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Moradabad News: बाजार खुला, समाधान के लिए अफसरों से मिलेंगे व्यापारी
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मुरादाबाद। तीन दुकानों पर सील लगाने के दौरान सोमवार को दिनभर चले हंगामे के अगले दिन मंगलवार को स्टेशन रोड का बाजार खुला। हालांकि, मुरादाबाद डिपो के सामने दुकानदारों में असमंजस का माहौल बना रहा। दुकानें सील होने की सूचना के बाद ग्राहक भी अन्य दिनों से कम पहुंचे। व्यापारियों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए वह जिलाधिकारी से मिलकर वार्ता करेंगे। दूसरे स्थान पर व्यापार के लिए जगह मिल जाएगी तो व्यापारियों की समस्या कम हो जाएगी।
सोमवार को रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने आरपीएफ के सहयोग से तीन दुकानों पर सील लगाई थी। उन दुकानों के संचालक निराश और हताश दिखाई दिए। अन्य व्यापारियों ने उनका हौसला बढ़ाया। रेलवे का प्रयास है कि चिह्नित 85 दुकानों को शांतिपूर्वक खाली कराया जाए। इसके बाद उन पर बुलडोजर चलाकर जमीन खाली कराई जाए। इसके लिए व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि सप्ताह भर बाद फिर से कार्रवाई होगी। व्यापारी संजय अरोड़ा, भरत अरोड़ा, मो. अनीस, तसलीम, बंटी आदि का कहना है कि जब तक दूसरे स्थान पर प्रशासन दुकानों की व्यवस्था नहीं कर देता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि अब तक करीब 40 दुकानों से व्यापारियों द्वारा सामान निकाला जा चुका है।
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रेलवे के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि दुकानें खाली कराने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। हमारा पूरा प्रयास है कि किसी तरह का बल प्रयोग न करना पड़े। जिन दुकानों के मामले न्यायालय में नहीं हैं या आवंटन जिनके नाम पर नहीं है। उनसे अपील है कि वह स्थान खाली कर दें।
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सोमवार को रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने आरपीएफ के सहयोग से तीन दुकानों पर सील लगाई थी। उन दुकानों के संचालक निराश और हताश दिखाई दिए। अन्य व्यापारियों ने उनका हौसला बढ़ाया। रेलवे का प्रयास है कि चिह्नित 85 दुकानों को शांतिपूर्वक खाली कराया जाए। इसके बाद उन पर बुलडोजर चलाकर जमीन खाली कराई जाए। इसके लिए व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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रेलवे के सूत्रों का कहना है कि सप्ताह भर बाद फिर से कार्रवाई होगी। व्यापारी संजय अरोड़ा, भरत अरोड़ा, मो. अनीस, तसलीम, बंटी आदि का कहना है कि जब तक दूसरे स्थान पर प्रशासन दुकानों की व्यवस्था नहीं कर देता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि अब तक करीब 40 दुकानों से व्यापारियों द्वारा सामान निकाला जा चुका है।
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रेलवे के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि दुकानें खाली कराने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। हमारा पूरा प्रयास है कि किसी तरह का बल प्रयोग न करना पड़े। जिन दुकानों के मामले न्यायालय में नहीं हैं या आवंटन जिनके नाम पर नहीं है। उनसे अपील है कि वह स्थान खाली कर दें।