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किसानों की समस्या का हल तलाशें चीनी मिल : राम किशन
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अगवानपुर। कांठ रोड स्थित दीवान शुगर मिल में रविवार को आयोजित कृषक विचार गोष्ठी में किसानों ने चीनी मिल से संबंधित समस्याएं गिनाईं। टूटी सड़कें, बाढ़ प्रभावित इलाकों और गन्ना घटतोली जैसी समस्याओं पर वक्ताओं ने विस्तार से चर्चा की। जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने इन सुझावों पर मिल अधिकारियों को ध्यान देने और मिल के संचालन को बीच में न बंद करने पर जोर दिया।
अगवानपुर चीनी मिल में हुई कृषक विचार गोष्ठी में जीएम सुशील कुमार पोखर ने कहा कि इस बार गन्ना पेराई की क्षमता बढ़ी है। किसानों के सहयोग के बिना लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है। क्षेत्रफल के लिहाज से गन्ना कम जरूर है लेकिन किसान कोशिश करेंगे तो लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकेगा।
जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने कहा कि मिल और किसानों के लिए गन्ने का उठान, तौल और भुगतान यह तीनों ही बिंदु अहम हैं। उन्होंने किसानों की ओर से हुई शिकायतों का निस्तारण कराने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर एसके सिन्हा, महेश कुमार पांडेय, योगेंद्र प्रताप सिंह, राजपाल सिंह, निर्मल चंद पंत, खेप सिंह, गौरव कुमार समेत कई किसान मौजूद रहे।
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- किसानों ने रखी मांगें
किसानों ने गोष्ठी में कहा कि हर साल बाढ़ आती है जिससे खेतों में पानी भर जाता है और गन्ने की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। इसलिए मिल को तराई वाले इलाकों के लिए ऐसा बीज लाना चाहिए जो पानी में भी खराब न हो और अच्छी पैदावार दे। अधिकारियों ने इस संबंध में विचार करने का आश्वासन दिया। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक टीम सर्वे कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जिनकी 35 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है वह अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इससे उन्हें सरकारी मदद मिलने में आसानी होगी।
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अगवानपुर चीनी मिल में हुई कृषक विचार गोष्ठी में जीएम सुशील कुमार पोखर ने कहा कि इस बार गन्ना पेराई की क्षमता बढ़ी है। किसानों के सहयोग के बिना लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है। क्षेत्रफल के लिहाज से गन्ना कम जरूर है लेकिन किसान कोशिश करेंगे तो लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकेगा।
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जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने कहा कि मिल और किसानों के लिए गन्ने का उठान, तौल और भुगतान यह तीनों ही बिंदु अहम हैं। उन्होंने किसानों की ओर से हुई शिकायतों का निस्तारण कराने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर एसके सिन्हा, महेश कुमार पांडेय, योगेंद्र प्रताप सिंह, राजपाल सिंह, निर्मल चंद पंत, खेप सिंह, गौरव कुमार समेत कई किसान मौजूद रहे।
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- किसानों ने रखी मांगें
किसानों ने गोष्ठी में कहा कि हर साल बाढ़ आती है जिससे खेतों में पानी भर जाता है और गन्ने की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। इसलिए मिल को तराई वाले इलाकों के लिए ऐसा बीज लाना चाहिए जो पानी में भी खराब न हो और अच्छी पैदावार दे। अधिकारियों ने इस संबंध में विचार करने का आश्वासन दिया। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक टीम सर्वे कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जिनकी 35 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है वह अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इससे उन्हें सरकारी मदद मिलने में आसानी होगी।