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Moradabad News: सड़क 18 मीटर की, पुलिया दो मीटर... रोज लगता है जाम
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मुरादाबाद। लाइनपार क्षेत्र में श्रीराम नगर को हनुमान नगर से मिलाने वाले करुला नाले की संकरी हो चुकी पुलिया अब मुसीबत बन रही है। यहां सड़कें तो लगभग 18 मीटर से भी चौड़ी है लेकिन पुलिया सिर्फ दो मीटर की है। एक बार में सिर्फ एक ही वाहन निकल सकता है। बड़ा वाहन तो यहां से निकल ही नहीं पाता। घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है, सफाई भी नियमित रूप से नहीं हो रही है।
लाइनपार क्षेत्र में श्रीराम नगर और हनुमान नगर कॉलोनी आसपास ही बसी हैं। जिनके बीच से करूला नाला निकलता है। एक दूसरे क्षेत्र में जाना है तो इस नाले पर बनी पुलिया से गुजरना होगा। यहां पर नगर निगम ने चौड़ी सड़क तो बनाई लेकिन पुलिया चौड़ी नहीं की। समय के साथ आबादी बढ़ती रही, अब इस सड़क पर दोनों ओर अच्छा खासा बाजार भी बन गया है। लोगों का आना-जाना भी बढ़ गया है।
इस कारण अब यह पुलिया मुसीबत बन चुकी है। पुलिया सिर्फ दो मीटर चौड़ी होने के कारण यहां अक्सर जाम लगा रहता है। नाले के किनारे से होकर एक गली भी गुजरती हैं, जिसमें कई लोगों के मकान हैं। पहले तो यहां हादसों की आशंका को देखते हुए नाले के किनारे दीवार बना दी गई थी लेकिन सालों पहले यह दीवार टूट चुकी है। इससे यहां बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
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- मेरी दुकान घर से दूर है, रोजाना ही पुलिया से गुजर कर आना होता है। पहले आबादी कम थी तो पुलिया से काम चल जाता था लेकिन अब यह पुलिया छोटी पड़ रही है।
जागेश चौधरी
- सड़क काफी चौड़ी है लेकिन पुलिया बहुत छोटी। यही कारण है कि छोटी पुलिया से एक बार में एक ही वाहन निकल पाता है, जिससे जाम रहता है।
पप्पू
- नगर निगम ने सड़क तो बनाई लेकिन करूला नाले पर बनी पुलिया को नहीं बनाया। पुलिया काफी पुरानी भी है, जो कमजोर हो चुकी है। इसका बनना बहुत जरूरी है।
सद्दाम
- किसी बरात को यदि हनुमान नगर से श्रीराम कॉलोनी में आना हो तो बग्घी नहीं आ पाती है। पैदल तो लोग किसी तरह से निकल आते हैं, बग्घी घुमाकर लानी होती है।
जितेंद्र कुमार
- यहां नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी रहती है। परिणाम यह होता है कि सभी लोग घरों का कचरा करूला नाले में ही फेंकते हैं। जिससे और गंदगी होती है।
देवांशु
करुला नाले के किनारे दोनों गलियां हैं, नाला खुला हुआ है। पहले तो नाले किनारे दीवारें बनी थीं लेकिन अब दीवारें टूट चुकी हैं। जिससे कभी भी हादसे की आशंका रहती है।
संतोष कुमार
- यहां पर यदि कभी कभी नालियों से कूड़ा निकाल भी दिया जाए तो कोई उसे उठाने ही नहीं आता, आखिरकार वह फिर नालियों में चला जाता है।
चंद्र सेन
- कॉलोनी से होकर नाला गुजरता हैं। मच्छरों की भरमार रहती है लेकिन फॉगिंग नहीं होती है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी होती है।
राजपाल शर्मा
- अक्सर घरों में पहुंचने वाला पानी गंदा आता है। कभी-कभी तो कपड़े धोने लायक तक नहीं होता है। ऐसे लोगों के बीमार होने की आशंका रहती है।
मनोज कुमार
-कॉलोनी की कई सड़कें खराब हो चुकी है। खराब सड़कों की मरम्मत भी होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
दीपू
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लाइनपार क्षेत्र में श्रीराम नगर और हनुमान नगर कॉलोनी आसपास ही बसी हैं। जिनके बीच से करूला नाला निकलता है। एक दूसरे क्षेत्र में जाना है तो इस नाले पर बनी पुलिया से गुजरना होगा। यहां पर नगर निगम ने चौड़ी सड़क तो बनाई लेकिन पुलिया चौड़ी नहीं की। समय के साथ आबादी बढ़ती रही, अब इस सड़क पर दोनों ओर अच्छा खासा बाजार भी बन गया है। लोगों का आना-जाना भी बढ़ गया है।
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इस कारण अब यह पुलिया मुसीबत बन चुकी है। पुलिया सिर्फ दो मीटर चौड़ी होने के कारण यहां अक्सर जाम लगा रहता है। नाले के किनारे से होकर एक गली भी गुजरती हैं, जिसमें कई लोगों के मकान हैं। पहले तो यहां हादसों की आशंका को देखते हुए नाले के किनारे दीवार बना दी गई थी लेकिन सालों पहले यह दीवार टूट चुकी है। इससे यहां बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
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- मेरी दुकान घर से दूर है, रोजाना ही पुलिया से गुजर कर आना होता है। पहले आबादी कम थी तो पुलिया से काम चल जाता था लेकिन अब यह पुलिया छोटी पड़ रही है।
जागेश चौधरी
- सड़क काफी चौड़ी है लेकिन पुलिया बहुत छोटी। यही कारण है कि छोटी पुलिया से एक बार में एक ही वाहन निकल पाता है, जिससे जाम रहता है।
पप्पू
- नगर निगम ने सड़क तो बनाई लेकिन करूला नाले पर बनी पुलिया को नहीं बनाया। पुलिया काफी पुरानी भी है, जो कमजोर हो चुकी है। इसका बनना बहुत जरूरी है।
सद्दाम
- किसी बरात को यदि हनुमान नगर से श्रीराम कॉलोनी में आना हो तो बग्घी नहीं आ पाती है। पैदल तो लोग किसी तरह से निकल आते हैं, बग्घी घुमाकर लानी होती है।
जितेंद्र कुमार
- यहां नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी रहती है। परिणाम यह होता है कि सभी लोग घरों का कचरा करूला नाले में ही फेंकते हैं। जिससे और गंदगी होती है।
देवांशु
करुला नाले के किनारे दोनों गलियां हैं, नाला खुला हुआ है। पहले तो नाले किनारे दीवारें बनी थीं लेकिन अब दीवारें टूट चुकी हैं। जिससे कभी भी हादसे की आशंका रहती है।
संतोष कुमार
- यहां पर यदि कभी कभी नालियों से कूड़ा निकाल भी दिया जाए तो कोई उसे उठाने ही नहीं आता, आखिरकार वह फिर नालियों में चला जाता है।
चंद्र सेन
- कॉलोनी से होकर नाला गुजरता हैं। मच्छरों की भरमार रहती है लेकिन फॉगिंग नहीं होती है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी होती है।
राजपाल शर्मा
- अक्सर घरों में पहुंचने वाला पानी गंदा आता है। कभी-कभी तो कपड़े धोने लायक तक नहीं होता है। ऐसे लोगों के बीमार होने की आशंका रहती है।
मनोज कुमार
-कॉलोनी की कई सड़कें खराब हो चुकी है। खराब सड़कों की मरम्मत भी होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
दीपू