{"_id":"60e6ffcb3cb160403534b828","slug":"speculative-business-in-jail-was-going-on-at-the-behest-of-jail-superintendent-revealed-in-investigation-report-of-dig-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरादाबाद: सलाखों के पीछे से सट्टे का कारोबार, जेल अधीक्षक के इशारे पर चल रहा था धंधा, डीआईजी जेल की जांच रिपार्ट में खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरादाबाद: सलाखों के पीछे से सट्टे का कारोबार, जेल अधीक्षक के इशारे पर चल रहा था धंधा, डीआईजी जेल की जांच रिपार्ट में खुलासा
Thu, 08 Jul 2021 07:08 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 08 Jul 2021 07:08 PM IST
सार
मुरादाबाद जिला कारागार के तत्कालीन जेलर रीवन सिंह ने जेल में भ्रष्टाचार और सट्टा कराए जाने की शिकायत की थी। 27 अप्रैल को जेलर की शिकायत पर जांच आगरा-मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी अखिलेश कमार को जांच सौंपी गई थी।
विज्ञापन
मुरादाबाद जेल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला कारागार में सट्टे का कारोबार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस कारोबार को बैरक में बंद कोई अपराधी नहीं, बल्कि खुद तत्कालीन जेल अधीक्षक करा रहे थे। डीआईजी जेल की जांच रिपोर्ट में इसी बात का दावा किया गया है। जांच पूरी करने बाद डीआईजी जेल ने अपनी रिपोर्ट पुलिस महा निदेशक (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं) को सौंप दी है।
विज्ञापन
मुरादाबाद जिला कारागार के तत्कालीन जेलर रीवन सिंह ने जेल में भ्रष्टाचार और सट्टा कराए जाने की शिकायत की थी। 27 अप्रैल को जेलर की शिकायत पर जांच आगरा-मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी अखिलेश कमार को जांच सौंपी गई थी। डीआईजी जेल ने तीन मार्च 2021 को मुरादाबाद जेल पहुंचकर इस मामले की जांच की थी।
विज्ञापन
उन्होंने यहां जेल अधीक्षक, जेलर, बंदी और हेड जेलर वार्डर के बयान दर्ज किए थे। जांच पूरी करने के बाद डीआईजी ने अपनी रिपोर्ट जांच दी। जिसमें तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की।
विज्ञापन
इसके अलावा हेड जेल वार्डर सत्येंद्र सिंह और ह्दय नारायण की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उनके आने से पहले का मामला है। डीआईजी जेल अखिलेश कुमार ने इस मामले में जांच की थी। जांच रिपोर्ट डीजी जेल को सौंपी गई है।