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Moradabad News: तीन दिन से लापता अमन का शव पोषक नहर में उतराता मिला, परिजनों का हंगामा
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मंडी धनौरा/चुचैला कलां। तीन दिन पूर्व घर से गायब हुए अमन (18) का शव रविवार की सुबह क्षेत्र के ही गांव मोहद्दीनपुर में रामगंगा पोषक नहर में उतराता मिला। शव मिलने की सूचना पर परिजन व पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने अमन के दोस्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीनों दोस्तों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव चुचैला कलां निवासी अमन पुत्र इरशाद दिल्ली में रहकर कारपेंटर का काम करता था। वह बकरीद मनाने के लिए बृहस्पतिवार की शाम को गांव आया था। परिजनों का आरोप था कि शुक्रवार की सुबह गांव निवासी तीन युवक फैजल सैफी, अजीम सैफी व फैजान मंसूरी उसे घर से बुलाकर ले गए थे। शाम तक अमन के घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने उनसे पूछताछ की तो वे गुमराह करने लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने अमन के रामगंगा पोषक नहर में नहाने के दौरान डूबने की बात बताई। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों ने 25 हजार रुपये की नकदी व 50 हजार रुपये कीमत के मोबाइल फोन के लालच में उसकी हत्या कर शव रामगंगा पोषक नहर में फेंक दिया है।
पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। ग्रामीण गोताखोर व एसडीआरएफ की टीम अमन की तलाश में जुटी हुई थी। रविवार की सुबह ग्राम मोहद्दीनपुर के पास रामगंगा पोषक नहर में अमन का शव उतराता मिल गया। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची और शव बाहर निकलवाया। उधर, परिजनों ने तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने अमन के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। वह एंबुलेंस के आगे खड़े हो गए और उसकी चाबी बाहर निकाल ली। काफी समझाने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई।
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प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पिता इरशाद की तहरीर पर फैजान, फैसल व अजीम के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे
अमन के परिजनों का पहले ही दिन से आरोप था कि उसके दोस्तों ने रुपये व मोबाइल फोन के लालच में उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है। अमन की बड़ी बहन फिजा का कहना था कि शुक्रवार के दिन फैसल उसे बाइक पर बिठाकर अमन की तलाश में इधर उधर घूमता रहा था। अमन का शव मिलने पर परिजन तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे। उनका कहना था कि अमन के चेहरे पर चोट के निशान है और नाक के नीचे खून भी जमा हुआ था। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है तो वह हत्या तरमीम कर दिया जाएगा।
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त्योहार पर उठेगा अमल का जनाजा
तीन बहनों का इकलौता भाई अमन बृहस्पतिवार की शाम को दिल्ली से बकरीद का त्योहार मनाने के लिए गांव आया था। लेकिन, किसी को क्या पता था कि इसी त्योहार पर उसका जनाजा उठेगा। अमन की तीनों बहन दहाड़ मार कर रो रही थी। उनका कहना था कि इकलौता भाई अमन बकरीद की खुशियों में शामिल होने के लिए गांव आया था। लेकिन इसी दिन ही उसका जनाजा उठेगा।
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चौकी पर तैनात कर्मचारियों से नाराज परिजन व ग्रामीण
अमन के परिजन व ग्रामीण रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली से बेहद नाराज नजर आए। आरोप था कि रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात कर्मचारियों ने घटना की जानकारी किए बगैर तीनों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। परिजनों के विरोध के बावजूद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने के कुछ देर बाद ही छोड़ दिया था। मृतक की बहन फिजा का आरोप था कि यदि रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात कर्मचारी सख्ती से पूछताछ करते तब अमन का शव शुक्रवार को ही मिल जाता। ग्रामीणों के मुताबिक तीनों आरोपियों की गांव में छवि अच्छी नहीं है।
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गांव चुचैला कलां निवासी अमन पुत्र इरशाद दिल्ली में रहकर कारपेंटर का काम करता था। वह बकरीद मनाने के लिए बृहस्पतिवार की शाम को गांव आया था। परिजनों का आरोप था कि शुक्रवार की सुबह गांव निवासी तीन युवक फैजल सैफी, अजीम सैफी व फैजान मंसूरी उसे घर से बुलाकर ले गए थे। शाम तक अमन के घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने उनसे पूछताछ की तो वे गुमराह करने लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने अमन के रामगंगा पोषक नहर में नहाने के दौरान डूबने की बात बताई। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों ने 25 हजार रुपये की नकदी व 50 हजार रुपये कीमत के मोबाइल फोन के लालच में उसकी हत्या कर शव रामगंगा पोषक नहर में फेंक दिया है।
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पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। ग्रामीण गोताखोर व एसडीआरएफ की टीम अमन की तलाश में जुटी हुई थी। रविवार की सुबह ग्राम मोहद्दीनपुर के पास रामगंगा पोषक नहर में अमन का शव उतराता मिल गया। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची और शव बाहर निकलवाया। उधर, परिजनों ने तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने अमन के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। वह एंबुलेंस के आगे खड़े हो गए और उसकी चाबी बाहर निकाल ली। काफी समझाने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई।
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प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पिता इरशाद की तहरीर पर फैजान, फैसल व अजीम के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे
अमन के परिजनों का पहले ही दिन से आरोप था कि उसके दोस्तों ने रुपये व मोबाइल फोन के लालच में उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है। अमन की बड़ी बहन फिजा का कहना था कि शुक्रवार के दिन फैसल उसे बाइक पर बिठाकर अमन की तलाश में इधर उधर घूमता रहा था। अमन का शव मिलने पर परिजन तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे। उनका कहना था कि अमन के चेहरे पर चोट के निशान है और नाक के नीचे खून भी जमा हुआ था। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है तो वह हत्या तरमीम कर दिया जाएगा।
त्योहार पर उठेगा अमल का जनाजा
तीन बहनों का इकलौता भाई अमन बृहस्पतिवार की शाम को दिल्ली से बकरीद का त्योहार मनाने के लिए गांव आया था। लेकिन, किसी को क्या पता था कि इसी त्योहार पर उसका जनाजा उठेगा। अमन की तीनों बहन दहाड़ मार कर रो रही थी। उनका कहना था कि इकलौता भाई अमन बकरीद की खुशियों में शामिल होने के लिए गांव आया था। लेकिन इसी दिन ही उसका जनाजा उठेगा।
चौकी पर तैनात कर्मचारियों से नाराज परिजन व ग्रामीण
अमन के परिजन व ग्रामीण रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली से बेहद नाराज नजर आए। आरोप था कि रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात कर्मचारियों ने घटना की जानकारी किए बगैर तीनों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। परिजनों के विरोध के बावजूद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने के कुछ देर बाद ही छोड़ दिया था। मृतक की बहन फिजा का आरोप था कि यदि रामपुर तगा पुलिस चौकी पर तैनात कर्मचारी सख्ती से पूछताछ करते तब अमन का शव शुक्रवार को ही मिल जाता। ग्रामीणों के मुताबिक तीनों आरोपियों की गांव में छवि अच्छी नहीं है।