फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The central police hospital, which has an operating theatre, is staffed by four doctors, but it does not perform sterilizations.

Moradabad News: चार डॉक्टरों के हवाले केंद्रीय पुलिस अस्पताल, ओटी है पर नसबंदी के लिए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
The central police hospital, which has an operating theatre, is staffed by four doctors, but it does not perform sterilizations.
मुरादाबाद। जिले में तैनात सिविल पुलिस, पीएसी समेत लगभग 10 हजार पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा केंद्रीय पुलिस अस्पताल के चार डॉक्टरों के हवाले है। इनमें से तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और एक पीडियाट्रिशियन। नेत्र रोग विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन बैठती हैं। स्थिति इतनी विकट है कि 2012 के बाद से अस्पताल में कोई सर्जरी नहीं हुई है। ओटी है, पर केवल नसबंदी के लिए।
विज्ञापन


मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की स्थिति सामने आई। 100 बेड की क्षमता वाले पुलिस अस्पताल में 2012 तक मरीजों की कतार रहती थी। अब स्थिति यह है कि अस्पताल के मजबूत भवन में मरीजों की नहीं, अव्यवस्थाओं की भरमार है। फिजिशियन, जनरल सर्जन समेत डॉक्टरों के 13 पद खाली हैं। जनरल फिजिशियन का काम भी पीडियाट्रिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ करते हैं। इमरजेंसी में भी इनकी ही ड्यूटी रहती है। एक दशक से अधिक समय से यहां किसी नए डॉक्टर, फार्मासिस्ट या स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हुई है। चार डॉक्टरों के अलावा चार फार्मासिस्ट और नौ स्टाफ नर्स हैं। इन्हीं के भरोसे 100 बेड का यह अस्पताल चल रहा है। कुछ दिन पहले तक यहां एनेस्थेटिस्ट डॉ. आरके शर्मा तैनात थे। कोई सर्जरी न होने के कारण उन्हें सीएमओ कार्यालय में तैनाती देकर प्रशासनिक कार्य सौंपे गए हैं।
विज्ञापन

------------------

सीसीयू बनाने का था प्रस्ताव, पुलिस ने नकारा
स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस महकमे की इस जमीन पर क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की अनुमति मांगी थी। लेकिन पुलिस विभाग ने इसे अस्वीकार कर दिया। इससे पहले जिला अस्पताल में पार्क स्थान पर सीसीयू बनाने की योजना बनी थी। वहां जगह की किल्लत होने के कारण बात नहीं बन पाई। इसके कारण जिले में सीसीयू का निर्माण एक बार फिर कागजों तक ही सीमित रह गया है। सीसीयू को भी 100 बेड का बनाने की योजना है। निर्माण एजेंसी का चयन भी हो गया है, लेकिन जमीन नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------

पुलिस के अस्पताल में तैनात नहीं गार्ड, नर्सिंग स्टाफ परेशान
केंद्रीय पुलिस अस्पताल में कोई होमगार्ड या सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है। रात में महिला नर्सिंग स्टाफ को डर के साये में ड्यूटी करनी पड़ती है। अस्पताल के बड़े परिसर में कोई भी आसानी से प्रवेश कर सकता है, लेकिन स्टाफ की सुरक्षा के इंतजाम पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। दूसरी ओर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में डॉक्टरों और मरीजों की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को बतौर सुरक्षा कर्मी तैनात किया गया है। पुलिस अस्पताल के स्टाफ की मांग है कि यहां भी कोई व्यवस्था होनी चाहिए।

------

यह भी हैं अव्यवस्थाएं
- रात में इमरजेंसी में वार्ड ब्वॉय और स्टाफ नर्स ही मरीजों का इलाज करते हैं।
- रेडियोलॉजिस्ट न होने से एक्स-रे की सुविधा तकनीशियन के भरोसे चल रही है।
- औषधि केंद्र में सामान्य खांसी-बुखार व कुछ एंटीबायोटिक्स के अलावा अन्य दवाओं की किल्लत है।
- वार्डों में कई बेड के गद्दे पुराने और बेकार हो गए हैं।

वर्जन
10 वर्ष में डॉक्टरों के कई पद खाली हो गए हैं। अस्पताल में डिलीवरी भी नहीं होती हैं। डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। चार साल पहले तमिलनाडु के डॉक्टरों ने यहां दो दिन के लिए आकर कुछ विशेष मरीजों की सर्जरी की थी। तब अस्पताल का अच्छा उपयोग हो पाया था। - डॉ. नीलम रानी आर्या, चिकित्साधीक्षक, पुलिस अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed