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ज्वैलर्स की अरबों रुपये की जमीन कब्जाने पहुंचा ‘नेता गैंग’

ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Sun, 24 Jul 2016 10:58 AM IST
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अपराध - फोटो : demo
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 सरकार और पब्लिक की जमीनों को कब्जाने में बदनाम शहर के कुछ ‘पावरफुल’ नेताओं के गैंग ने शनिवार को भारती ज्वैलर्स के मालिकों की हाईवे किनारे स्थित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। नेता गैंग के गुर्गे जेसीबी लेकर ज्वैलर्स की जमीन में घुस गए और कब्जा करने लगे। बखेड़ा हुआ तो नेता ने गुर्गे वापस बुला लिए, अल्टीमेटम दिया कि रविवार सुबह आकर कब्जा करेंगे। ज्वैलर्स ने मझोला थाने में तहरीर दी है, लेकिन एक सपा नेता के दबाव में पुलिस ने कदम पीछे खींच लिए हैं।
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शहर के कुछ ‘पावरफुल’ नेताओं का गैंग पिछले दो - ढाई साल से शहर के खाली प्लाटों पर कब्जे कर रहा है। गैंग ने अपने मिजाज के पुलिस वालों को भी अपने साथ शामिल कर लिया है। पुलिस की शह पर जमीनों पर कब्जे होते हैं और फिर भूमि मालिकों को कब्जा छोड़ने के नाम पर ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जाती है। यह रकम नेता गैंग के साथ ही गैंग में शामिल चुनिंदा पुलिस वालों में भी बंटती है। 
शनिवार रात करीब आठ बजे इसी गैंग के गुर्गे जेसीबी लेकर मझोला थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा की बगल में स्थित भारती ज्वैलर्स के मालिक अवधेश कुमार रस्तोगी के 8000 वर्ग मीटर के भूखंड पर पहुंचे और कब्जा करने लगे। जमीन अवैध और उनके पांच अन्य भाइयों के नाम है। बिल्डर केसी अग्रवाल के बेटे पराग अग्रवाल के साथ मझोला थाने पहुंचे अवधेश ने कब्जा करने वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
लेकिन पुलिस ने एक सत्ताधारी नेता के दबाव में रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। अवधेश रस्तोगी और पराग अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि सत्ता के दबाव में उनकी फरियाद को हर जगह अनसुना किया जा रहा है। दोनों ने कुछ पुलिस वालों पर भी खेल में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। मझोला पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।

ज्वैलर्स भाई कर चुके हैं बिल्डर को सौदा 
 हाईवे से एकदम सटी अरबों रुपये की इस जमीन के पीछे बिल्डर केसी अग्रवाल का नाम भी सामने आ रहा है। यही वजह है कि बिल्डर केसी अग्रवाल का बेटा पराग अग्रवाल ज्वैलर्स के साथ आधी रात तक पैरवी में जुटा रहा। दरअसल हाईवे किनारे की इस जमीन में अवधेश कुमार रस्तोगी के अलावा उनके पांच भाइयों पंकज कुमार, उमेश कुमार, सुरेश कुमार, नवीन कुमार और संजीव रस्तोगी का भी नाम है।

शुरू में इस जमीन के बंटवारे को लेकर छह भाइयों में विवाद था। लेकिन बाद में इनमें हिस्सा बंटवारा हो गया। इसके बाद जमीन पर रहने वाले ज्वैलर्स के कुछ नौकरों व किराएदारों ने जमीन पर कब्जा जमा लिया और उन्होंने रजिस्टी शुरू कर दीं। इसके बाद अवधेश रस्तोगी और चार अन्य भाइयों ने बिल्डर केसी अग्रवाल को जमीन का सौदा कर दिया, लेकिन एक भाई बिल्डर को जमीन देने पर राजी नहीं हुआ। इसी विवाद की भनक नेता गैंग तक पहुंची और ‘पावरफुल’ नेताओं ने इस जमीन को कब्जाने की प्लानिंग कर ली।
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