पार्क हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन पार्को को आसपास के लोग आपस में चंदा करके हरा भरा रखे हुए हैं लेकिन कई पार्को में लाइट व पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही यहां शरारती तत्वों का बसेरा हो जाता है, कुछ लोगों ने इन्हें खाने पीने का अड्डा बना लिया है। वहीं प्रकाशनगर, सुखदेव नगर, विकास नगर, सूर्य नगर, चाऊ की बस्ती, ज्ञानी वाली बस्ती, जयंतीपुर, टीचर कॉलोनी, मियां कॉलोनी, हनुमान नगर, श्रीराम नगर, गणेश कॉलोनी, ढक्का, मैनाठेर, एकता कॉलोनी, मझोला, राम तलैया, गायत्री नगर, करूला में कोई पार्क ही नहीं बनाया गया। एक पार्क कुंदनपुर के निकट गणेश कॉलोनी में पानी की टंकी के पास बनाया गया था लेकिन उसका रास्ता कीचड़ व जलभराव से बंद है, पार्क में भी जलभराव रहता है। यहां लोगों के बैठने या बच्चों के खेलने के नाम पर एक ही स्थान है श्रीराम लीला मैदान। यहां भी कोई न कोई कार्यक्रम चलता रहता है।
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- मानसरोवर कॉलोनी में पार्क तो हैं लेकिन नगर निगम इनका रखरखाव नहीं करता, मेरे घर के सामने ही पार्क में एक गेट टूटा है, अपने पैसे से मरम्मत कराते हैं लेकिन शाम को शरारती तत्व बैठ जाते हैं।
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- मीनाक्षी चौहान
- गणेश कॉलोनी में पार्क तो बना है लेकिन इसके सामने का रास्ता ही बंद है, रास्ता बनाया नहीं, जिसके वहां जलभराव के बीच लंबी लंबी घास उगी है, कीचड़ है, कोई निकल नहीं सकता।
- जूली
- बच्चे खेलने के लिए तरसते हैं। पार्क में जाने से डर लगता है, जलभराव व घास से सांप कीड़े आ जाते हैं। नगर निगम पार्क का रास्ता भी नहीं बनवा रहा है, घरों में गंदा पानी आ रहा है।
- अनीता
- इस पार्क का रास्ता खुलवाने। मरम्मत कराने के लिए नगर निगम से दर्जनों बार शिकायत की, पार्षद से भी कहा लेकिन नगर निगम कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है। इसलिए टहलने की कोई व्यवस्था नहीं है।
- पूरन लाल
- बच्चे तो सभी जगह हैं लेकिन लाइनपार क्षेत्र में खेलने के लिए कोई स्थान नहीं है। यहां की यह बहुत बड़ी समस्या है। लाइनपार का यह इकलौता पार्क है लेकिन निगम की बदइंतजामी का शिकार है।
- अमन
- लाइनपार में एक मार्ग मंडी रोड पर बना था लेकिन अब उसे निगम ने ही खत्म कर दिया है। वहां लाखों रुपये से लगाई गई बेंच, उपकरण सब खराब हो गए। अब वहां निगम ने आरसीसी लैब बना ली है।
-दुष्यंत कौशल
- मानसरोवर को छोड़ दें तो लाइनपार में कोई अच्छा पार्क नहीं है, जबकि एक बड़ी आबादी है, किसी पार्षद ने कभी यहां पार्क बनाने का मुद्दा भी नहीं उठाया, यह बहुत अफसोस की बात है।
- रजत ठाकुर
- कॉलोनी कोई भी है, महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग दिनभर घर में बंद नहीं रह सकते। इसलिए पार्क तो होना ही चाहिए। लेकिन लाइनपार में कोई पार्क है ही नहीं है, जहां हैं, वहां भी उनकी देखरेख नहीं की जा रही है।
- रजत शर्मा
