{"_id":"57be8f064f1c1be55dd4f99a","slug":"suddenly-change-rules-of-hajj-the-increased-difficulties-to-pilgrims","type":"story","status":"publish","title_hn":"अचानक बदले नियम, आजमीनों को बढ़ी मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अचानक बदले नियम, आजमीनों को बढ़ी मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:54 AM IST
विज्ञापन
धर्म
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सऊदी अरब की हुकूमत के अचानक बदल रहे नियमों से हजयात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हज के सफर पर गए आजमीन पहले सिम की समस्या से जूझे, अब खाने की दुश्वारी से गुजरेंगे। सऊदी हुकूमत ने अचानक फरमान जारी करते हुए हरम शरीफ के तीन किमी के दायरे में पड़ने वाले होटलों से गैस स्टोव हटा लिए हैं। ग्रीन कैटेगरी के आजमीन खाना नहीं बना सकेंगे। इससे परहेजी खाना खाने वाले बुजुर्ग हजयात्रियों को खासी परेशानी हो रही है।
हज कमेटी की ओर से हजयात्रा पर जाने वाले भारतीय हजयात्रियों को वहां के होटलों में किचन की सुविधा मिलती है। वह खुद खाना बना सकते हैं। ये सुविधा दूसरे देशों को नहीं मिलती है। लेकिन दो दिन पहले सऊदी हुकूमत ने अचानक व्यवस्था बदल दी। इससे हिंदुस्तान के हजयात्रियों के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है। हरम शरीफ के तीन किमी के दायरे में आने वाले होटलोेें में वहां के सिविल डिफेंस से खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी है।
इसके चलते होटलों से गैस स्टोव हटा लिए गए हैं। ग्रीन कैटेगरी के भारतीय हजयात्री खाना बनाकर नहीं खा सकेंगे। इससे सबसे अधिक बुजुर्ग आजमीनों को दिक्कत रही है। हालांकि अजीजिया कैटेगरी के हजयात्रियों को ये सुविधा मिल रही है। वहीं शुरुआती दौर में गए हजयात्रियों को सिम कार्ड के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
आजमीनों को हज कमेटी ओर से सिम नहीं दिया गया है। घंटों कतार में खड़े होकर आजमीनों को खुद मिस कार्ड खरीदना पड़ा। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि सऊदी अरब की सिविल डिफेंस ने हरम शरीफ के तीन किमी के अंदर होटलों में खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि हज कमेटी इंडिया की वहां की हुकूमत से बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि भारतीय हजयात्रियों को खाना बनाने की इजाजत मिल जाए।
विज्ञापन
हज कमेटी की ओर से हजयात्रा पर जाने वाले भारतीय हजयात्रियों को वहां के होटलों में किचन की सुविधा मिलती है। वह खुद खाना बना सकते हैं। ये सुविधा दूसरे देशों को नहीं मिलती है। लेकिन दो दिन पहले सऊदी हुकूमत ने अचानक व्यवस्था बदल दी। इससे हिंदुस्तान के हजयात्रियों के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है। हरम शरीफ के तीन किमी के दायरे में आने वाले होटलोेें में वहां के सिविल डिफेंस से खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी है।
विज्ञापन
इसके चलते होटलों से गैस स्टोव हटा लिए गए हैं। ग्रीन कैटेगरी के भारतीय हजयात्री खाना बनाकर नहीं खा सकेंगे। इससे सबसे अधिक बुजुर्ग आजमीनों को दिक्कत रही है। हालांकि अजीजिया कैटेगरी के हजयात्रियों को ये सुविधा मिल रही है। वहीं शुरुआती दौर में गए हजयात्रियों को सिम कार्ड के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
आजमीनों को हज कमेटी ओर से सिम नहीं दिया गया है। घंटों कतार में खड़े होकर आजमीनों को खुद मिस कार्ड खरीदना पड़ा। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि सऊदी अरब की सिविल डिफेंस ने हरम शरीफ के तीन किमी के अंदर होटलों में खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि हज कमेटी इंडिया की वहां की हुकूमत से बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि भारतीय हजयात्रियों को खाना बनाने की इजाजत मिल जाए।