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चार फुट की दूरी पर बुवाई, गन्ने के साथ सरसों की लगाई , हुई बढिया कमाई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:30 AM IST
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Sowing of sugarcane at a distance of four feet, also planted mustard crop in the middle
मुरादाबाद। खानपुर के किसान ने एक एकड़ में चार फीट की दूरी पर गन्ना बोया। इसके बीच में सरसों की फसल लगाई। समय पर पानी दिया और निराई की। इसका नतीजा हुआ कि गन्ने की प्रति बीघा 70 क्विंटल उपज हुई, जबकि सामान्य तौर से यह 50 क्विंटल प्रति बीघा होती है। इसके अलावा डेढ़ क्विंटल बीघा सरसों की पैदावार भी मिली। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि बेहतर उत्पादन के लिए जिले के 40 किसानों को उत्तम गन्ना कृषक की उपाधि से नवाजा जाएगा।
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उत्तम गन्ना कृषक की उपाधि के लिए चुने गए कामेंद्र ने बताया कि एरो और मल्चर के प्रयोग से भी खेत पर काफी प्रभाव पड़ता है। किसान करम चंद ने करीब 40 बीघा में गन्ना बोया। करीब 6 क्विंटल गोबर की देशी खाद के बाद बुवाई से पहली डाली। पांच बीघा में एक बैग एनपीके लगाया। ट्रेंच विधि से बुवाई की। समय पर सिंचाई की। इसके चलते 60 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हुआ। इसी तरह रसूलपुर के अजय कुमार, तगाली के राजेंद्र सिह, पानूवाला निवासी राजपाल आदि किसानों ने भी इस विधि को अपनाकर फसलों की अच्छी पैैदावार की है।
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दरअसल गन्ना विभाग ने ट्रैंच प्लाटिंग, पेड़ी प्रबंधन, सहफसली, ट्रैंच मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों से गन्ने की खेती को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की थी। इसे पंचामृत का नाम दिया गया था। इसका मकसद किसानों की लागत में कमी कर आय दुगनी करना है।
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जिला गन्नाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि इस विधि से खेती करने वाले 1555 किसानों को जिले में चयनित किया गया है। जिन्हें उत्तम गन्ना कृषक की उपाधि दी जाएगी। इसके लिए उन्हें उत्तम गन्ना कृषक का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। मुरादाबाद जिले में 40 किसानों का चयन हुआ है। अगवानपुर, ठाकुरद्वारा, बिलारी और बेलवाड़ा चार गन्ना विकास परिषद में 10-10 किसान शामिल हैं। इन किसानों के खतों को आधा हेक्टेयर में आदर्श मॉडल प्लाट बनाकर शरद कालीन बुवाई की जाएगी। इनके खेतों को मॉडल के रुप में लेकर अन्य किसानों को भी इनकी तरह खेती करने को प्रेरित किया जाएगा।

ये किसान हुए चयनित
अर्जन सिंह निवासी शरीफ नगर, कुलदीप निवासी सुल्तानपुर खददर, श्योपाल निवासी सलारपुर, भोपाल निवासी चावड़, ध्यान सिंह निवासी नूरपुर, वीर सिंह निवासी सीतापुर, राजेंद्र सिंह निवासी तगाली, मुरारी सिंह निवासी मडैया घोंटा, गजेंद्र कुमार निवासी दारापुर रामानंद निवासी पीपली अहीर और राजपाल निवासी पानूवाला हैं। बिलारी और अगवानपुर क्षेत्र कर्मचंद निवासी डहरा, दर्शन सिंह निवासी गावड़ी, अचल कुमार निवासी खलीलपुर, महेंद्र प्रताप मूंढाखेड़ी, करन सिंह निवासी मीरा, यशपाल रसूलपुर, अजय कुमार सलेमपुर, राकेश कुमार कुचावली, कामेंद्र खानपुर, हरिओम एदलपुर।
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