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नगर निगम क्षेत्र में लाइनपार अब एक बड़ी आबादी है। यहां मानसरोवर कॉलोनी में ही करीब छह बड़े और आठ छोटे छोटे पार्क हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन पार्को को आसपास के लोग आपस में चंदा करके हरा भरा रखे हुए हैं लेकिन कई पार्को में लाइट व पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही यहां शरारती तत्वों का बसेरा हो जाता है, कुछ लोगों ने इन्हें खाने पीने का अड्डा बना लिया है। वहीं प्रकाशनगर, सुखदेव नगर, विकास नगर, सूर्य नगर, चाऊ की बस्ती, ज्ञानी वाली बस्ती, जयंतीपुर, टीचर कॉलोनी, मियां कॉलोनी, हनुमान नगर, श्रीराम नगर, गणेश कॉलोनी, ढक्का, मैनाठेर, एकता कॉलोनी, मझोला, राम तलैया, गायत्री नगर, करूला में कोई पार्क ही नहीं बनाया गया। एक पार्क कुंदनपुर के निकट गणेश कॉलोनी में पानी की टंकी के पास बनाया गया था लेकिन उसका रास्ता कीचड़ व जलभराव से बंद है, पार्क में भी जलभराव रहता है। यहां लोगों के बैठने या बच्चों के खेलने के नाम पर एक ही स्थान है श्रीराम लीला मैदान। यहां भी कोई न कोई कार्यक्रम चलता रहता है।
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- मानसरोवर कॉलोनी में पार्क तो हैं लेकिन नगर निगम इनका रखरखाव नहीं करता, मेरे घर के सामने ही पार्क में एक गेट टूटा है, अपने पैसे से मरम्मत कराते हैं लेकिन शाम को शरारती तत्व बैठ जाते हैं।
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- मीनाक्षी चौहान
- गणेश कॉलोनी में पार्क तो बना है लेकिन इसके सामने का रास्ता ही बंद है, रास्ता बनाया नहीं, जिसके वहां जलभराव के बीच लंबी लंबी घास उगी है, कीचड़ है, कोई निकल नहीं सकता।
- जूली
- बच्चे खेलने के लिए तरसते हैं। पार्क में जाने से डर लगता है, जलभराव व घास से सांप कीड़े आ जाते हैं। नगर निगम पार्क का रास्ता भी नहीं बनवा रहा है, घरों में गंदा पानी आ रहा है।
- अनीता
- इस पार्क का रास्ता खुलवाने। मरम्मत कराने के लिए नगर निगम से दर्जनों बार शिकायत की, पार्षद से भी कहा लेकिन नगर निगम कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है। इसलिए टहलने की कोई व्यवस्था नहीं है।
- पूरन लाल
- बच्चे तो सभी जगह हैं लेकिन लाइनपार क्षेत्र में खेलने के लिए कोई स्थान नहीं है। यहां की यह बहुत बड़ी समस्या है। लाइनपार का यह इकलौता पार्क है लेकिन निगम की बदइंतजामी का शिकार है।
- अमन
- लाइनपार में एक मार्ग मंडी रोड पर बना था लेकिन अब उसे निगम ने ही खत्म कर दिया है। वहां लाखों रुपये से लगाई गई बेंच, उपकरण सब खराब हो गए। अब वहां निगम ने आरसीसी लैब बना ली है।
-दुष्यंत कौशल
- मानसरोवर को छोड़ दें तो लाइनपार में कोई अच्छा पार्क नहीं है, जबकि एक बड़ी आबादी है, किसी पार्षद ने कभी यहां पार्क बनाने का मुद्दा भी नहीं उठाया, यह बहुत अफसोस की बात है।
- रजत ठाकुर
- कॉलोनी कोई भी है, महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग दिनभर घर में बंद नहीं रह सकते। इसलिए पार्क तो होना ही चाहिए। लेकिन लाइनपार में कोई पार्क है ही नहीं है, जहां हैं, वहां भी उनकी देखरेख नहीं की जा रही है।
- रजत शर्मा