फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   SSP bungalow case in Moradabad: SSP residence is registered as IPS house for 100 years

मुरादाबाद में SSP बंगला केस: 100 साल से आईपीएस हाउस के नाम से दर्ज है एसएसपी आवास, एसआईटी खोज रही असली मालिक

Mon, 05 Aug 2024 03:52 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 05 Aug 2024 03:52 PM IST
सार

मुरादाबाद एसएसपी आवास के फर्जी कागज बनकार मालिकाना हक जताने की जांच शुरू हो गई है। पता चला है कि एसएसपी आवास की जमीन का खुद को मालिक बताकर एक व्यक्ति 16 साल तक किराया वसूलता रहा। अब यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 

विज्ञापन
SSP bungalow case in Moradabad: SSP residence is registered as IPS house for 100 years
मुरादाबाद एसएसपी आवास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद एसएसपी आवास के फर्जी कागज बनाने के मामले में जांच कर रही एसआईटी को नए राज पता चल रहे हैं। जांच में पता चला है कि सौ साल से नगर निगम में एसएसपी आवास आईपीएस हाउस के नाम से दर्ज है। वहीं, इस मामले में संदेह होने पर पांच माह पहले तत्कालीन एसएसपी ने दो भाइयों सुनील और सुधीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन


पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। एसएसपी आवास की जमीन का खुद को मालिक बताकर एक व्यक्ति 16 साल तक किराया वसूलता रहा। किराया बढ़ाने का मामला कोर्ट में पहुंचा तो तत्कालीन एसएसपी हेमराज मीणा ने जमीन के रिकाॅर्ड की छानबीन कराई।
विज्ञापन


खुद को जमीन का मालिक बताने का रिकाॅर्ड जब रेवेन्यू विभाग में नहीं मिला तो एसएसपी ने किराया देना बंद कर दिया। उन्होंने सिविल लाइंस थाने में आरोपी भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मुकदमे की विवेचना पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं अब एसआईटी भी मामले की जांच कर रही है। एक सप्ताह में एसआईटी डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद फर्जी कागज बनाकर एसएसपी आवास पर दावा ठोंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। 

1927 से आवास विकास कॉलोनी में है एसएसपी का बंगला

1927 के पहले मुरादाबाद एसएसपी का निवास एडीजी ट्रेनिंग के आवास में था, लेकिन पुलिस एकेडमी के एडीजी की मुरादाबाद में तैनाती के बाद वह आवास उन्हें दे दिया गया। एसएसपी को 1927 में आवास विकास कॉलोनी में स्थान दिया गया। यह आवास करीब 6000 वर्ग मीटर में फैला है। तभी से मुरादाबाद के एसएसपी इसी बंगले में रहते रहे हैं।

2003 में एसएसपी आवास पर जताया मालिकाना हक

एसएसपी बंगले पर 1927 से 2003 तक किसी ने अपना मालिकाना हक नहीं जताया था। 2003-04 में एक अधिवक्ता ने इस बंगले को अपना बताते हुए कोर्ट में दावा ठोंक दिया। इसके बाद एसएसपी पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराया का भुगतान करते रहे।

2019 में जब किराया बढ़ाने का मामला कोर्ट में पहुंचा गया तो एसएसपी ने किराया देना बंद कर दिया। इसके बाद जांच कराई गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। एसआईटी में शामिल अपर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी पूरे रिकार्डों की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। मंडलायुक्त आंजनेय सिंह ने एक सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।



एसएसपी आवास की जमीन के मामले में अपर आयुक्त सर्वेश गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है। इसमें पुलिस को शामिल नहीं किया गया है। जांच के बाद अधिकारी जो रिपोर्ट देंगे, उसी आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह मंडलायुक्त, मुरादाबाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed