{"_id":"6691d206a56aeb8924072b46","slug":"the-manager-made-the-farmer-run-around-for-15-days-for-a-bribe-of-four-thousand-rupees-moradabad-news-c-15-1-mbd1027-438084-2024-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: चार हजार की रिश्वत के लिए मैनेजर ने किसान को 15 दिन लगवाए चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: चार हजार की रिश्वत के लिए मैनेजर ने किसान को 15 दिन लगवाए चक्कर
विज्ञापन
मुरादाबाद।
बैंक मैनेजर सचिन पैसल ने चार हजार की रिश्वत के लिए किसान को 15 दिन तक परेशान किया। मैनेजर ने साफ कह दिया था कि रकम नहीं मिलेगी तो फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। किसान ने परेशान होकर सीबीआई से संपर्क किया और मैनेजर की शिकायत की।
डिलारी के महेशपुर निवासी अमित कुमार के भाई ललित कुमार ने बताया कि उनके पास 36 बीघा जमीन है। बड़े भाई अमित कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखा है। जिस पर एक लाख 80 हजार रुपये का लोन था। लोन की रकम अदा करने के बाद दोबारा लोन लेना था। इसके लिए 15 दिन पहले मैनेजर से संपर्क किया था। तब मैनेजर ने अपने सहयोगी मुकेश के पास भेज दिया था।
मुकेश ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। अमित ने मैनेजर से मुकेश की शिकायत की तो मैनेजर ने कहा कि वह मेरे कहने पर ही रकम मांग रहा है। कई बार अनुरोध करने पर भी मैनेजर फाइल पास करने को तैयार नहीं हुआ। उसने धमकाते हुए कहा था कि अगर लोन चाहिए तो चार हजार रुपये खर्च करने ही होंगे। कई बार उसे बैंक से लौटना पड़ा था। इसके बाद गाजियाबाद की सीबीआई टीम से फोन पर शिकायत की थी।
विज्ञापन
एक दिन पहले ही मुरादाबाद पहुंच गई थी टीम
सीबीआई की टीम एक दिन पहले की गाजियाबाद से मुरादाबाद पहुंच गई थी। टीम में छह सदस्य थे। टीम के सदस्य लगातार किसान अमित के संपर्क में रहे। शुक्रवार सुबह टीम डिलारी क्षेत्र में पहुंच गई थी। प्लानिंग के तहत मैनेजर और उसके सहयोगी को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि सहयोगी मुकेश ही किसानों से डील करता था।
विज्ञापन
बैंक मैनेजर सचिन पैसल ने चार हजार की रिश्वत के लिए किसान को 15 दिन तक परेशान किया। मैनेजर ने साफ कह दिया था कि रकम नहीं मिलेगी तो फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। किसान ने परेशान होकर सीबीआई से संपर्क किया और मैनेजर की शिकायत की।
डिलारी के महेशपुर निवासी अमित कुमार के भाई ललित कुमार ने बताया कि उनके पास 36 बीघा जमीन है। बड़े भाई अमित कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखा है। जिस पर एक लाख 80 हजार रुपये का लोन था। लोन की रकम अदा करने के बाद दोबारा लोन लेना था। इसके लिए 15 दिन पहले मैनेजर से संपर्क किया था। तब मैनेजर ने अपने सहयोगी मुकेश के पास भेज दिया था।
विज्ञापन
मुकेश ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। अमित ने मैनेजर से मुकेश की शिकायत की तो मैनेजर ने कहा कि वह मेरे कहने पर ही रकम मांग रहा है। कई बार अनुरोध करने पर भी मैनेजर फाइल पास करने को तैयार नहीं हुआ। उसने धमकाते हुए कहा था कि अगर लोन चाहिए तो चार हजार रुपये खर्च करने ही होंगे। कई बार उसे बैंक से लौटना पड़ा था। इसके बाद गाजियाबाद की सीबीआई टीम से फोन पर शिकायत की थी।
विज्ञापन
एक दिन पहले ही मुरादाबाद पहुंच गई थी टीम
सीबीआई की टीम एक दिन पहले की गाजियाबाद से मुरादाबाद पहुंच गई थी। टीम में छह सदस्य थे। टीम के सदस्य लगातार किसान अमित के संपर्क में रहे। शुक्रवार सुबह टीम डिलारी क्षेत्र में पहुंच गई थी। प्लानिंग के तहत मैनेजर और उसके सहयोगी को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि सहयोगी मुकेश ही किसानों से डील करता था।