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Moradabad News: विधायक बोले, अल्प समय में उखड़ जाती हैं सड़कें

Thu, 25 Dec 2025 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Thu, 25 Dec 2025 01:58 AM IST
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The MLA said, roads get uprooted in a short time.
बिलारी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को बिलारी से सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान ने लोक महत्व के दो गंभीर विषय उठाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने एक ओर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी ओर निषाद समाज से जुड़ी 17 जातियों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े गंभीर विरोधाभास को सदन के पटल पर रखा।
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विधायक ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश में जाड़े के मौसम एवं पानी की उपस्थिति में सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जो तकनीकी एवं वैज्ञानिक मानकों के पूर्णतः विपरीत है। उन्होंने सरकार के उत्तर को भ्रामक बताते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड और नमी की स्थिति में डामर/बिटुमिन सड़क का निर्माण संभव नहीं होता, क्योंकि ऐसे मौसम में बिटुमिन की वर्केबिलिटी समाप्त हो जाती है और एग्रीगेट के साथ बांडिंग नहीं बन पाती, जिससे सड़कें अल्प समय में उखड़ जाती हैं।
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इसी प्रकार उन्होंने कहा कि सीमेंट कॉन्क्रीट मार्ग का निर्माण भी 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान और पानी की अधिकता में तकनीकी रूप से दोषपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे सीमेंट के हाइड्रेशन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और सड़क की मजबूती तथा आयु दोनों प्रभावित होती हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि जब विभागीय और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार ऐसे मौसम में सड़क निर्माण अनुचित है, तो फिर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जाड़े और बरसात के दौरान सड़कें किस आधार पर बनवाई गईं। उन्होंने इसे तकनीकी अज्ञानता, प्रशासनिक लापरवाही अथवा ठेकेदारी गठजोड़ का परिणाम बताया। इसके साथ ही विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान ने निषाद समाज से संबंधित 17 जातियों का मुद्दा उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि ये जातियां संवैधानिक एवं वैधानिक रूप से अनुसूचित जाति की सूची में अधिकृत हैं, इसके बावजूद व्यावहारिक स्तर पर इनके प्रमाण-पत्र अन्य पिछड़ा वर्ग के बनाए जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल शासनादेशों और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, बल्कि इससे निषाद समाज के लोगों के सामाजिक, शैक्षणिक और संवैधानिक अधिकारों का गंभीर हनन हो रहा है। विधायक ने कहा कि गलत श्रेणी में प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के कारण निषाद समाज के लोगों को आरक्षण और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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विधायक ने सरकार से मांग की कि जाड़े एवं पानी की स्थिति में कराए गए सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच की समय-सीमा, दोषी अभियंताओं एवं ठेकेदारों पर की जाने वाली कार्रवाई, तथा भविष्य में जनता के धन की इस प्रकार की बर्बादी रोकने के लिए ठोस और पारदर्शी व्यवस्था को सदन के सामने स्पष्ट किया जाए।
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