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Moradabad News: सोलह साल बाद भी 60 सफाईकर्मियों को वेतन नहीं मिला
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मुरादाबाद। जिले के छजलैट ब्लॉक के 60 सफाई कर्मचारियों का 16 साल बाद भी दो माह का बकाया वेतन नहीं मिल सका है। सफाई कर्मचारी संघ ने आशंका जताई कि धन का गबन कर लिया गया है। इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच होनी चाहिए। शिकायत के आधार पर संयुक्त आयुक्त ने डीडी पंचायत से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने उच्चाधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया कि विकास खंड छजलैठ के 60 सफाई कर्मचारियों का वर्ष 2009-10, 2010-11 के दो महीने का वेतन बकाया है। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन सीडीओ के समक्ष 27 मई 2023 को प्रस्तुत होकर प्रार्थनापत्र दिया था। इस मामले में डीडीओ को समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।
डीडीओ ने डीपीआरओ को निर्णय लेने के निर्देश दिए। डीडीओ का कहना था कि मुख्यालय से चेक वापस लौटकर आए थे। इस कारण स्पष्ट है कि सफाईकर्मियों को पैसे नहीं मिल पाए हैं। सफाईकर्मियों का आरोप है कि शिकायत के मामले में जांच आख्या गोलमोल कर दी गई थी। इस मामले में किसी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया।
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अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चेकों का समर्पण शासन को किया गया है या नहीं। इस मामले में सफाई कर्मचारी संघ ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की। इस मामले में संयुक्त विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह ने डीडी पंचायत से तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। डीडी पंचायत का कहना है कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीपीआरओ से मांगी गई है।
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उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने उच्चाधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया कि विकास खंड छजलैठ के 60 सफाई कर्मचारियों का वर्ष 2009-10, 2010-11 के दो महीने का वेतन बकाया है। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन सीडीओ के समक्ष 27 मई 2023 को प्रस्तुत होकर प्रार्थनापत्र दिया था। इस मामले में डीडीओ को समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।
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डीडीओ ने डीपीआरओ को निर्णय लेने के निर्देश दिए। डीडीओ का कहना था कि मुख्यालय से चेक वापस लौटकर आए थे। इस कारण स्पष्ट है कि सफाईकर्मियों को पैसे नहीं मिल पाए हैं। सफाईकर्मियों का आरोप है कि शिकायत के मामले में जांच आख्या गोलमोल कर दी गई थी। इस मामले में किसी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया।
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अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चेकों का समर्पण शासन को किया गया है या नहीं। इस मामले में सफाई कर्मचारी संघ ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की। इस मामले में संयुक्त विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह ने डीडी पंचायत से तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। डीडी पंचायत का कहना है कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीपीआरओ से मांगी गई है।