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Moradabad News: बहन ने अपनी किडनी देकर भाई को दिया नया जीवन

Wed, 26 Aug 2026 01:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Wed, 26 Aug 2026 01:17 AM IST
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Sister gave her brother a new lease on life by donating her kidney.
मुरादाबाद। रिश्तों की मजबूती का अहसास अक्सर मुश्किल वक्त में होता है। ठीक इसी तरह कटघर निवासी नगर निगम के टैक्स अधिकारी सचिन कुमार के लिए उनकी बड़ी बहन स्मिता सिंह खुद जिंदगी बनकर सामने आईं। जब सचिन की दोनों किडनी जवाब दे गईं और जिंदगी की उम्मीद धुंधली पड़ने लगी, तब बहन ने अपनी किडनी देकर भाई को नया जीवन दे दिया। सचिन आज अपनी बहन को देवी मानते हैं।
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सचिन को वर्ष 2011 में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई थी। धीरे-धीरे बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया और किडनी पर असर पड़ने लगा। उनका ब्लड ग्रुप ए निगेटिव है, जो दुर्लभ माना जाता है। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। वर्ष 2016 में उनकी पत्नी श्वेता सिंह ने अपनी किडनी देकर पति की जान बचाई। इसके बाद सचिन सामान्य जिंदगी जीने लगे। करीब छह साल बाद वर्ष 2022 में उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। शरीर में खून की कमी इतनी बढ़ गई कि कई बार ब्लड की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता था। डॉक्टरों ने इंजेक्शन और अन्य उपचार के जरिये स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन बीमारी बढ़ती गई। आखिरकार सचिन को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अब दूसरी किडनी भी बदलनी पड़ेगी। यह सुनकर सचिन भीतर से टूट गए थे। उन्हें लगने लगा था कि शायद जिंदगी यहीं तक है। इसी बीच उनकी बड़ी बहन स्मिता उन्हें देखने अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने ब्लड ग्रुप की जांच की तो वह भी ए निगेटिव निकला। इसके बाद स्मिता ने बिना देर किए भाई को अपनी किडनी देने का फैसला कर लिया। जरूरी जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी किडनी सचिन को प्रत्यारोपित की गई। जिस वक्त सचिन जिंदगी की उम्मीद छोड़ने लगे थे, उसी वक्त बहन उनके लिए संकटमोचक बनकर खड़ी हो गईं।
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सचिन कहते हैं कि बहन ने उन्हें केवल किडनी नहीं, बल्कि जिंदगी दी है। वह उन्हें देवी की तरह मानते हैं। उनका कहना है कि जिंदगी की सारी उम्मीद खत्म होती दिख रही थी, लेकिन बहन के त्याग ने उन्हें फिर जीने का मौका दिया। सचिन की दवाएं अब जीवनभर चलेंगी, लेकिन फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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