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मुद्दाः राष्ट्रीय खेल दिवस पर ध्यानचंद को मिले भारत रत्न, खेलजगत ने मांग उठाई
Mon, 26 Aug 2019 10:39 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संभल/रामपुर/अमरोहा/मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संभल/रामपुर/अमरोहा/मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 26 Aug 2019 10:39 PM IST
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मेजर ध्यानचंद
- फोटो : Sportskeeda.com
जनप्रतिनिधियों और खेल जगत की ओर से हाकी के जादूगर दद्दा ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग प्रबल हो गई है। सबका एक सुर में कहना है कि इसी साल दद्दा की जयंती यानी 29 अगस्त को केंद्र सरकार ध्यान चंद को भारत रत्न देने का एलान करे।
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संभल के सांसद बर्क राष्ट्रपति को लिखेंगे पत्र
भारत रत्न सम्मान पर मेजर ध्यानचंद का हक बनता है। मैं तो यही कहूंगा कि अगर उन्हें सरकार भारत रत्न देकर सम्मानित करती है तो हिंदुस्तान का सम्मान बढ़ेगा। मेरी खुले दिल से उन्हें भारत रत्न से विभूषित किए जाने की मांग है। इस बारे में मैं राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अवगत करा रहा हूं। -डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क, सांसद संभल
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दद्दा को सर्वोच्च सम्मान देना भारत सरकार की जिम्मेदारी
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने में देरी होना दुर्भाग्य की बात है। इसी महीने 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती है। अगर सरकार इसी दिन उन्हें भारत रत्न दिए जाने का एलान करे। ध्यानचंद को सर्वोच्च सम्मान देना भारत सरकार की जिम्मेदारी है। -जावेद अली खां, सपा राज्यसभा सदस्य
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ध्यानचंद को मिले भारत रत्न
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना चाहिए। इसको लेकर मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग करूंगी कि ध्यानचंद को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए। 29 अगस्त को उनकी पर उनको भारत रत्न देने का एलान हो जाए तो यह उनका सच्चा सम्मान होगा। मुझसे जो कुछ भी हो सकेगा मैं इस दिशा में कोशिश करूंगी।
राजबाला विधायक, मिलक
भारत रत्न दिए जाने में देरी करना अन्याय होगा
ध्यानचंद को भारत रत्न से बहुत पहले सम्मानित कर दिया जाना चाहिए था। क्योंकि उनकी बदौलत ही हॉकी भारत विश्व विजेता बना और उनकी दी गई पहचान आज भी कायम है। हॉकी में उससे बड़ा खिलाड़ी कोई नहीं हुआ। उन्हें सरकार इसी महीने भारत रत्न दिए जाने का एलान करे। -शफीर हैदर हॉकी के राष्ट्रीय खिलाड़ी (ध्यानचंद के बेटे के साथ मैच खेल चुके हैं)
बहुत पहले मिल जाना चाहिए था सम्मान
मेजर ध्यानचंद भारत रत्न के हकदार है। उन्हें ये सम्मान बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक ये सम्मान नहीं मिला। जबकि वह देश के राष्ट्रीय खेल के दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे। -अली इमाम रिजवी, पूर्व स्टेट हॉकी खिलाड़ी
हर साल किसी ना किसी को भारत रत्न पुरस्कार मिल रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना चाहिए, लेकिन अफसोस है कि इतने महान खिलाड़ी को देश का सर्वोच्च सम्मान अभी तक नहीं मिल सका। संजय शर्मा, पूर्व हॉकी खिलाड़ी
ध्यानचंद सौ फीसदी भारत रत्न के हकदार थे। इनके बाद आए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भारत रत्न से सम्मानित कर दिया गया है, लेकिन देश का मान सम्मान और गौरव बढ़ने वाले ध्यानचंद इससे महरूम रह गए। -आसिफ हुसैन, पूर्व स्टेट हॉकी खिलाड़ी
अब तो लगता है कि भारत रत्न देने का कोई मानदंड नहीं रह गया है। किसी को भी दे दिया जा रहा है। जबकि ये सम्मान पाने का सबसे पहला हक मेजर ध्यानचंद का था। जिनकी हॉकी का हिटलर जैसा तानाशाह भी दीवाना था। -सैयद विकार मेहंदी, पूर्व स्टेट हॉकी खिलाड़ी
कई प्रशिक्षकों और 50 खिलाड़ियों ने पत्र लिख मांग उठाई
सोनकपुर स्टेडियम में प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने भारत के राष्ट्रपति के नाम पत्र भेजकर दद्दा को भारत रत्न दिलाने की मांग की है। उप क्रीड़ाधिकारी रंजीत राज का कहना है कि जिस वक्त देश समस्याओं से जूझ रहा था, उस समय मेजर ध्यानचंद ने हाकी के खेल को दुनिया में सिरमौर बना दिया था। अब तक उन्हें भारत रत्न मिल जाना चाहिए।
योगेश श्रीवास्तव का कहना है कि मेजर ध्यानचंद की बराबरी कोई खिलाड़ी कर ही नहीं सकता है। ऐसे में सरकार का फर्ज था कि वह दद्दा के योगदान को देखते ही भारत रत्न की घोषणा वर्षों पहले ही कर देती। प्रशिक्षक यश शुक्ला का कहना है कि सरकार ने सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दे दिया है। यह खेल के लिए गर्व की बात है। ऐेसे में ध्यानचंद को भी भारत रत्न खिलाड़ियों का गौरव बढ़ाएगा। इसके साथ ही हाकी, कबड्डी, एथलेटिक्स और क्रिकेट के करीब 50 खिलाड़ियों ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान वैशाली, जितेंद्र सिंह, शुभम शर्मा, विवेक शर्मा, वंशजीत, नमन, लकी, पिंकी, हरीश जोशी आदि ने मांग की।
योगेश श्रीवास्तव का कहना है कि मेजर ध्यानचंद की बराबरी कोई खिलाड़ी कर ही नहीं सकता है। ऐसे में सरकार का फर्ज था कि वह दद्दा के योगदान को देखते ही भारत रत्न की घोषणा वर्षों पहले ही कर देती। प्रशिक्षक यश शुक्ला का कहना है कि सरकार ने सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दे दिया है। यह खेल के लिए गर्व की बात है। ऐेसे में ध्यानचंद को भी भारत रत्न खिलाड़ियों का गौरव बढ़ाएगा। इसके साथ ही हाकी, कबड्डी, एथलेटिक्स और क्रिकेट के करीब 50 खिलाड़ियों ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान वैशाली, जितेंद्र सिंह, शुभम शर्मा, विवेक शर्मा, वंशजीत, नमन, लकी, पिंकी, हरीश जोशी आदि ने मांग की।