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Moradabad News: सप्लाई ठप, एकता कॉलोनी में पेयजल संकट से जूझे लोग
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मुरादाबाद। नगर निगम के वार्ड-4 के अंतर्गत लाइनपार क्षेत्र की एकता कॉलोनी में पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई दिन से लो प्रेशर की मार झेल रहे इलाके में रविवार सुबह पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही। नतीजा यह हुआ कि लोगों के घरों के टैंक खाली रह गए, रसोई से लेकर नहाने तक के काम अटक गए और मोहल्ले के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एकता कॉलोनी और पैपटपुरा में पिछले कई दिनों से पानी का प्रेशर बेहद कम चल रहा है। सुबह के समय नलों में या तो पानी आता ही नहीं, और अगर आता भी है तो इतना कम कि टंकी भरना तो दूर, एक बाल्टी पानी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। रविवार को हालात और बिगड़ गए।
लोगों का आरोप है कि समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों की नींद नहीं टूट रही। शिकायत के लिए जल निगम के जेई अनिल कुमार को फोन किया गया, मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। लोगों का कहना है कि नई पाइपलाइन बिछने के बाद राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालात जस के तस हैं। उधर, महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। फिलहाल कॉलोनी के लोग यही पूछ रहे हैं कि नई पाइपलाइन के बावजूद अगर नलों में पानी नहीं पहुंचेगा, तो फिर यह पूरी कवायद आखिर किस काम की रही।
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लोगों के कोट्स (फोटो)
पिछले कई दिनों से पानी का प्रेशर इतना कम है कि सुबह उठते ही सबसे बड़ी चिंता पानी की हो जाती है। रविवार को तो पानी आया ही नहीं। खाना बनाने और घर के काम तक मुश्किल से हो पाए।
- राधा
नई पाइपलाइन डलने के बाद लगा था कि अब राहत मिलेगी, लेकिन हालात पहले से भी खराब हैं। सुबह सप्लाई बंद रहती है और शाम को इतना कम प्रेशर आता है कि मोटर के बिना पानी नहीं चढ़ता। आखिर आम लोग कब तक यह परेशानी झेलेंगे।
- कौशल
रविवार सुबह पानी न आने से पूरा घर अस्त-व्यस्त हो गया। पीने का पानी तक खरीदकर लाना पड़ा। रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी पानी के बिना रुक जाते हैं। जिम्मेदार अफसरों को खुद आकर देखना चाहिए कि लोग किस तरह परेशानी झेल रहे हैं।
- प्रमोद कुमार
समस्या एक दिन की नहीं है। कई दिनों से लो प्रेशर बना हुआ है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत करने के लिए फोन करो तो अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। जब जनता की परेशानी सुनने वाला ही कोई न हो, तो फिर लोग जाएं तो जाएं कहां।
- ममता
पानी की किल्लत अब आम दिक्कत नहीं, बड़ा संकट बन चुकी है। घरों के टैंक खाली हैं, लोग बाल्टियों में पानी बचाकर काम चला रहे हैं। नगर निगम और जल निगम को सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर काम करके दिखाना चाहिए, तभी लोगों को राहत मिलेगी।
- सूरज सिंह
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स्थानीय लोगों का कहना है कि एकता कॉलोनी और पैपटपुरा में पिछले कई दिनों से पानी का प्रेशर बेहद कम चल रहा है। सुबह के समय नलों में या तो पानी आता ही नहीं, और अगर आता भी है तो इतना कम कि टंकी भरना तो दूर, एक बाल्टी पानी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। रविवार को हालात और बिगड़ गए।
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लोगों का आरोप है कि समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों की नींद नहीं टूट रही। शिकायत के लिए जल निगम के जेई अनिल कुमार को फोन किया गया, मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। लोगों का कहना है कि नई पाइपलाइन बिछने के बाद राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालात जस के तस हैं। उधर, महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। फिलहाल कॉलोनी के लोग यही पूछ रहे हैं कि नई पाइपलाइन के बावजूद अगर नलों में पानी नहीं पहुंचेगा, तो फिर यह पूरी कवायद आखिर किस काम की रही।
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लोगों के कोट्स (फोटो)
पिछले कई दिनों से पानी का प्रेशर इतना कम है कि सुबह उठते ही सबसे बड़ी चिंता पानी की हो जाती है। रविवार को तो पानी आया ही नहीं। खाना बनाने और घर के काम तक मुश्किल से हो पाए।
- राधा
नई पाइपलाइन डलने के बाद लगा था कि अब राहत मिलेगी, लेकिन हालात पहले से भी खराब हैं। सुबह सप्लाई बंद रहती है और शाम को इतना कम प्रेशर आता है कि मोटर के बिना पानी नहीं चढ़ता। आखिर आम लोग कब तक यह परेशानी झेलेंगे।
- कौशल
रविवार सुबह पानी न आने से पूरा घर अस्त-व्यस्त हो गया। पीने का पानी तक खरीदकर लाना पड़ा। रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी पानी के बिना रुक जाते हैं। जिम्मेदार अफसरों को खुद आकर देखना चाहिए कि लोग किस तरह परेशानी झेल रहे हैं।
- प्रमोद कुमार
समस्या एक दिन की नहीं है। कई दिनों से लो प्रेशर बना हुआ है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत करने के लिए फोन करो तो अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। जब जनता की परेशानी सुनने वाला ही कोई न हो, तो फिर लोग जाएं तो जाएं कहां।
- ममता
पानी की किल्लत अब आम दिक्कत नहीं, बड़ा संकट बन चुकी है। घरों के टैंक खाली हैं, लोग बाल्टियों में पानी बचाकर काम चला रहे हैं। नगर निगम और जल निगम को सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर काम करके दिखाना चाहिए, तभी लोगों को राहत मिलेगी।
- सूरज सिंह