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Moradabad News: फैसला सही, सुप्रीम आदेश से मिलेगा मुस्लिम महिलाओं को लाभ
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मुरादाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के गुजारा भत्ता प्राप्त करने के अधिकार पर सुनाए गए फैसले का मुस्लिम समुदाय के जुड़े प्रबुद्ध लोगों ने स्वागत किया है। लोगों ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को उनका हक मिलने में आसानी होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद तलाकशुदा महिलाओं को निचली अदालतों में लंबे समय तक भटकना नहीं पड़ेगा।
- मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं। अच्छा फैसला है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि इसमें कुछ नया नहीं है। ऐसे फैसले पहले भी आते रहे हैं। मो. जुनैद एजाज वरिष्ठ अधिवक्ता
तलाक देने से बुरा काम कोई नहीं है। इसकी नौबत नहीं आनी चाहिए। तलाकशुदा पत्नी कोर्ट में गुजारे भत्ता का मुकदमा डाल कर उसे हासिल कर सकती है। लेकिन शरीयत के हिसाब से महर अगर महिला ने ले लिया है तो उसका कोई हक नहीं रह जाता है।
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शीरीगुल, पार्षद
फैसला बेहतर है। तलाकशुदा महिलाओं को गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार होना चाहिए। पहले जजों के विवेक पर निर्भर होता था। सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले से तलाकशुदा महिलाओं को अपना हक मांगने का अधिकार मिल गया है। - रेशमा बेगम, वरिष्ठ अधिवक्ता
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- मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं। अच्छा फैसला है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि इसमें कुछ नया नहीं है। ऐसे फैसले पहले भी आते रहे हैं। मो. जुनैद एजाज वरिष्ठ अधिवक्ता
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तलाक देने से बुरा काम कोई नहीं है। इसकी नौबत नहीं आनी चाहिए। तलाकशुदा पत्नी कोर्ट में गुजारे भत्ता का मुकदमा डाल कर उसे हासिल कर सकती है। लेकिन शरीयत के हिसाब से महर अगर महिला ने ले लिया है तो उसका कोई हक नहीं रह जाता है।
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शीरीगुल, पार्षद
फैसला बेहतर है। तलाकशुदा महिलाओं को गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार होना चाहिए। पहले जजों के विवेक पर निर्भर होता था। सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले से तलाकशुदा महिलाओं को अपना हक मांगने का अधिकार मिल गया है। - रेशमा बेगम, वरिष्ठ अधिवक्ता