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ट्वीट पर दुधमुंहे बच्चे को रेलमंत्री ने उपलब्ध करवाया दूध
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2016 03:11 AM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ट्विटर पर सक्रियता और संवेदनशीलता शनिवार को एक बार फिर सामने आई जब उन्होंने दो माह के दुधमुंहे बच्चे को चलती ट्रेन में देर रात दूध मुहैया कराया। मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने रेलमंत्री के ट्वीट पर बच्चे को दूध दिलाया। बच्चे के पिता ने इसके लिए रेलमंत्री का आभार जताया है।
अमृतसर से लालकुआं एक्सप्रेस में सफर कर रहे अर्पित चावला अमृतसर लालकुआं एक्सप्रेस से सपरिवार सफर कर रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और दो मांह का दुधमुआं बच्चा भी सफर कर रहा था। वैसे तो उन्होंने बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था कर रखी थी मगर वह खराब हो गया।
कम उम्र बच्चे को खराब दूध नहीं दिया जा सकता था। उधर बच्चा भूख के मारे परेशान होकर जोर-जोर से रोने लगा। अर्पित ने सुन रखा था कि कुछ लोगों को चलती ट्रेन में रेलमंत्री ने ट्विटर पर मदद मांगने पर सहायता मुहैया कराई थी। उन्होंने सोचा चांस लेकर देखते हैं।
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जैसे ही रेलमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर अपने अमृतसर-लालकुआं में सफर करने का जिक्र करते हुए दो माह के बच्चे के भूखे होने का हवाला देते हुए ट्वीट करके मदद मांगी। उनके लिए सुखद आश्चर्य की बात रही कि ट्वीट करने के कुछ मिनट बाद ही देर रात बंद पैंट्रीकार के लोग उन्हें ढूंढते हुए आए और बच्चे के लिए दूध मुहैया कराया। मुरादाबाद मंडल के रेल अधिकारियों ने चलती ट्रेन में दूध मुहैया कराने की पुष्टि की।
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अमृतसर से लालकुआं एक्सप्रेस में सफर कर रहे अर्पित चावला अमृतसर लालकुआं एक्सप्रेस से सपरिवार सफर कर रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और दो मांह का दुधमुआं बच्चा भी सफर कर रहा था। वैसे तो उन्होंने बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था कर रखी थी मगर वह खराब हो गया।
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कम उम्र बच्चे को खराब दूध नहीं दिया जा सकता था। उधर बच्चा भूख के मारे परेशान होकर जोर-जोर से रोने लगा। अर्पित ने सुन रखा था कि कुछ लोगों को चलती ट्रेन में रेलमंत्री ने ट्विटर पर मदद मांगने पर सहायता मुहैया कराई थी। उन्होंने सोचा चांस लेकर देखते हैं।
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जैसे ही रेलमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर अपने अमृतसर-लालकुआं में सफर करने का जिक्र करते हुए दो माह के बच्चे के भूखे होने का हवाला देते हुए ट्वीट करके मदद मांगी। उनके लिए सुखद आश्चर्य की बात रही कि ट्वीट करने के कुछ मिनट बाद ही देर रात बंद पैंट्रीकार के लोग उन्हें ढूंढते हुए आए और बच्चे के लिए दूध मुहैया कराया। मुरादाबाद मंडल के रेल अधिकारियों ने चलती ट्रेन में दूध मुहैया कराने की पुष्टि की।