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हर वक्त एसी की आदत कम देगी गर्मी से जूझने की ताकत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 02:00 AM IST
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The power to fight the heat will end the habit of AC
मुरादाबाद। लू केे थपेड़ों के बीच इन दिनों पारा चालीस के पार पहुंच गया है। चमड़ी झुलसा देने वाली इस गर्मी में लोग एसी के आदी होने लगे हैं। ऐसे में हर वक्त एसी की आदत गर्मी से जूझने की आपकी ताकत को कम कर देंगी। डॉक्टरों के मुताबिक एसी कल्चर वालों में इम्युनिटी पावर तेजी से घट रही है। ऐसे लोगों हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।
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डॉक्टरों के मुताबिक हर वक्त एसी में रहने की आदत भविष्य में खतरनाक साबित हो सकती है। चौबीस घंटे एसी में रहने वालों की इम्युनिटी पावर तेजी से घट रही है। तपती धूप में भी खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों का शरीर तो बढ़ते तापमान के साथ तालमेल बैठाने में कामयाब है, लेकिन एसी कल्चर वालों की बॉडी का कूलिंग टेम्प्रेचर प्वाइंट घट रहा है। डाक्टर मानते हैं कि जिस तरह हर साल तापमान बढ़ रहा है, उससे आने वाले दिनों में एसी कल्चर वालों को बड़े खतरे हो सकते हैं।
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आने वाले दिनों में अनुमानित तापमान
तारीख न्यूनतम अधिकतम
04 जून 26 40
05 जून 27 41
06 जून 27 40
07 जून 26 40
08 जून 27 39
09 जून 27 40
40 से 45 डिग्री के तापमान में निकलने पर हीट स्ट्रोक का खतरा
मुरादाबाद। एमडी मेडिसिन डॉ. अमित रस्तोगी का कहना है कि सामान्य आदमी की बॉडी का तापमान 37 डिग्री होता है लेकिन लगातार एसी में रहने वालों का टैम्प्रेचर प्वाइंट घट रहा है। इससे उनमें बढ़ते तापमान को झेलने की क्षमता कम हो रही है। ऐसे में यदि कभी भी इन लोगों को 40-45 डिग्री के तापमान में बाहर निकलना पड़ा तो इन्हें हीट स्ट्रोक होना लाजिमी है। जिस तरह हर साल तापमान बढ़ रहा है उसके हिसाब से इस तबके को भी जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाकर अपने शरीर को गर्मी सहने के लिए तैयार करना चाहिए। ताकि इनका शरीर भी बदलते वातावरण के साथ तालमेल बैठा सके। ब्यूरो
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एसी में रहने वाले शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं
मुरादाबाद। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि एसी में रहने वाले की प्रतिरोधक क्षमता मेहनत मजदूरी करने वाले से कम होती है। यही वजह कि एसी में रहने वाला व्यक्ति खुले वातावरण में अपने को एडजेस्ट नहीं कर पाता है। वहीं धूप में मेहनत मजदूरी करने वाले का शरीर बाहरी मौसम में अभ्यस्त होता है। एसी का इस्तेमाल करने वाले भी अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं। वरना भविष्य टाइम में इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। ब्यूरो

बच्चों का शरीर थर्मोस्टेट तापमान को नहीं कर पाता मेंटेंन
मुरादाबाद। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीर सिंह का कहना है कि बढ़ते तापमान की वजह से बच्चे तेजी से बीमार हो रहे हैं। जो बच्चे घरों में रहते हैं, उनमें भी इसका असर हो रहा है। भूख प्यास खत्म होना, यूरिन कम आना, बुखार और बच्चों में चिड़चिड़ापन इसका लक्षण है। जो बच्चे घर से बाहर निकल रहे हैं, उन्हें हीट स्ट्रोक हो रहा है। ऐसे बच्चों को हाई फीवर आ रहा है और लूज मोशन हो रहे हैं, जो खतरनाक है। दरअसल गर्मी में खासकर छोटे बच्चों का शरीर थर्मोस्टेट तापमान को मेंटेंन नहीं कर पाता है। ब्यूरो
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- शरीर का तापमान हाई हो जाता है
- हाई फीवर हो जाता है
- शरीर से पसीना नहीं निकलता है
- मरीज को दौरे पड़ने लगते हैं
- चक्कर भी आने लगते हैं
- शरीर में पानी की कमी हो जाती है
हीट स्ट्रोक से बचाव
- सिर पर कैप या गमछा लगाकर निकलें
- पूरे शरीर को ढक कर ही बाहर जाएं
- घर से खूब पानी पीकर ही निकलें
- मौसमी फलाें का सेवन अधिक करें
- दिन में कई बार लिक्विड आहार लें
हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें
- मरीज को ठंडे कमरे में रखें
- शरीर को पानी या आइस से स्पंज करें
- तत्काल डाक्टर के पास ले जाएं
बच्चों में ये हैं गर्मी के लक्षण
- भूख-प्यास खत्म हो जाती है और बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं।
- लूज मोशन शुरू हो जाते हैं और यूरिन कम करने लगते हैं, वजन कम होता है।
- डेढ़ साल और उससे कम आयु के बच्चों में बुखार भी हो जाता है।
- हीट स्ट्रोक में बच्चों में 105 डिग्री तक बुखार हो जाता है, जो जानलेवा हैा।
क्या बरतें सावधानी
- बच्चों को सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक घर से न निकलने दें, लू से बचाएं।
- ठंडे पानी से दो-तीन बार बच्चों को नहलाएं, ओआरएस पिलाएं।
- बच्चों को खीरा, ककड़ी, शिकंजी दें। बाजार का जूस, कटे फल बिल्कुल न दें।
ये भी आजमाएं
- पुदीने का इस्तेमाल करें
- खाने में एक हरी मिर्च लें
- सलाद में कच्चा प्याज लें
- खीरा, ककड़ी, खरबूजा खाएं
- आम का पना लें
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