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हड़तालःबैंकों में ढाई सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 03 Sep 2016 10:47 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का महानगर में खासा असर दिखा। महानगर के कुल 21 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय बैंकों में से अधिकांश बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों की एक दिवसीय हड़ताल से महानगर में ढाई सौ करोड़ की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित रही। हड़ताल में रोडवेज, बीएसएनएल समेत एक दर्जन से अधिक विभागों के कर्मचारी भी शामिल रहे।
आर्थिक मामलों के मुताबिक शुक्रवार की हड़ताल में बैंकों में करीब 50 करोड़ का कैश ट्रांजिक्शन प्रभावित रहा। वहीं क्लीयरिंग हाउस में करीब 150 करोड़ के चेकों की क्लीयरिंग नहीं हुई। इससे महानगर की आर्थिक गतिविधि प्रभावित रही। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में महानगर के विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
इस दौरान महानगर में विभिन्न स्थानों पर बैंक कर्मियों की हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी की कामगार विरोधी नीतियों के कारण देश के 15 करोड़ कामगारों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार बैंकों के निजीकरण की मंशा से बैंकिंग सुधार का सहारा ले रही है। सहयोगी बैंकों को उनके मूल बैंकों में विलय कर हजारों बैक कर्मचारी को बेरोजगार बनाने की तैयारियां चल रही हैं।
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कार्पोरेट ऋण बकाएदारों द्वारा जनता के धन की लूटा जा रहा है। इसी कारण बैंकों में एनपीए के मामले बढ़ रहे हैैं। इससे बैंक उद्योग का लाभ लगातार घट रहा है। वहीं सरकार बैंकों में 75 तक निजी पूंजी निवेश से बैंकों का निजीकरण करना चाहती है। वक्ताओं ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर बैंक कर्मचारी आंदोलनरत हैं।
एक्सपोर्टरों को तीन दिनों तक होगा नुकसान
मुरादाबाद। शुक्रवार की हड़ताल से जहां सामान्य कारोबार प्रभावित रहा वहीं एक्सपोर्टरों को इस हड़ताल का खामियाजा तीन दिन तक भुगतना पड़ेगा। विदेश व्यापार से संबंधित आर्थिक गतिविधियां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई हेड क्वार्टर से संचालित होती हैं। लेकिन शनिवार को हेड आफिस बंद रहेगा। वहीं रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण आर्थिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी।
हड़ताल से बाहर रही एसबीआई
मुरादाबाद। केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार शाम खुद को अलग कर लिया। एसबीआई के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। लेकिन इससे हड़ताल पर बड़ा असर नहीं दिखा। एसबीआई में भी आंशिक आर्थिक गतिविधियां ही संचालित हो पाई।
एक दर्जन से अधिक यूनियनों की गरज से गूंजा महानगर
मुरादाबाद। कंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर महानगर के विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, नार्दन रेलवे मेंस यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन, यूपी वाणिज्यकर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन, यूपी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन, पीतल मजदूर यूनियन, नेशनल फेडरेशन ऑफ टेलीकॉम एम्पाइज, एआईआईईए, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन और छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया समेत कई संगठन के लोेग हड़ताल पर रहे। यूनियनों से जुड़े कर्मचारियोें ने महानगर के विभिन्न स्थलों से जुलूस निकाला व अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
आर्थिक मामलों के मुताबिक शुक्रवार की हड़ताल में बैंकों में करीब 50 करोड़ का कैश ट्रांजिक्शन प्रभावित रहा। वहीं क्लीयरिंग हाउस में करीब 150 करोड़ के चेकों की क्लीयरिंग नहीं हुई। इससे महानगर की आर्थिक गतिविधि प्रभावित रही। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में महानगर के विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
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इस दौरान महानगर में विभिन्न स्थानों पर बैंक कर्मियों की हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी की कामगार विरोधी नीतियों के कारण देश के 15 करोड़ कामगारों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार बैंकों के निजीकरण की मंशा से बैंकिंग सुधार का सहारा ले रही है। सहयोगी बैंकों को उनके मूल बैंकों में विलय कर हजारों बैक कर्मचारी को बेरोजगार बनाने की तैयारियां चल रही हैं।
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कार्पोरेट ऋण बकाएदारों द्वारा जनता के धन की लूटा जा रहा है। इसी कारण बैंकों में एनपीए के मामले बढ़ रहे हैैं। इससे बैंक उद्योग का लाभ लगातार घट रहा है। वहीं सरकार बैंकों में 75 तक निजी पूंजी निवेश से बैंकों का निजीकरण करना चाहती है। वक्ताओं ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर बैंक कर्मचारी आंदोलनरत हैं।
एक्सपोर्टरों को तीन दिनों तक होगा नुकसान
मुरादाबाद। शुक्रवार की हड़ताल से जहां सामान्य कारोबार प्रभावित रहा वहीं एक्सपोर्टरों को इस हड़ताल का खामियाजा तीन दिन तक भुगतना पड़ेगा। विदेश व्यापार से संबंधित आर्थिक गतिविधियां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई हेड क्वार्टर से संचालित होती हैं। लेकिन शनिवार को हेड आफिस बंद रहेगा। वहीं रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण आर्थिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी।
हड़ताल से बाहर रही एसबीआई
मुरादाबाद। केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार शाम खुद को अलग कर लिया। एसबीआई के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। लेकिन इससे हड़ताल पर बड़ा असर नहीं दिखा। एसबीआई में भी आंशिक आर्थिक गतिविधियां ही संचालित हो पाई।
एक दर्जन से अधिक यूनियनों की गरज से गूंजा महानगर
मुरादाबाद। कंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर महानगर के विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, नार्दन रेलवे मेंस यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन, यूपी वाणिज्यकर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन, यूपी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन, पीतल मजदूर यूनियन, नेशनल फेडरेशन ऑफ टेलीकॉम एम्पाइज, एआईआईईए, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन और छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया समेत कई संगठन के लोेग हड़ताल पर रहे। यूनियनों से जुड़े कर्मचारियोें ने महानगर के विभिन्न स्थलों से जुलूस निकाला व अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।