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हापुड़ के हादसे से संबंधित रामपुर से

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 11:15 PM IST
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Shadow of sorrow in three houses on the happiness of Eid
ईद की खुशियों पर तीन घरों में छाया गम का अंधियारा
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हापुड़ के हादसे में जान गंवाने वालों में दो युवक शाहबाद के, तीसरा सिरौली निवासी था
शाहबाद (रामपुर)। हापुड़ में अज्ञात वाहन ने एक बाइक ही नहीं बल्कि तीन परिवारों की ईद की खुशियां रौंद दीं। हादसे में जान गंवाने वाले तीन दोस्तों में से दो शाहबाद के और तीसरा बरेली के सिरौली क्षेत्र का रहने वाला था। तीनों के परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। परिवार के कुछ सदस्य गमगीन माहौल के बीच हापुड़ रवाना हुए हैं।
शाहबाद के मोहल्ला फर्राशान निवासी शाहरुख (20) और मोहल्ला कानूनगोयान निवासी आमिर (21) दिल्ली के शास्त्री पार्क क्षेत्र में एक साथ रहते थे। दिल्ली की रिहाइश का साथ और मूल निवास के जनपद रामपुर-बरेली की नजदीकी ने तीनों के बीच दोस्ती का रंग गहरा कर दिया था। अपनों के बीच ईद मनाने के इरादे से तीनों रविवार की सुबह सहरी करके बाइक से घर के सफर पर निकले थे। इस बीच परिवार के सदस्य भी ईद की तैयारी के बीच बेटे के घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इंतजार के बीच हापुड़ पुलिस की फोन कॉल ने सबके अरमानों पर बिजली गिरा दी। बेटों के स्थान पर उनकी मौत की खबर पहुंची तो परिवार की महिलाएं बदहवास हो गईं। घरों में चीख-पुकार मच गई। रोते-बिलखते परिवार के कुछ सदस्य ईद की खुशियां भूलकर हापुड़ रवाना हो गए।
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बुढ़ापे में छिन गया पिता का मजबूत सहारा
शाहबाद। सड़क हादसे में शाहबाद के दो युवकों की मौत हो जाने से दोनों युवकों के पिता संवेदना शून्य हो गए। दरअसल, आमिर और शाहरुख परिवार में अकेले कमाने वाले थे। लिहाजा, दोनों अपने पिता के बुढ़ापे का मजबूत सहारा थे। बेटों को केंद्र में रखकर पिताओं ने जो सपने देखे थे, वे एक हादसे में चकनाचूर हो गए। परिजनों की आंखों में बेटों की मौत का दर्द साफ झलक रहा था। संवाद
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पहले खोईं दो संतानें, अब बेटा भी नहीं रहा
शाहबाद। मृतक शाहरुख के पिता शम्मा खां काफी बुजुर्ग हैं। रमजान माह में आजकल घर के बाहर तंदूर पर रोटी तैयार करने का काम कर रहे हैं। शाहरुख की मौत ने शम्मा खां को बुरी तरह तोड़ दिया। दरअसल, दस साल पहले शम्मा खां का एक बेटा अजीम तालाब में डूबकर जान गंवा चुका है। दूसरे लॉकडाउन में शम्मा खां ने अपनी बीमार बेटी को खो दिया था। इन गमों से उबर नहीं पाए कि अब शाहरुख भी नहीं रहा। संवाद
आमिर ने 22 दिन पूर्व शुरू किया था अलग काम
शाहबाद। आमिर कारपेंटर का काम करता था। काम सीखने के बाद करीब 22 दिन पूर्व उसने अपना काम अलग शुरू किया था। इससे परिवार के लोग भी काफी खुश थे। उसका अपना काम और आगे बढ़ता कि उससे पहले सड़क हादसा उसे लील गया। संवाद
अधूरा रह गया घर में रोजा इफ्तारी का अरमान
शाहबाद। परिजनों ने बताया कि आमिर और शाहरुख यह सोचकर सहरी करके सफर पर निकले थे कि वे शाम को अपने परिवार के साथ रोजा इफ्तार करेंगे। रास्ते में हादसे ने सभी का सपना चूर कर दिया। संवाद

ईद पर भाई बहनों के कपड़े ला रहे थे
रामपुर। सड़क हादसे का शिकार हुए शाहरुख के माता-पिता के अलावा तीन छोटे भाई और एक बहन है। वह सभी के लिए ईद पर कपड़े लेकर आ रहा था। आमिर का एक भाई और एक बहन है। वह भी अपने भाई-बहनों के लिए कपड़े लेकर आ रहा था। घर पहुंचने से पहले ही दोनों हादसे का शिकार हो गए और उनकी सारी उम्मीदें, भाई बहनों की खुशियां धराशाई हो गईं। संवाद
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