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Moradabad News: पिता के अपमान का बदला लेने को मौत के घाट उतारा था फल विक्रेता को
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मुरादाबाद।
मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार निवासी फल विक्रेता जोनू सैनी की हत्या आरोपी ने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए की थी। पुलिस ने सोमवार को हत्यारोपी अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि जोनू ने उसके पिता के साथ मारपीट की थी। इसके बाद से वह जोनू को सबक सिखाने की फिराक में था। घटना वाले दिन मौका मिला तो साथियों के साथ आरोपी को अगवा कर उसकी हत्या करने के बाद लाश जंगल में फेंक दी थी।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि 24 अक्तूबर की शाम मझोला थाने के सामने डीपीएस स्कूल के पीछे एक युवक का शव मिला था। जिसे गला रेतकर मौत के घाट उतारा गया था। मृतक की पहचान मझोला के लाइन पार प्राइमरी स्कूल चामुंडा मंदिर के पास रहने वाले 20 वर्षीय जोनू के रूप में हुई थी। जोनू फल बेचता था। उसके भाई मोनू सैनी ने लाइन पार निवासी हरिराज सैनी, उसके अर्जुन सिंह, सचिन, विपिन और मुकेश डीजे वाला, जतिन, सुभाष और चार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना के बाद से नामजद आरोपी फरार थे। पुलिस ने सोमवार को मंगूपुरा से आरोपी अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने पिता के साथ अपनी दुकान से तख्त किराये पर देने का काम करता था। आरोपी ने बताया कि इस साल कांवड़ लाने से 25-30 दिन पहले जोनू के दोस्त की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जाेनू अर्जुन के पिता पर दबाव बना रहा था कि इस बार कांवड़ बेड़ा न ले जाए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। तब जोनू ने अर्जुन के पिता हरिराज सिंह के सिर पर पत्थर मार दिया था। जिसमें वह लहूलुहान हो गए थे। इसके बाद से अर्जुन, जोनू की तलाश में जुटा था। 24 अक्तूबर को मौका मिला तो हत्या करने के बाद उसकी लाश फेंक दी थी। सोमवार शाम पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
सुपर मार्केट से अगवा करने के बाद की गई थी जोनू की हत्या
सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि अर्जुन ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि 24 अक्तूबर को उसे जानकारी मिली कि जोनू बुधबाजार स्थित सुपर मार्केट में मौजूद है। तब उसने अपने भाई सचिन, लाइन पार निवासी अपने साथी अमन, राहुल यादव उर्फ बिहारी, रोहित को सुपर मार्केट बुला लिया। यहां उन्हें जोनू मिल गया था। जोनू ने भागने की कोशिश की तो पांचों आरोपियों ने घेराबंदी कर जोनू को पकड़ लिया था और उसके साथ मारपीट कर स्कूटी पर जबरन बैठा लिया था। सचिन स्कूटी चला रहा था, जबकि जोनू को बीच में बैठाकर अर्जुन पीछे बैठ गया था। बाकी लोग दूसरे वाहनों से साथ साथ चल रहे थे। रास्ते में जैसे ही वाल्मीकि बस्ती में पहुंचे राज कुमार, नानू, ऋषभ मिल गए थे। इन तीनों ने भी जाेनू के साथ मारपीट की थी। जोनू ने कुछ दिन पहले जतिन के साथ मारपीट की थी। उसकी की रंजिश में तीनों ने जोनू को पीटा था। इसके बाद अर्जुन, सचिन, अमन, राहुल और रोहित जोनू को डीपीएस स्कूल के पीछे से ले गए थे। वहां पांचों ने जोनू की गला रेत कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसकी लाश खेत में फेंक कर फरार हो गए थे।
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मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार निवासी फल विक्रेता जोनू सैनी की हत्या आरोपी ने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए की थी। पुलिस ने सोमवार को हत्यारोपी अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि जोनू ने उसके पिता के साथ मारपीट की थी। इसके बाद से वह जोनू को सबक सिखाने की फिराक में था। घटना वाले दिन मौका मिला तो साथियों के साथ आरोपी को अगवा कर उसकी हत्या करने के बाद लाश जंगल में फेंक दी थी।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि 24 अक्तूबर की शाम मझोला थाने के सामने डीपीएस स्कूल के पीछे एक युवक का शव मिला था। जिसे गला रेतकर मौत के घाट उतारा गया था। मृतक की पहचान मझोला के लाइन पार प्राइमरी स्कूल चामुंडा मंदिर के पास रहने वाले 20 वर्षीय जोनू के रूप में हुई थी। जोनू फल बेचता था। उसके भाई मोनू सैनी ने लाइन पार निवासी हरिराज सैनी, उसके अर्जुन सिंह, सचिन, विपिन और मुकेश डीजे वाला, जतिन, सुभाष और चार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना के बाद से नामजद आरोपी फरार थे। पुलिस ने सोमवार को मंगूपुरा से आरोपी अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने पिता के साथ अपनी दुकान से तख्त किराये पर देने का काम करता था। आरोपी ने बताया कि इस साल कांवड़ लाने से 25-30 दिन पहले जोनू के दोस्त की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जाेनू अर्जुन के पिता पर दबाव बना रहा था कि इस बार कांवड़ बेड़ा न ले जाए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। तब जोनू ने अर्जुन के पिता हरिराज सिंह के सिर पर पत्थर मार दिया था। जिसमें वह लहूलुहान हो गए थे। इसके बाद से अर्जुन, जोनू की तलाश में जुटा था। 24 अक्तूबर को मौका मिला तो हत्या करने के बाद उसकी लाश फेंक दी थी। सोमवार शाम पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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सुपर मार्केट से अगवा करने के बाद की गई थी जोनू की हत्या
सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि अर्जुन ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि 24 अक्तूबर को उसे जानकारी मिली कि जोनू बुधबाजार स्थित सुपर मार्केट में मौजूद है। तब उसने अपने भाई सचिन, लाइन पार निवासी अपने साथी अमन, राहुल यादव उर्फ बिहारी, रोहित को सुपर मार्केट बुला लिया। यहां उन्हें जोनू मिल गया था। जोनू ने भागने की कोशिश की तो पांचों आरोपियों ने घेराबंदी कर जोनू को पकड़ लिया था और उसके साथ मारपीट कर स्कूटी पर जबरन बैठा लिया था। सचिन स्कूटी चला रहा था, जबकि जोनू को बीच में बैठाकर अर्जुन पीछे बैठ गया था। बाकी लोग दूसरे वाहनों से साथ साथ चल रहे थे। रास्ते में जैसे ही वाल्मीकि बस्ती में पहुंचे राज कुमार, नानू, ऋषभ मिल गए थे। इन तीनों ने भी जाेनू के साथ मारपीट की थी। जोनू ने कुछ दिन पहले जतिन के साथ मारपीट की थी। उसकी की रंजिश में तीनों ने जोनू को पीटा था। इसके बाद अर्जुन, सचिन, अमन, राहुल और रोहित जोनू को डीपीएस स्कूल के पीछे से ले गए थे। वहां पांचों ने जोनू की गला रेत कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसकी लाश खेत में फेंक कर फरार हो गए थे।
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