फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   SEZ is not getting investors for 22 years, 355 plots are vacant

Moradabad News: एसईजेड को 22 साल से नहीं मिल रहे निवेशक, 355 प्लाॅट खाली

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
SEZ is not getting investors for 22 years, 355 plots are vacant
मुरादाबाद। औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के 355 प्लाॅट 22 साल बाद भी खाली पड़े हैं। एसईजेड में इकाई स्थापित करने के लिए निवेशक नहीं मिल रहे हैं। यहां 115 प्लॉटों पर सिर्फ 65 इकाइयां भी स्थापित हैं। इसके कारण यूपीएसआईडीसी को हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है। निर्यातक इसके पीछे की वजह यहां की फैक्टरियों से निकलने वाले हस्तशिल्प वस्तुओं का घरेलू बिक्री पर रोक लगाना बता रहे हैं।
विज्ञापन

पाकबारा-डिंगरपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र 464 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) 251 एकड़ में है। इसे पॉकेट-ए और पॉकेट-बी में बांटा गया है। इसमें 470 प्लाॅट बनाए गए हैं। इसमें 115 प्लाॅट पर 65 यूनिट स्थापित की गई हैं। इसमें पॉकेट-ए में सबसे ज्यादा 60 यूनिट है। पॉकेट-बी में पांच यूनिट लगाई गई हैं। बाकी बचे 355 प्लाॅट खाली पड़े हुए हैं। इन प्लाट को खरीदने के लिए निर्यातक तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

2003 में यूपीएसआईडीसी लिमिटेड के माध्यम से एसईजेड परियोजना के विकास में 11 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। निर्यातकों को एसईजेड हस्तशिल्प व्यापार के लिए उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा, सहायक सेवाएं और क्षेत्र-विशिष्ट सुविधाएं दिया जाता है। एसईजेड में स्थापित फैक्टरियों में बनने वाले हस्तशिल्प उत्पाद का केवल निर्यात किया जाता है। निर्यातकों ने बताया कि एसईजेड में जमीन खरीदने की अनुमति घरेलू बाजार में व्यापार में बिक्री करने वाले व्यापारियों को नहीं है। केवल निर्यातक ही एसईजेड की जमीन खरीद सकते हैं। पीतलनगरी से लगातार निर्यात घट रहा है। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ की वजह से मुरादाबाद का 35 प्रतिशत निर्यात कम हो गया है। इसलिए निर्यातक एसईजेड में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
पार्क की मरम्मत के लिए टेंडर जारी
मुरादाबाद। एसईजेड हस्तशिल्प उत्पादों को लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र है। यहां पर हरित पट्टी, चारदीवारी, आंतरिक विकास, सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सबस्टेशन, सीईटीपी, अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, डिजाइन एवं प्रशिक्षण केंद्र, हेलीपैड, पार्क, विद्यालय और कैंटीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसमें कई सुविधाएं बदहाल हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास और पेड़ उग आए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पार्क की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया है। ब्यूरो
00
आठ साल में तीन गुना घटा निर्यात
मुरादाबाद। एसईजेड में स्थापित फैक्टरियों बनने वाले हस्तशिल्प उत्पाद के निर्यात में आठ साल में तीन गुना से ज्यादा गिरावट आई है। 2017 में 966 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस साल अब तक 250 करोड़ का निर्यात हुआ है। इस साल निर्यातकों को आर्डर कम मिला है। इसके कारण यहां पर निर्यातक निवेश नहीं करना चाहते हैं। निर्यातक सतपाल ने बताया कि घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) लागू करने से एसईजेड का कारोबार बढ़ेगा। एसईजेड में लोग कारखाने लगाएंगे। ब्यूरो

00
- एसईजेड में जमीन खरीदने के लिए 250 घरेलू कारोबारियों ने आवेदन किया था लेकिन यहां पर केवल निर्यातक ही इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। इसलिए केवल निर्यातकों को जमीन दिया जाता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में एसईजेड के नियम में कुछ बदलाव करने की बात चल रही है। बदलाव होने के बाद ही एसईजेड की जमीन बिक्री होने का अनुमान है। - गेशू मौर्या, जनरल मैनेजर, यूपीएसआईडीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed