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Moradabad News: सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ाए विद्यार्थियों ने कदम
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मुरादाबाद। सपनों को उड़ान देने के लिए रविवार को आईएफटीएम विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी परीक्षा में उत्साह से लबरेज कक्षा नौ, दस, 11 और 12 के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी परिजनों के साथ सुबह साढ़े नौ बजे से ही एकत्र होने लगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जगह-जगह नोटिस बोर्ड पर उनके अनुक्रमांक के हिसाब से परीक्षा कक्ष संख्या लिखी हुई थी। बुकलेट पर अनुक्रमांक व अन्य विवरण भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया।
विद्यार्थी जितनी देर परीक्षा में व्यस्त रहे, उनका इंतजार कर रहे परिजनों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई थी। विद्यार्थी ही नहीं, उनके अभिभावक भी परीक्षा के लिए उत्साहित दिखे। परीक्षा देकर जब बच्चे बाहर निकले तो उनके चेहरे पर खुशी की अलग ही चमक दिखाई दे रही थी।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी पांडे ने कहा कि इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। छात्र इसे लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं। कुलसचिव प्रो. संजीव अग्रवाल ने परीक्षा के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दी।
इनका रहा महत्वपूर्ण सहयोग
परीक्षा प्रति कुलपति प्रो. नवनीत वर्मा एवं वित्त अधिकारी डॉ. केपी सिंह के निर्देशन में आयोजित हुई। डॉ बीके सिंह, डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ ललित जौहरी, डॉ. रमेश पाल, डॉ अशोक कुमार डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. मनीष रंजन पांडेय, डॉ. भारत भूषण अग्रवाल, डॉ. राजदीप सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित भटनागर, मेघा गुप्ता, डॉ. शुभम गौर, अरविंद कुमार का प्रमुख योगदान रहा।
आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों के लिए परीक्षा वरदान
प्रति कुलपति (एक्सटर्नल अफेयर्स) प्रो. राहुल कुमार मिश्रा का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति मेधावी विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने का बहुत अच्छा मौका है। छात्रवृत्ति न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि प्रतिभा को सम्मान देने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने का एक उत्कृष्ट प्रयास भी है।
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पुलिसकर्मी भी रहे मुस्तैद
पाकबड़ा थाना की पुलिस ने शांति व्यवस्था बनवाने में सहयोग किया। इस दौरान एसएचओ योगेश कुमार मावी, एसएसआई देवेंद्र सिंह, विनीत कुमार यादव, किरनबाला, मतीउर्रहमान, आकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
00
कक्षा 11 का छात्र हूं। तैयारी करते हुए मुझे तीन महीने हो गए। इसकी वजह से सवाल बहुत आसान लगे। भविष्य में मेरा डॉक्टर बनने का लक्ष्य है।
अनिकेत, महमूद नगला
मैं समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करना चाहती हूं, ताकि लोगों की मदद कर सकूं। पेपर बहुत अच्छा हुआ है। मुझे पूरा भरोसा है कि छात्रवृत्ति मिल जाएगी।
आकांक्षा सैनी, जयंतीपुर
परीक्षा छूटने से आधा घंटा पहले ही मैंने सभी सवाल हल कर दिए थे। मैं अगस्त से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। मुझे पुलिस विभाग में अपना कॅरिअर बनाना है।
उर्वशी, रेलवे हरथला कालोनी
मैं कक्षा 12 का छात्र हूं। सेना में जाने का सपना है। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाएं देता हूं। इस परीक्षा के लिए भी बहुत उत्साहित था। क्योंकि अच्छे अंकों से पास होने के बाद छात्रवृत्ति भी मिलेगी।
अंकुश, सहसपुर
मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहती हूं। यह परीक्षा इसलिए भी दी है, ताकि जब छात्रवृत्ति मिले तो उससे कोचिंग कर सकूं। मुझे पेपर आसान लगा।
सुहानी, वीरपुर
मुझे सिविल सर्विसेज में जाना है। दो महीने से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। मैंने सभी सवाल हल कर दिए हैं। मेरे पापा किसान हैं, छात्रवृत्ति से आगे की पढ़ाई करना चाहती हूं।
मोनिका, बिलारी
मैं 11 की छात्रा हूं। पढ़ाई के अलावा नीट की भी तैयारी कर रही हूं। सामान्य ज्ञान के सवाल काफी आसान थे। हालांकि मैंने पूरा पेपर निर्धारित समय से करीब दस मिनट पहले ही हल कर दिया था।
कल्पना, इस्लामनगर
मुझे क्रिकेटर बनना है। मैं कक्षा दस का छात्र हूं। जब मैं इस परीक्षा में सफल हो जाऊंगा और जो छात्रवृत्ति मिलेगी, उसे कोचिंग पर खर्च करुंगा, ताकि मेरा खेल अच्छा हो सके और मैं परिवार का नाम रोशन कर सकूं।
विशाल, भोजपुर
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परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी परिजनों के साथ सुबह साढ़े नौ बजे से ही एकत्र होने लगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जगह-जगह नोटिस बोर्ड पर उनके अनुक्रमांक के हिसाब से परीक्षा कक्ष संख्या लिखी हुई थी। बुकलेट पर अनुक्रमांक व अन्य विवरण भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया।
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विद्यार्थी जितनी देर परीक्षा में व्यस्त रहे, उनका इंतजार कर रहे परिजनों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई थी। विद्यार्थी ही नहीं, उनके अभिभावक भी परीक्षा के लिए उत्साहित दिखे। परीक्षा देकर जब बच्चे बाहर निकले तो उनके चेहरे पर खुशी की अलग ही चमक दिखाई दे रही थी।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी पांडे ने कहा कि इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। छात्र इसे लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं। कुलसचिव प्रो. संजीव अग्रवाल ने परीक्षा के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दी।
इनका रहा महत्वपूर्ण सहयोग
परीक्षा प्रति कुलपति प्रो. नवनीत वर्मा एवं वित्त अधिकारी डॉ. केपी सिंह के निर्देशन में आयोजित हुई। डॉ बीके सिंह, डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ ललित जौहरी, डॉ. रमेश पाल, डॉ अशोक कुमार डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. मनीष रंजन पांडेय, डॉ. भारत भूषण अग्रवाल, डॉ. राजदीप सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित भटनागर, मेघा गुप्ता, डॉ. शुभम गौर, अरविंद कुमार का प्रमुख योगदान रहा।
आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों के लिए परीक्षा वरदान
प्रति कुलपति (एक्सटर्नल अफेयर्स) प्रो. राहुल कुमार मिश्रा का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति मेधावी विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने का बहुत अच्छा मौका है। छात्रवृत्ति न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि प्रतिभा को सम्मान देने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने का एक उत्कृष्ट प्रयास भी है।
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पुलिसकर्मी भी रहे मुस्तैद
पाकबड़ा थाना की पुलिस ने शांति व्यवस्था बनवाने में सहयोग किया। इस दौरान एसएचओ योगेश कुमार मावी, एसएसआई देवेंद्र सिंह, विनीत कुमार यादव, किरनबाला, मतीउर्रहमान, आकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कक्षा 11 का छात्र हूं। तैयारी करते हुए मुझे तीन महीने हो गए। इसकी वजह से सवाल बहुत आसान लगे। भविष्य में मेरा डॉक्टर बनने का लक्ष्य है।
अनिकेत, महमूद नगला
मैं समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करना चाहती हूं, ताकि लोगों की मदद कर सकूं। पेपर बहुत अच्छा हुआ है। मुझे पूरा भरोसा है कि छात्रवृत्ति मिल जाएगी।
आकांक्षा सैनी, जयंतीपुर
परीक्षा छूटने से आधा घंटा पहले ही मैंने सभी सवाल हल कर दिए थे। मैं अगस्त से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। मुझे पुलिस विभाग में अपना कॅरिअर बनाना है।
उर्वशी, रेलवे हरथला कालोनी
मैं कक्षा 12 का छात्र हूं। सेना में जाने का सपना है। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाएं देता हूं। इस परीक्षा के लिए भी बहुत उत्साहित था। क्योंकि अच्छे अंकों से पास होने के बाद छात्रवृत्ति भी मिलेगी।
अंकुश, सहसपुर
मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहती हूं। यह परीक्षा इसलिए भी दी है, ताकि जब छात्रवृत्ति मिले तो उससे कोचिंग कर सकूं। मुझे पेपर आसान लगा।
सुहानी, वीरपुर
मुझे सिविल सर्विसेज में जाना है। दो महीने से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। मैंने सभी सवाल हल कर दिए हैं। मेरे पापा किसान हैं, छात्रवृत्ति से आगे की पढ़ाई करना चाहती हूं।
मोनिका, बिलारी
मैं 11 की छात्रा हूं। पढ़ाई के अलावा नीट की भी तैयारी कर रही हूं। सामान्य ज्ञान के सवाल काफी आसान थे। हालांकि मैंने पूरा पेपर निर्धारित समय से करीब दस मिनट पहले ही हल कर दिया था।
कल्पना, इस्लामनगर
मुझे क्रिकेटर बनना है। मैं कक्षा दस का छात्र हूं। जब मैं इस परीक्षा में सफल हो जाऊंगा और जो छात्रवृत्ति मिलेगी, उसे कोचिंग पर खर्च करुंगा, ताकि मेरा खेल अच्छा हो सके और मैं परिवार का नाम रोशन कर सकूं।
विशाल, भोजपुर